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Chandigarh Tourist Places: अगर आपका वीकेंड में घूमने का है प्लान, तो 2 दिनों में चंडीगढ़ की इन जगहों को कर सकते हैं आप कवर

Best Places to Visit in Chandigarh: यदि आप घूमने का सोच रहे हैं, तो चंडीगढ़ शहर में ऐसी कई जगह हैं जहां पर आप अपने वीकेंड को बहुत ही अच्छे तरीके से enjoy कर सकते हैं। आइए आज हम आपको कुछ ऐसी जगहों के बारे में बताते हैं, जहां आप बड़ी आसानी से पहुंच सकते हैं और आपका ज्यादा समय भी बर्बाद नहीं होगा। चंडीगढ़ के ये स्थान बेहद शांत और खूबसूरत हैं।

Top and Famous  Chandigarh tourist places: जब भी हम घूमने की बात करते है, तो एक्साइटमेंट तो बहुत ज्यादा हो जाती है, बहुत से लोगों को घूमना बहुत पसंद होता है। लेकिन जैसे ही ट्रैवलिंग (Travelling) के बारे में सोचते है, तो लगता है कि एक से दो दिन तो सफर में ही बीत जाएंगे। घूमने का तो समय ही नहीं मिलेगा। तो घबराइए मत, यदि आप घूमना भी चाहते हैं और अपनी ट्रैवलिंग का समय भी बचाना चाहते हैं, तो ऐसी बहुत से place हैं, जो आपके शहर में मौजूद हैं। जहां जाने के लिए आपके पास समय ही समय है।

घूमते-घूमते हुए गुजारें अपना वीकेंड- यदि आप लोग चंडीगढ़ घूमने का प्लान कर रहे हैं, तो यहां ऐसी कई जगहें हैं, जहां पर आप अपना वीकेंड बहुत ही अच्छी तरह से enjoy कर सकते हैं। आप किसी दूसरे शहर से आए हैं तो भी आप यहां शानदार वीकेंड गुजार सकते हैं और अगर आप चंडीगढ़ (Weekend Plan in Chandigarh) के बाहर भी आस-पास जाना चाहते हैं, तो भाई क्या ही कहने। चंडीगढ़ से कुछ ही दूरी पर कुछ हिल स्टेशन भी है, जहां जाने में आपको ज्यादा समय नहीं लगेगा।

चंडीगढ़- शांत और खूबसूरत- आज हम आपको कुछ ऐसी जगहों के बारे में बताने वाले हैं, जहां आप बड़ी आसानी से पहुंच सकते हैं। यहां जाने पर आपका समय ज्यादा बर्बाद नहीं होगा। चंडीगढ़ की ये जगहें बेहद शांत, रोमांचक और खूबसूरत हैं। यानी की आप आराम से अपनी छुट्टियां एन्जॉय कर सकते हैं। इतना पढ़ने के बाद मन में चंड़ीगढ़ जाने के बारे में एक बार तो सोच ही लिया होगा आपने।

चंडीगढ़ में क्या है खास – आइये पहले चंडीगढ़ के बारे में कुछ जान लेते हैं। जी हां यदि आप कहीं घूमने जाने का प्लान कर रहें हैं तो जाहिर सी बात है कि आपको उस जगह के बारे में पता होना चाहिए। बहुत नहीं पर थोड़ा बहुत इतिहास जानना तो बनता है न दोस्त।
सबसे पहले आपको जानकारी के लिए बता दें कि चंडीगढ़ हरियाणा और पंजाब की राजधानी है। हालांकि, देश आज़ाद होने से पहले पंजाब की राजधानी लौहार हुआ करती थी, लेकिन देश की आज़ादी के बाद नई राजधानी की जरूरत पड़ी और 1947 में चंडीगढ़ को पंजाब की राजधानी घोषित किया गया। चंडीगढ़ का नाम यहां पर स्थित प्रसिद्ध धार्मिक मंदिर मां चंडी मंदिर के नाम से मिला है। ये दिल्ली से 245 किलोमीटर दूर स्थित है। देश-दुनिया के पर्यटक यहां आते हैं। तो चलिए शुरू करते हैं रॉज गार्डन से और रॉक गार्डन से जो यहां सबसे ज्यादा फेमस है। जहां घूमने वालों की संख्या भी सबसे ज्यादा होती है।

रोज गार्डन (Rose Garden)- चंडीगढ़ में स्थित रोज गार्डन(Rose Garden) को एशिया(Asia) के सबसे बड़े रोज गार्डन में से एक माना जाता है। रोज गार्डन चंडीगढ़ (Chandigarh) में रॉक गार्डन के बाद सबसे ज्यादा घूमा जाने वाला गार्डन है। रोज गार्डन का नाम भारत के पूर्व राष्ट्रपति जाकिर हुसैन के नाम पर रखा गया है। इस खूबसूरत उद्यान की स्थापना 1967 में की गई थी। यह पार्क 10 एकड़ में फैला हुआ है और यहां गुलाब की कई प्रजातियां है। इन्हें बेहद खूबसूरत तरीके से प्रदर्शित किया गया है। यहां 1600 से अधिक तरह के फूल पाए जाते हैं। आपको बता दें कि इस रॉज गार्डन में वार्षिक गार्डन फेस्टिवल भी मनाया जाता है। ये फरवरी और मार्च के दौरान एक प्रमुख सांस्कृतिक कार्यक्रम(cultural program) होता है।

आख़िर क्या है खास रोज़ गार्डन में:- यहां तरह-तरह के गुलाब के फूल मिलेंगे। यहां 32,500 किस्म के पेड़ व औषधीय पौधे मौजूद हैं। यहां लोगों के लिए जॉगिंग ट्रैक भी उपलब्ध है और लोगों को आकर्षित करने के लिए पानी का फव्वारा भी है।

