

Union Budget 2024-2025:
जब सरकार के खर्च से ज़्यादा उसकी आमदनी हो जाती है, तो उसे सरप्लस बजट कहते हैं। किसी एक financial year में सरकार के पास अतिरिक्त रक़म बचना surplus budget कहलाता है। Budget का साधारण अर्थ होता है- ख़र्च और कमाई का पूरा हिसाब-किताब करना। अर्थात् आम भाषा में कहें, तो लेखा-जोखा करना। केंद्र सरकार जो budget पेश करती है उसको हम यूनियन बजट, केंद्रीय बजट या आम बजट भी कहते हैं। क्योंकि यह बजट पूरे देश के हित को लेकर बनाया जाता है। जैसे हम लोग अपने घरों का बजट बनाते हैं, ठीक उसी प्रकार सरकार द्वारा भी बजट बनाया जाता है। बजट में कितनी आमदनी होगी, कितना ख़र्च होगा और कितनी बचत होगी यह सब शामिल होता है।
आपको बता दें Ministry of Finance ने इस बार बजट भाषण में कई बड़े एलान किए हैं। जिस से आम जनता को व करदाताओं को भी राहत मिली है। निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने टैक्स सिस्टम में बदलावों की घोषणा की। इसके अलावा Standard Tax Deduction में भी बढ़ोतरी भी हुई है। आइए इस खबर में जानते हैं कि income tax system में क्या-क्या बदलाव हुए हैं।
Budget 2024 में income tax structure में बदलाव किए गए हैं, जिससे करदाताओं के लिए पुरानी और नई व्यवस्थाओं के बीच तुलना करने का मौक़ा मिला है। नई व्यवस्था में कम आय वर्ग के लिए बढ़ी हुई मानक कटौती और लाभ दिए गए हैं, जबकि पुरानी व्यवस्था में विभिन्न कटौती की अनुमति थी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में करदाताओं के लिए बड़ी घोषणा कर दी है। निर्मला सीतारमण ने कहा कि न्यू टैक्स रिजीम (New Tax Regime) में स्टैंडर्ड डिडक्शन (Standard Tax Deduction) को 75,000 रुपये कर दिया गया है। आपको बता दें, पहले स्टैंडर्ड टैक्स डिडक्शन 50,000 रुपये था।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह बदलाव केवल new tax regime के करदाताओं के लिए है। ओल्ड टैक्स रिजीम (old tax regime) के लिए Standard Tax Deduction में कोई बदलाव नहीं किए गए हैं।
वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने बताया कि इस बार न्यू टैक्स स्लैब (new tax slab) में बदलाव किए गए हैं और पुरानी कर व्यवस्था में कोई भी बदलाव नहीं किया गया है। अब नई कर व्यवस्था में 3 लाख रुपये तक के annual income पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। वहीं, 3 से 7 लाख रुपये के सालाना इनकम पर 5% टैक्स देना होगा। वहीं, 7 से 10 लाख रुपये पर 10 प्रतिशत और 10 से 12 लाख रुपये के सालाना इनकम पर 15% टैक्स देना होगा। इसी तरह 12 से 15 लाख रुपये के सालाना इनकम (Annual Income) पर 20% और 15 लाख से ज्यादा की इनकम पर 30% का टैक्स लगेगा।
घोषित नए आयकर स्लैब इस प्रकार हैं:
टैक्स कटौती में हुआ बदलाव:
Budget में न्यू टैक्स रिजीम (new tax regime) में पारिवारिक पेंशन से होने वाली कटौती को 25,000 रुपये करने का प्रस्ताव पेश किया गया है। जबकि पहले यह कटौती 15,000 रुपये थी। वहीं, इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80CCD में गैर-सरकारी नियोक्ता के संबंध में कटौती की राशि को भी 10 फीसदी से बढ़ाकर 14 फीसदी करने का प्रावधान किया गया है।
वेतनभोगियों के बीच नई व्यवस्था को अधिक लोकप्रिय बनाने के लिए, सरकार ने मानक कटौती में वृद्धि की घोषणा की और कर स्लैब में बदलाव किया। सरकार वेतनभोगी आयकरदाताओं को एक नई व्यवस्था अपनाने के लिए प्रेरित कर रही है, जिसके बारे में उसका कहना है कि यह सरल है और इसमें करों की दरें कम हैं। नई व्यवस्था की घोषणा 2020-21 के केंद्रीय बजट में की गई थी और यह पुरानी कर व्यवस्था के साथ ही मौजूद है। वेतनभोगी करदाता अपना रिटर्न दाखिल करते समय किसी भी व्यवस्था को चुनने के लिए स्वतंत्र हैं, लेकिन व्यवसाय या पेशे से आय वाले लोगों के लिए, नई व्यवस्था इस आकलन वर्ष (2024-25) से डिफ़ॉल्ट व्यवस्था है।
वेतनभोगियों के बीच नई व्यवस्था को और अधिक लोकप्रिय बनाने के लिए, सरकार ने मानक कटौती में वृद्धि की घोषणा की और कर स्लैब में बदलाव किया। इन बदलावों के परिणामस्वरूप नई कर व्यवस्था में शामिल होने वाले वेतनभोगी करदाताओं को ₹ 17,500 तक की अतिरिक्त बचत हो सकती है।
Budget भाषण में जहां एक तरफ न्यू टैक्स रिजीम (New Tax Regime) को लेकर बड़ी घोषणा की गई हैं, वहीं Share Market के निवेशकों के लिए भी बड़े एलान किए गए हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने बताया कि कैपिटल गेन टैक्स लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन को 12 फीसदी कर दिया गया जो पहले 2.50 फीसदी था।