रॉक गार्डन (Rock Garden)- रॉक गार्डन चंडीगढ़ शहर की जानी-मानी घूमने की जगह है। यह चंडीगढ़ की सबसे ज्यादा घूमने वाली जगहों में से एक है। यहां सबसे ज्यादा पर्यटकों का आना-जाना है। यह गार्डन मूर्तिकला, वास्तुकला और पौराणिक कथाओं का मिश्रण है। रॉक गार्डन चंडीगढ़ में स्थित 35 एकड़ की भूमि में बनाया गया एक बड़ा गार्डन है। इसकी खास बात यह है कि यह घरेलू कचरे और कई औद्योगिक वस्तुओं से बनाया गया है। इस उद्यान में चूड़ियां, चीनी मिट्टी के बर्तन, टाइलें, बोतलें और बिजली के कचरे जैसी वस्तुओं का उपयोग करके मूर्तियां बनाई गई हैं।

इतिहास- History
रॉक गार्डन के पीछे की कहानी यह है कि इसके संस्थापक नेक चंद ने 1957 में अपने खाली समय में गुप्त रूप से इस गार्डन को बनाना शुरू किया था। इस गार्डन का layout एक खोए हुए साम्राज्य की कल्पना पर आधारित है। इसमें 14 कमरे बने हुए हैं। लगभग हर त्योहार के समय रॉक गार्डन त्योहार जैसा माहौल बना देता है।

आखिर क्या खास है रॉक गॉर्डन में?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मनुष्यों और जानवरों की आकृतियां बनाने के लिए टूटे हुए कांच के टुकड़े, शौचालय के उपकरण और टूटी टाइलों का उपयोग किया गया है। रॉक गार्डन में जाने के बाद आपको ऐसा लगेगा, जैसे आप किसी गांव में आ गए हों। इसमें सुंदर झोपड़ियां बनाई गई है। यह गार्डन रोमन वास्तुकला से प्रेरित होकर बनाया गया है। यहां बच्चों के लिए झूले भी लगे हुए हैं। यहां झरने और एक्वैरियम भी बने हुए हैं, जहां हम चारों ओर घूमती हुई मछलियां भी देख सकते हैं। यहां पर एक तरह का ओपन एयर थिएटर है, जिसकी सीढ़ियों पर बैठकर आप हंसता हुआ दर्पण प्रदर्शन, एंटीक वस्तुओं की दुकान, ऊंट और रेलगाड़ी की सवारी और फूड कोड का आनंद ले सकते हैं।

पता और एंट्री फीस:
ये उद्यान चंडीगढ़ के उत्तर मार्ग, सेक्टर-1 में स्थित है। यहां पर एंट्री फीस भी है। बड़ों के लिए 30 रुपए और बच्चों के लिए- 10 रुपए ticket है।

सुखना लेक (Sukhna Lake): Sukhna Lake भी चंडीगढ़ में आकर्षण का केंद्र है। आपको बता दें सुखना लेक 3 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल में फैली हुई है, सुखना लेक में सर्दियों के महीनों में कई विदेशी प्रवासी पक्षी, साइबेरियन, बत्तख और क्रेन का आवागमन होता है। सुखना लेक (Sukhna lake) को भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय आर्द्रभूमि घोषित किया गया है। मानसून के समय यहां अधिकतर लोग यहाँ पर घूमने आते हैं। यहां पर ज़्यादातर लोग अपने परिवार को लेकर आते हैं। सुखना लेक एशिया में नौकायन व नौकायन आयोजनों के लिए प्रचलित है।

क्या खास है सुखना लेक में: Boating: यहां पर लोग सैलानी बोटिंग भी करते हैं। यहां पर आपको 2 सीटर, 4 सीटर, शिकारा बोट, सोलर क्रूज मिल जाती हैं, जिसमें बोटिंग करके आप इस लेक का आनंद उठा सकते हैं और अपने वीकेंड को यादगार बना सकते हैं।
Park: इस लेक पर पार्क भी बनाया गया है। जिसमें बच्चे ट्रेन की सवारी कर सकते हैं। यहां पर बुल राइड भी की जाती है, जो बेहद मजेदार होती है यक़ीनन यह आपको बहुत पसंद आएगी।
Food court: यहां पर खाने-पीने के लिए सिटको कैफेटेरिया, शेफ लेक व्यू और कई फूड कोर्ट बने हुए हैं।
सुखना लेक की सुंदरता को बढ़ाने के लिए यहाँ पर विभिन्न मूर्तियां भी बनाई गई हैं। यहां आपको जॉगिंग ट्रैक भी मिलेगा, जहां पर आप सूर्योदय और सूर्यास्त के दृश्य का आनंद उठा सकते हैं।

कहां है स्थित सुखना लेक- Address
सुखना लेक(Sukhna lake) चंडीगढ़ शहर के सेक्टर-1 में स्थित है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यहां पर जाने के लिए कोई एंट्री फीस नहीं है।

सेक्टर-17 मार्किट – Sector -17 Market
आप चंडीगढ़ घूमने आ ही गए हैं, तो मन कर रहा होगा कि थोड़ी शॉपिंग भी की जाए। चंडीगढ़ का सबसे फेमस मार्केट यहां पर सेक्टर-17 में है। शहर के बीचों-बीच होने के कारण इसे सिटी सेंटर भी कहा जाता है। यह इलाका 240 एकड़ में बना हुआ है। यहां पर आपको कई बड़े ब्रांड की दुकाने, इंटरनेशनल फूड भी मिलता है। खाने-पीने की सभी दुकानें सेक्टर-17 के बाज़ार में मिल जाती हैं।

क्या है खास यहाँ पर?
यहां एक मूवी थिएटर है। यहाँ पर स्थानीय दुकानें और अंतर्राष्ट्रीय ब्रेंड स्टोर है। शाम के म्यूजिकल फाउंटेन शो होता है, जो कि 7 बजे, 8 बजे और 09:00 बजे आयोजित किया जाता है। इन म्यूजिकल फाउंटेन शो में लोग इतने घुल जाते हैं कि वे खुद नाचने गाने लगते हैं।

चंडीगढ़ में स्थित म्यूजियम : Museum in Chandigarh

चंडीगढ़ के म्यूजियम बड़ी तेजी से पर्यटकों के लिए आकर्षणों का एक अहम हिस्सा बन रहे हैं। चंडीगढ़ में प्रतिष्ठित सरकारी संग्रहालय, आर्ट गैलरी, चंडीगढ़ के तीन वास्तुकला संग्रहालय, प्राकृतिक इतिहास संग्रहालय, अंतर्राष्ट्रीय गुड़िया संग्रहालय, रॉक गार्डन में राग गुड़िया संग्रहालय और उच्च न्यायालय संग्रहालय लोगों के लिए इतिहास के बारे में जानने के लिए बेहद खास बनता जा रहा है। ये संग्रहालय चंडीगढ़ में घूमने वाले लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं।

इंटरनेशनल डॉल्स म्यूजियम- इंटरनेशनल डॉल्स म्यूजियम की स्थापना वर्ष 1985 में बाल भवन परिसर में की गई थी। इसमें 25 देशों (25 countries) की विरासत गुड़ियों का संग्रह दिखाया गया है। जिसमें ऐतिहासिक, भौगोलिक कलात्मक, सामाजिक-सांस्कृतिक, फैशन डिजाइन और पोशाक विशेषताओं के साथ विदेशी और स्वदेशी गुड़िया शामिल हैं। इसमें बच्चों के लिए गुड़ियों के रंगीन आदमकद कटआउट भी हैं।
इस खबर से जुड़ी सभी जानकारी चंडीगढ़ की अधिकारिक वेबसाइट (official website) से ली गई है।

Best Summer Destinations-

गर्मियों का मौसम आते ही चिलचिलाती गर्मी से राहत के लिए सभी को अक्सर प्रकृति के अद्भुत नजारों की याद सताने लगती है। ऐसा लगता है मानो पहाड़ उसे बुला रहे हैं। ठंडी-ठंडी हवाएं, बर्फ से ढके पहाड़, घने जंगल, नदियां, झरने, शांत माहौल उसे मानो आवाज दे रहा है। टूरिस्ट डेस्टिनेशन पर जून के महीने में जाना सबसे बेहतर है।

कुछ बेहतरीन टूरिस्ट डेस्टिनेशंस के बारे में आज हम चर्चा कर रहे हैं।

कुफरी-

पहाड़ों पर बर्फीले ढलानों की वजह से स्काईंग का लुफ्त उठाने के लिए कुफरी बेहतरीन जगह है। आप महासू पर्वत की चोटी पर स्काईंग का लुत्फ उठा सकते हैं।यहां स्थित हिमालय नेशनल पार्क में आप जानवरों की विभिन्न प्रजातियों को देख पाएंगे। जैसे ब्राउन भालू , पहाड़ी बकरा,
तेंदुआ आदि खास जानवर है।

लद्दाख-

लद्दाख पर्यटकों के बीच लंबे समय से आकर्षण का केंद्र रहा है। लद्दाख जाने के लिए बेस्ट सीजन अप्रैल से अगस्त तक होता है। मौसम का तापमान कम होने की वजह से लोग गर्मियों में लद्दाख घूमना पसंद करते हैं। कुछ लोग विंटर में भी लद्दाख जाते हैं।
विंटर में यहां की नदियां चादर ट्रेक में बदल जाती हैं।

कुन्नूर-

अगर आप दक्षिण भारत के साथ-साथ नीलगिरी के पर्वतों का लुत्फ उठाना चाहते हैं, तो ऊटी की जगह कुन्नूर का प्लान बनाइए। शांत वातावरण और पर्वतों की नुकीली चोटियां यहां की आकर्षण का केंद्र है। यहां स्थित चाय के बागान और रहस्यमय घाटियां आपको जरूर आकर्षित करेंगी।

रूपकुंड-

अगर आप दिल्ली यश के नजदीक के इलाकों में रहते हैं और कम समय में अच्छी जगह घूम कर आना चाहते हैं, तो रूपकुंड एक शानदार जगह है। रूपकुंड की रहस्यमई झील और उसके पास कैंपिंग का खूबसूरत नजारा आपको बहुत पसंद आएगा।

मेघालय-

मेघालय प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर अत्यंत ही खूबसूरत पर्यटन स्थल है। पर्यटन स्थलों में मेघालय की बात ही कुछ अलग है। मेघालय की खूबसूरत बारिश का नजारा पर्यटकों को खासतौर पर आकर्षित करता है, एशिया का सबसे साफ सुथरा गांव mawlynnong और पृथ्वी का सबसे गिला रहने वाला इलाका मासिनराम भी इसी जगह पर स्थित है।

औली-

यह भारत की सबसे ज्यादा ठंडी जगहों में से एक है। सूरज की किरणों के साथ यहां की हरियाली किसी का भी मन खुश कर देगी। औली का मौसम हमेशा ठंडा रहता है और सितंबर से फरवरी के बीच यहां किसी भी वक्त स्नोफॉल हो जाती हैं।

दार्जिलिंग-

यह जगह स्वर्ग से कम नहीं है ।दार्जिलिंग चाय के बागानों के लिए मशहूर है। दार्जिलिंग की असली खूबसूरती सुबह के नजारों में है। यहां पर आप कई मठों को भी देख सकते हैं।

कुर्ग-

कर्नाटक में बसा हुआ यह इलाका अपनी खूबसूरती के लिए मशहूर है। यहां की घाटियों के नजारे आपको बहुत रहात देंगे। यहां पर आप जंगल और पहाड़ों के नजारे भी देख सकते हैं।

कश्मीर-

जब गर्मियों की राहत पाने की बात हो तो कश्मीर को नहीं भूला जा सकता। कश्मीर को धरती का स्वर्ग कहा जाता है। कश्मीर के पहाड़, गार्डन और कई तरह की झीलें इसकी खूबसूरती को बढ़ाते हैं। यहां की प्राकृतिक छटा देखते ही बनती हैं, डल झील यहां की सबसे प्रसिद्ध झील है।

मनाली-

मनाली बहुत ही हरा-भरा और पहाड़ों से घिरा हुआ इलाका है ।यहां की साफ हवा आपकी थकान दूर कर देगी। यहां पर आप पैराग्लाइडिंग बाइकिंग, राफ्टिंग का आनंद उठा सकते हैं।

शिमला-

शिमला बहुत ही जाना माना हिल स्टेशन है। प्राकृतिक खूबसूरती से भरपूर है। मई-जून की चिलचिलाती गर्मी से बचने के लिए शिमला बहुत ही आकर्षक जगह है।

यहां पर हमने सिर्फ कुछ ही जगहों का जिक्र किया है। भारत तो प्राकृतिक नजारों से भरा पड़ा है। जगह-जगह पर प्राकृतिक सौंदर्य बिखरा पड़ा है। सभी प्रदेशों में बहुत से आकर्षक पर्यटन स्थल है। बस आप ढूंढिए और और घूमने का मन बनाइए आपको बहुत ही खूबसूरत जगह मिलेंगी।

Hike sticker chat app, जो 8 वर्ष बाद बंद होने जा रहा है

इतिहास :-  इस एप्प (Hike sticker chat app) को भारत में 2012 में लॉन्च किया गया था और पिछले 8 सालों से यह ऐप भारत में बहुत अधिक प्रसिद्ध है। यह भारत का एकमात्र पॉपुलर चैट ऐप है। लेकिन यह ऐप भारत में बंद किया जा रहा है। इस ऐप के बंद हो जाने के बाद लाखों यूजर्स देसी चैट ऐप का इस्तेमाल करने लग जाएंगे। इसके बारे में निम्नलिखित बातें की जा सकती है‌।

इस ऐप को लांच करने के कारण

जैसा कि हम जानते हैं, इस ऐप को भारत में 2012 में भारतवासियों के प्रयोग के लिए लांच किया गया था। इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप हाइक को 30 हजार स्टिकर्स के साथ साल 2012 में शुरू किया गया था। इस ऐप को लांच करने वाले अधिकारियों को भी बहुत लाभ प्राप्त हुआ था। क्योंकि इस ऐप को प्रयोग करने वालों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही थी।

इस ऐप के फायदे

इस ऐप में हमें 30,000 कर दिए गए थे। स्टिकर की सहायता से हम अपने जैसे इमोजीस बना सकते थे। जो बिल्कुल हमारी तरह ही दिखते थे। इसमें हम अपनी मातृभाषा हिंदी या किसी भी अन्य भाषा का प्रयोग करके लिख सकते थे। इस तरह आप अपनी चैट इंटरेस्टिंग बना सकते थे। 
इस ऐप का दूसरा सबसे बड़ा फायदा यह था कि हाइक इमोजी का यूज़ व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम, फेसबुक मैसेंजर में भी कर सकते थे।

इसके साथ ही इस में Hike Sticker Chat का सबसे अच्छा फीचर यह है कि इसमें यूजर्स अपने आप का स्टीकर create कर सकते हैं। कंपनी द्वारा इसको  HikeMoji का नाम दिया गया है।

इस ऐप को बंद करने के कारण

इस चैट ऐप में कुछ ऐसी कमियां थी, जिसके कारण यह आप लोगों को अधिक पसंद नहीं आया। यही इसके बंद होने का प्रमुख कारण बना। हालांकि कंपनी की उम्मीदों पर यह एप खरा नहीं उतर पाया। इसलिए इस ऐप को भारत में 14 जनवरी 2021 को बंद किया जा रहा है। सीईओ केविन भारती मित्तल ने ट्वीट कर जानकारी दी है। इस ऐप के बंद होने से पहले आप अपनी चैट का डाटा अपनी ईमेल पर सेव कर ले।

हानियां

हाइक स्टीकर चैट एप भारत में इंस्टाग्राम, फेसबुक, व्हाट्सएप आदि की तरह इतना पॉपुलर नहीं हो पाया है। यही इस ऐप के बंद होने का सबसे प्रमुख कारण है। इस ऐप को बंद करने का दूसरा प्रमुख कारण यह है कि यह आप इतना अधिक प्रसिद्ध नहीं हुआ जैसा कि कंपनी ने सोचा था। इस ऐप का इतना बड़ा नेटवर्क नहीं बन पाया, जितना कि कंपनी ने सोचा था। इसलिए इसके नेटवर्क क्षेत्र पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ा और कंपनी के अधिकारी ने सीईओ केविन भारतीय मित्तल ने यह ऐप बंद करने का निर्णय लिया। 

कैसे सेव करें अपना डाटा

Hike chat data को अपने email पर सेव करने के लिए सब से पहले user को Export Chats option पर क्लिक करना होगा। इसके बाद user को रजिस्टर्ड नंबर टाइप करना होगा, जिस पर OTP (वन टाइम पासवर्ड) आएगा। इस प्रक्रिया के बाद user ki mail id मांगी जाएगी और उसके बाद ही यूजर्स अपनी हाइक ऐप का सारा data अपनी mail id पर save कर सकते हैं।

Conclusion

जितना जल्दी हो सके आप सब भी अपने डाटा को सेव करें और किसी भी प्रकार की असुविधा से बचे।

उत्तर भारत का प्रसिद्ध त्योहार लोहड़ी आज 13 जनवरी को पूरे पंजाब और हरियाणा में बड़ी धूम-धाम से मनाया जा रहा है।लोहड़ी का त्योहार पोष मास के अंतिम दिन और मकर संक्रांति के एक दिन पहले सूर्य के पशचात् मनाया जाता है। अलग-अलग जगहों पर मकर संक्रांति को अलग-अलग नाम से जाना जाता है। जैसे बिहार और उत्तर प्रदेश में मकर संक्रांति को तिल सकरात के नाम से जाना जाता है यानि तिल से बने लड्डू जिसको तिलकुट कहा जाता है। इस दिन लोग पतंग उडा़ते है। मकर संक्रांति को लेकर कहा जाता है जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है तब मकर संक्रांति होती है।

लोहड़ी क्यों मनाई जाती है

इस त्योंहार से जुड़ी बहुत सी पौराणिक कथाएँ हैं। परंतु सबसे महत्वपूर्ण पौराणिक कथा दुल्ला भट्टी की मानी जाती है। जो कि पंजाब का प्रसिद्ध नायक था। वो अमीरों से खजाना लूटकर, गरीबों में बांटकर उनकी मदद करता था। जिसकी वजह से लोग उसे बहुत प्यार करते थे और वो गरीबों के खिलाफ होने वाले अत्याचार के विरुद्ध हमेशा आवाज उठाता था। एक बार एक गरीब ब्राह्मण की दो बेटियां सूंदर और मूंदरी, जिनकी सगाई तय हो चुकी थी। उनकी सुंदरता को देखकर हाकिम ने उनको उठाने का मन बना लिया। उस हाकिम से बचाने के लिए दुल्ला भट्टी के पास उनके पिता ने अर्ज की। तो दुल्ला भट्टी ने उनकी शादी उसी दिन करवाकर हाकिम से बचा लिया। दुल्ले के पास शगुन के रुप में उन लड़कियों को देने के लिए शकर के सिवा और कुछ नहीं था। तभी से लोहड़ी के इस त्यौहार को मनाया जाने लगा।

Happy Lohri - 2021 - Exclusive Samachar

लोहड़ी की तैयारीयां

लोहड़ी से कुछ दिन पहले ही बच्चे इकट्ठे होकर घर-घर जाकर दुल्ला भट्टी का गाना गाकर लोहड़ी मांगते है। जिसमें उनको मूंगफली, गुड़, रेवड़ी, थापियां(पाथी) मिलती है। जैसे ही शाम होने लगती है, आसपास के घरों के लोग एक जगह इकट्ठे हो जाते हैं। बीच में लकड़ी और थापियां जलाई जाती है। जिसके आसपास सभी लोग बैठकर गीत गाते है। लोहड़ी के दहन के आसपास ढोल बजाकर नाचते हैं, औरतें गिध्धा करती है।जिनके घर बेटा हुआ हो या जिनके लड़के की शादी हुई हो, उन परिवार वालों को सभी बधाई देते हैं और वह सबको गुड़, रेवड़ी, गजक बांटते हैं।

आधुनिक युग में लड़की को भी लड़को के बराबर दर्जा दिया जा रहा है। जिससे अब सिर्फ लड़को की लोहड़ी ही नहीं मनाई जाती, बल्कि लड़की होने पर भी धूम-धाम से लोहड़ी मनाई जाती है।

लोहड़ी की आग में लोग क्या जलाते है

आपको बता दे शाम के समय को जलाई जाने वाली आग में लोग गुड़, रेवड़ी, मूंगफली और तिल डालते हैं और साथ में बोलते है – ईशर आए, दलिद्र जाए दलिद्र दी जड़ चुले पाए। 
भाव अपनी सुस्ती को आग में जलाकर चुस्ती की मांग की जाती है। सभी एक-दूसरे को लोहड़ी की बधाई देतें है। इसके साथ ही हमें  लोहड़ी की आग में अपनी तमाम बुराईयों को जलाना चाहिए। जैसे- अपनी नफरत, क्रोध, लोभ, मोह, माया व अहंकार को इस दिन जला देना चाहिए व आपस में मिल-जूलकर त्यौहार को बडे़ प्यार से मनाना चाहिए।

त्योहार को मनाने का सही तरीका

हर त्योहार हमें सीख देता है। ठीक उसी तरह लोहड़ी का त्योहार भी बुराई पर अच्छाई का प्रतीक है। तो हमें लोहड़ी के दहन में अपनी एक बुराई अवश्य छोड़नी चाहिए और अच्छाई को अपनाना चाहिए। हर कोई इस त्योहार को जैसे नाच-गाकर मनाता है। अगर त्योहार को जरुरतमंदों की मदद करके मनाया जाए, तो हमारे साथ सबकी खुशी दौगुनी हो जाती है। हम किसी की मदद विभिन्न तरह से कर सकते है। जैसे भूखे व जरुरतमंद लोगों को राशन दान करके, कपड़े दान करके व जरुरतमंद लोगों में मिठाई बांट कर हम उनके साथ खुशी बांट सकते है।

Conclusion

आज के समय में इंसान ने तरक्की जरूर कर ली है। परंतु कहीं न कहीं वह रिशतों से दूर भाग रहा है। आज के समय में त्योंहार एक घर तक ही सीमित हो गए हैं। ऐसे में हम सबको भारतीय संस्कृति को कायम रखते हुए, भाईचारे के साथ त्योहार को मनाना चाहिए। इस तरह आपस में प्यार बढ़ता है और एक दूसरे से नफरत की भावना खत्म होती है।

WhatsApp user’s के लिए नया साल नई शर्तों के साथ

Whatsapp user’s के लिए नया साल नई शर्तों के साथ शुरू हुआ है। शर्ते भी ऐसी जिन्हें माना नहीं गया तो account करना होगा delete शर्तें मानना है जा नहीं इसके बारे में सोचने के लिए आपको 8 फरवरी 2021 तक का समय दिया गया है।

Millions लोगों द्वारा प्रतिदिन इस्तेमाल किया जाने वाला दुनिया का सबसे प्रसिद्ध online  messaging application WhatsApp है। पिछले कुछ दिनों से प्राइवेसी पॉलिसी, डेटा फेसबुक के साथ शेयर करने की वजह से लोग अपना पर्सनल डेटा सिक्योर करने के लिए WhatsApp को Uninstall करके Signal messaging App install कर रहे हैं।

What is Signal App?

Whatsapp की तरह ही Signal भी एक messaging app है। Whatsapp की तरह ही जो लोग आपकी contact list मे है, Signal app पर आप उससे Chat कर सकते हैं।

Signal App को Install कैसे करें?

एंड्रॉइड फोन वाले Signal को Google Play Store और  आई फोन वाले एप्पल एप्स स्टोर के द्वारा install कर सकते हैं।सिग्नल एप्स का साइज iOS पर 133.5 Megabyte और एंड्रॉइड पर 96.7 Mb साइज है। जोकि आपके फोन की बहुत कम जगह लेगा।

WhatsApp messenger - Exclusive Samachar

History of Signal App

2014 में लांच होने वाला Signal App whatsapp की तरह लोकप्रिय नहीं हो पाया।2017 में Whatsapp के co founder Brain Acton ने 50 मिलियन डॉलर Signal Messager CEO Moxie Marlinespike  को डोनेट किए और दोनों द्वारा इसके विकास हेतु बहुत ज्यादा प्रयास किए और अपना काम जारी रखा।

Signal App किस देश का application है और इसको किसने बनाया?

Signal App, California USA की Application हैं। जिसको Feb 2018 में Moxie Marlinespike और Brain Acton ने बनाया था।

सिग्नल किन-किन प्लेटफार्म पर काम करता है

Signal App विंडोज, मैक, आईपैड, आईफोन, एंड्रॉयड और ऑपरेटिंग के साथ-साथ Photo, video, message या किसी को कोई भी link’s भेज सकते हैं। Audio और video calls भी कर सकते हैं। कंपनी द्वारा वीडियो Calling फीचर जारी किया गया है। जिसके द्वारा आप 150 लोगों के साथ एक साथ वीडियो Calling कर सकते हैं। जो Whatsapp में ऐसी कोई सुविधा नहीं है।

WhatsApp को पीछे छोड़ भारत में क्यों ट्रेंड कर रहा है Signal app

जैसे कि आपको पता है कि पिछले कुछ दिनों से WhatsApp ने अपनी प्राइवेसी को अलविदा कहा है। तो दूसरी ओर Signal App ने Privacy policy को छिपाने का काम किया है। यही एक मुख्य कारण है Whatsapp को छोड़ना और Signal App को अपनाना।Signal अकाउंट ओपन करने के लिए केवल आपका मोबाइल नंबर ही लेता है। लेकिन व्हाट्सएप यूजर्स से 16 तरह की जानकारी लेता है। अब तक  Signal App के 5.5 लाख से भी अधिक डाउनलोड हुए हैं और Play Store पर जनवरी 2021 में फ्री एप्लीकेशन लिस्ट में यह नंबर वन पर है।

सिग्नल से मिलने वाली Privacy policy

  • Signal App की खासियत है कि ये App पूरी तरह से सिक्योर है। क्योंकि Signal App में यूजर्स का डाटा किसी को शेयर नहीं होगा।
  • Signal App की खास बात है। इसमें Data Linked to You फीचर दिया गया है। फीचर को इनेबल कर लेने के बाद कोई भी उस चैंट की स्क्रीनशॉट नही ले सकता। इस तरह पता लगता है कि ये App आप की Privacy policy को कितना सुरक्षित रखता है।
  • पुराने मैसेज को गायब करना – Signal App की एक खासियत ये भी है कि ये ऐप ऑटोमेटिकली पुराने मैसेज को गायब करता है और 10 सेकेंड से लेकर एक सप्ताह तक यूजर्स टाइम सेट कर सकते हैं। जिसके दौरान मैसेज अपने आप गायब हो जाते हैं जोकि WhatsApp में नहीं है।

क्या टेलीग्राम से भी बेहतर है सिगनल ऐप ?

व्हाट्सएप की नई प्राइवेसी पॉलिसी सामने आने के बाद यूजर दो ऐप ज्यादा इंस्टॉल कर रहे हैं। जो Telegram और Signal App है। टेलीग्राम को भी काफी लोग इंस्टॉल करें हैं। लेकिन प्राइवेसी को देखते हुए सिग्नल ने सभी को पीछे छोड़ दिया है। Signal App लगाकर डाउनलोडिंग हो रही है और एक ही सप्ताह में इसमें 36 फीसदी इजाफा पाया गया। पिछले कुछ ही दिनों से सिग्नल ऐप्स एक लाख से भी ज्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका है।

क्या WhatsApp को टक्कर दे पाएगा Signal App?

WhatsApp मे होने वाले Privacy policy बदलाव के कारण भारत में बहुत से लोग WhatsApp की जगह Signal App को install कर रहे हैं। यह तो समय ही बताएगा कि WhatsApp को Signal टक्कर दे पाता है जा नहीं इसके लिए इंतजार ही कर सकते हैं।लेकिन WhatsApp, Signal और Telegram की तरह कई अन्य apps भी है लेकिन WhatsApp को अब तक कोई टक्कर नहीं दे पाया है। क्योंकि दुनिया का प्रत्येक व्यक्ति अपनी सुविधा के लिए WhatsApp का इस्तेमाल कर रहा है। परन्तु इसके privacy policy के कारण परिवर्तन आ रहा है।

Conclusion

आज के समय में अपनी सुरक्षा हमारे हाथों में ही है। इसलिए लोग अपनी Safety के लिए WhatsApp को uninstall करके इसकी जगह Signal App का इस्तेमाल कर रहे हैं और अपने जीवन को लंबे समय के लिए सुरक्षित रख रहे हैं।

टीवी का विवादों से भरा रियलिटी शो “बिग-बॉस” का येनया सीजन जल्द ही आने वाला है।इसे बिग बॉस और भी मज़ेदार और धमाकेदार करने के चक्कर मे हैं।क्योंकि इस सीजन में बिग बॉस ने सभी ऐसे प्रतिभागियों के चयन किया है जिनका आज से पहले भी बिग बॉस से नाता रहा है।खबरों की माने तो “बिग-बॉस 14” का पहला एपिसोड 4  October को Telecast होगा।

“बिग बॉस 13” में भी सभी प्रतिभागियों ने खूब धमाल मचाकर लोगों का दिल जीतने में कोई कसर नहीं छोड़ी।अभी lockdown की वजह से “बिग – बॉस 14” को शुरू होने में ज्यादा समय लग गया।

salman khan in Bigg Boss Show - Exclusive Samachar

हाल ही में उन प्रतिभागियों के नाम का खुलासा हुआ है जो शो में नजऱ आ सकते हैं।

इस बारे ये 7 प्रतिभागी आ सकते है नजऱ

टीवी की मशहूर अभिनेत्री जैस्मिन भसीन इस नए सीजन में नज़र आ सकती हैं।इस से पहले जैस्मिन टशन-ए-इश्क़, दिल से दिल तक, दिल तो हैप्पी है, रियलिटी शो “खतरों के खिलाड़ी” में नजर आ चुकी हैं।

टीवी के एक ओर सितारे निशांत सिंह मलकानी बिग-बॉस 14 का हिस्सा बनने वाले हैं।इससे पहले निशांत ने टीवी के मशहूर सीरियल “गुड्डन तुमसे न हो पायेगा” में काम किया हैं।

एक्ट्रेस नेहा शर्मा ने भी “बिग-बॉस 14” के लिए अप्रोच किया है।नेहा सबसे पहले इमरान हाशमी के साथ फ़िल्म “क्रुक” में नज़र आई थी, बाद में वह “यमला पगला दीवाना”, “यंगिस्तान” जैसी फिल्मों में नजऱ आयी।

these starts will be seen in Bigg Boss 14 - Exclusive Samachar

पवित्र पुनिया (पारस छाबड़ा की एक्स गर्लफ्रैंड) को भी बिग बॉस 14 के मेकर्स की ओर से ऑफर दिया गया हैं।इस से पहले ये Tv के लोकप्रिय धारावाहिक “बलवीर” का हिस्सा थी।

इनके अलावा एक्ट्रेस नैना सिंह, शगुन पांडेय, कुमार जानू, सारा गुरपाल भी शो में नजर आ सकते हैं।

आमिर खान की फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ की रिलीज का इंतजार कर रहे फैंस  के लिए एक बुरी ख़बर सामने आ रही है।     

फिल्म मेकर्स ने इस बात का ऐलान किया हैं, कि अब दर्शकों को एक साल तक का इंतजार और करना पड़ सकता है। फिल्म समीक्षक तरण आदर्श ने Social Media पर फिल्म की नई रिलीज डेट का ऐलान किया है। क्रिसमस पर रिलीज होने वाली इस फिल्म को अब एक और साल रिलीज होने का इंतजार करना होगा। लेकिन ये फिल्म अगले साल क्रिसमस के मौके पर ही रिलीज होगी। फिल्म की रिलीज डेट पोस्टपोन करने की यहीं वजह है, कि मेकर्स नहीं चाहते कि फिल्म डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिलीज हो।

COVID-19 Lockdown के बाद आमिर खान ने शूटिंग शुरू कर दी है। जिसमें उनकी कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर तुर्की में नजर आ रही है। फिल्म को लेकर आमिर ने कोलकाता से लेकर पंजाब, राजस्थान, गुजरात जैसे कई राज्यों में शूटिंग की तो वहीं अब विदेश के शूटिंग शेड्यूल को पूरा करने में लग गए हैं।

‘लाल सिंह चड्ढा’ फिल्म रॉबर्ट जेमेकिस द्वारा निर्देशित 1994 की फिल्म ‘फॉरेस्ट गंप’ की Official Hindi रीमेक है। जिसमें लीड रोल में हॉलीवुड सुपरस्टार टॉम हैंक्स नजर आए थे। वहीं ‘लाल सिंह चड्ढा’ का निर्देशन अद्वैत चंदन कर रहे हैं। आमिर खान और उनकी पत्नी किरण राव फिल्म को प्रोड्यूस कर रहे हैं। फिल्म में करीना के साथ आमिर की जोड़ी बनी है। इससे पहले ये दोनों  ‘3 Idiots’ और ‘Talaash’ फिल्म में साथ काम कर चुके हैं।

इन दिनों कोरोना वायरस (COVID-19) के चलते आईपीएल इस बार UAE में खेला जाएगा, भारत में नहीं। अब तक आईपीएल के 12 सीजन खेले जा चुके हैं। हर बार IPL के कुछ ऐसे रिकॉर्ड बने हैं जिनको तोड़ पाना असम्भव है और इस बार भी इसके रिकॉर्ड को तोड़ पाना बहुत मुश्किल लग रहा है क्योंकि IPL के कुछ अनोखे रिकॉर्ड बन चुके हैं।

Most Dot Balls in IPL History

IPL में इतिहास में सबसे ज्यादा डॉट गेंद फेंकने का रिकॉर्ड हरभजन सिंह (Harbhajan Singh) के नाम है। उसने अब तक IPL के इतिहास में 562.2 ओवर फेंके हैं और 1,249 गेंद ऐसी फेंकी हैं जिससे बल्लेबाज का रन बना पाना बहुत मुश्किल है। हरभजन सिंह ने IPL में 160 मैच में 150 विकेट लेने में सफलता पाई है जिसके कारण उनकी Economy 7.05 की रही है।

Most Catch in IPL History

IPL History में सबसे ज्यादा कैच लेने का रिकॉर्ड सुरेश रैना (Suresh Raina) के नाम है। Raina ने अबतक कुल 102 कैच (Catch) किए हैं और 193 मैच खेले हैं। सबसे रौच्य बात ये है कि इस बार भी CSK की ओर से रैना आईपीएल (IPL) में खेलते हुए नजर आएंगे। रैना सीएसके (CSK) के सबसे बेहतरीन खिलाड़ी हैं जिन्हें मिस्टर आईपीएल (Mr IPL) भी कहा जाता है।

Most Successful Team in IPL History

IPL History में सबसे शानदार रिकॉर्ड बनाने वाली टीम Chennai Super Kings की है। CSK ने अब तक IPL के 12 सीजन में से 10 सीजन में भाग लिया जिसमें 8 सीजन में वो फाइनल में पहुंची है और वहीं IPL के हर सीजन में प्ले अॉफ में पहुंची है। ये एक ऐसी टीम है जिसमें आईपीएल के इतिहास में 3 बार खिताब CSK ने ही जीता है।

Most Runs In One Over in IPL History

IPL 2011 में Chris Gayle ने कोच्चि टस्कर्स के गेंदबाज Prasanth Parameswaran की एक ओवर में 37 रन बनाए और Gayle ने 3 चौके और 4 छक्के जमाए थे जिसमें एक No Ball भी शामिल थी।  Parameswaran के द्वारा बनाया ये रिकॉर्ड भी टूटना मुश्किल प्रतीत हो रहा है।

Players With Most Ducks in IPL History    

IPL History में सबसे ज्यादा बार शून्य (0) पर आउट होने का रिकॉर्ड हरभजन सिंह भज्जी के नाम है। भज्जी अब तक 13 बार बिना कोई रन बनाए आउट हो चुके है। साल 2008 में वह Mumbai Indians की टीम के साथ जुड़े थे लेकिन अब वे CSK की ओर से खेलते हुए नजर आएंगे। हरभजन सिंह के अलावा पार्थिक पटेल भी 13 बार शून्य पर आउट हो चुके हैं। वहीं Rohit Sharma IPL में 12 बार शून्य पर आउट हुए हैं।

Batsman with Most Runs in a Single Season of IPL     

साल 2016 के IPL Season में कोहली ने 973 रन बनाए हैं। किसी बल्लेबाज के द्वारा बनाया गया यह रिकॉर्ड तोड पाना भी असंभव नजर आ रहा है।

सुशांत सिंह राजपूत को आखिरी फिल्म के जरिए दी जाएगी श्रद्धांजलि|

दोस्तों आपको बता दें कि ‘दिल बेचारा’ फिल्म का ट्रेलर आखिरकार यूट्यूब पर रिलीज कर दिया गया है। जिसका फैंस को बेसब्री से इंतजार था। यूट्यूब पर इस ट्रेलर ने धूम मचाई हुई है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सुशांत सिंह राजपूत इस फिल्म में संजना सांघी के साथ नजर आएंगे।24 जुलाई को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज की जाएगी।सुशांत सिंह राजपूत की आखिरी फिल्म है ‘दिल बेचारा’|

dil bechara trailer - Exclusive Samachar

14 जून, 2020 को सुशांत सिंह राजपूत अपने मुंबई वाले घर में मृत पाए गए थे। तभी से उनके फैंस उनको परदे पर देखने के लिए पूरी तरह बेताब थे। इसी वजह से ‘दिल बेचारा’ फिल्म का ट्रेलर यूट्यूब पर रिलीज कर दिया गया है। जिसमें सुशांत एक जांबाज व्यक्ति के रोल में नजर आ रहे हैं। जो जिंदगी में अपने हर क्षण को खुशी से जीना चाहते हैं। ‘दिल बेचारा’ फिल्म 24 जुलाई, 2020 को ओटीटी प्लेटफार्म हॉटस्टार डिज़्नी पर रिलीज होगी। सुशांत सिंह राजपूत को श्रद्धांजलि देने के लिए यह फिल्म सबके लिए उपलब्ध होगी भले ही सब्सक्रिप्शन हो या ना हो। यह फिल्म “द फॉल्ट इन आउर स्टार्स” उपन्यास पर आधारित है जो के “जॉन ग्रीन” द्वारा लिखित है। यह फिल्म दो कैंसर पेशेंट्स की जिंदगी पर आधारित है। फैंस में इस फिल्म के लिए उत्साह बहुत ही जबरदस्त है।

story is based on "fault in our stars" - Exclusive Samachar

अगर बात करें सुशांत सिंह राजपूत की तो दिल्ली से अपनी पढ़ाई अधूरी छोड़कर 2002 में मुंबई आ गए थे। ज़ी टीवी के शो ‘पवित्र रिश्ता’ से उन्हें खूब लोकप्रियता मिली. उसके बाद उन्होंने बड़े पर्दे पर अपना जादू बिखेरा। लोगों ने उनके अभिनय को खूब सराहा। सुशांत ने Kai Po Che, एम एस धोनी- द अनटोल्ड स्टोरी, केदारनाथ, शुद्ध देसी रोमांस, राब्ता, सोनचिड़िया आदि कई हिट फिल्में दी। उनकी आखिरी फिल्म ड्राइव को नेट फिक्स पर ही रिलीज कर दिया गया था।

पानीपत की तीसरी लड़ाई की कहानी पर्दे पर दिखाएंगे आशुतोष गोवारिकर

ऐतिहासिक युद्ध की कहानी देख सकेंगे दर्शक पानीपत फ़िल्म जो कि 6 दिसंबर को cinemas में आ जायेगी, इसमें मुख्य रोल निभाते हुए नजर आएँगे :- अर्जुन कपूर, संजय दत्त और कृति सेनन।पानीपत का ट्रेलर 5 नवंबर को release हुआ है, और fans इस फ़िल्म को लेकर बेहद इंतज़ार में है। ऐसा देखने और सुनने में आया है कि इस फ़िल्म में देश की आन बान शान और देश की मिट्टी के लिए वीरता को सभी महसूस करेंगे |

सदाशिवराव भाऊ (Arjun Kapoor का किरदार) बाजीराव पेशवा का भतीजा है। पार्वती बाई (Kriti Sanon का किरदार) सदाशिवराव की पत्नी है। और Sanjay Dutt अहमद शाह अब्दाली के role में नजर आएंगे। इस फ़िल्म को आशुतोष गोवरिकर ने direct किया है। पानीपत के तीसरे युद्ध जो कि लगभग 18 वीं सदी में हुआ था, पर आधारित पानीपत movie 6 दिसंबर को अपना जलवा दर्शकों पर बिखेरेगी। पानीपत फ़िल्म की shooting mostly जयपुर में हुई है, इसकी शूटिंग 2018 में शुरू हुई थी, January 2019 में पूरी हुई, और अब November 2019 में इसका ट्रेलर तहलका मचा रहा है, देखते है फ़िल्म भी उतनी रोमांचक होगी या नही।

पानीपत मूवी का गाना

#MannMeinShiva काफी ट्रेंड कर रहा हैं और इसमें सदशिवराव भाऊ के किरदार में Arjun Kapoor वाकई बड़े गंभीर और किरदार में पूरी तरह रमें हुए नज़र आ रहे हैं। आपको बता दें, सदाशिवराव भाऊ वो हैं जिन्होंने अफगान राजा अहमद शाह अब्दाली के खिलाफ लड़ाई में सेना का नेतृत्व किया था।

पानीपत ट्विटर पर ट्रेंड कर रहा है

Panipat movie का ट्रेलर आने के बाद social media पर भी पानीपत ट्रेंड में रही । कृति सेनन ने अपने ट्विटर हैंडल में Sanjay Duttजो कि अहमद शाह अब्दाली का रोल इस मूवी में निभा रहे हैं के लिए लिखा है की & अहमदशाह अब्दाली की जहां परछाई पड़ गयी वहां पर death strike पक्की है"वहीं पार्वती बाई का किरदार निभा रही खुद Kriti Sanon ने लिखा है, पार्वती बाई :- एक सच्ची रानी जिसे CROWN की जरूरत नहीं। Arjun Kapoor जो सदाशिवराव भाऊ का किरदार निभा रहे हैं उनकी बहादुरी का परिचय अपने ट्विटर handle पर दिया है।

6 दिसंबर को पता चलेगा कि क्या यह मूवी सभी fans का दिल जीत पाएगी या नहीं। वैसे देखा जाए तो पानीपत हरियाणा का इतिहास काफी गहरा है जिसमें पानीपत के 3rd battle war को इस #panipat Movie में दिखाने की पूरी कोशिश की जाएगी।.Lets wait till 6 December, देखते हैं जो मेहनत इस मूवी पर की गई है वह रंग लाएगी या नही |