

भारत सरकार द्वारा की गई डिजिटल स्ट्राइक का मकसद-
आजकल सोशल मीडिया का जमाना है। हर कोई सोशल मीडिया से जुड़ा हुआ है और कोई भी न्यूज इंसान तक कुछ ही समय में पहुंच जाती है।
लोगों ने सोशल मीडिया को एक जरिया बना लिया है, अपनी बात दूसरों तक पहुंचाने का। अगर कोई फेमस चैनल किसी गलत न्यूज को भी अपलोड कर देता है, तब लोग उस पर बिना सोचे समझे विश्वास भी कर लेते हैं।
ऐसे में लोगों के अंदर, देश और समाज के प्रति नेगेटेविटी फैलाना आम बात बन जाती है।
सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने किया 18 फर्जी यूट्यूब चैनल को ब्लॉक-
सूचना और प्रसारण मंत्रायल ने यूट्यूब पर 18 भारतीय और 4 पाकिस्तानी चैनलों को ब्लॉक कर दिया है। ये चैनल्स भारतीय विरोधी कंटेंट और फेक न्यूज फैला रहे थे।
सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने एक रिपोर्ट में कहा है कि ये चैनल्स दर्शकों को गुमराह करने के लिए समाचार न्यूज चैनलों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इन चैनल्स की व्यूअरशिप 260 करोड़ से अधिक थी।
इसलिए IT के नियम 2021 के तहत 18 भारतीय यूट्यूब चैनल और 4 पाकिस्तानी चैनलों को ब्लॉक कर दिया है। इसके साथ साथ 4 ट्विटर अकाउंट, 1 फेसबुक और 1 न्यूज साइट को भी ब्लॉक किया गया है।
फर्जी यूट्यूब चैनलों को ब्लॉक करने का कारण–
सूचना और प्रसारण मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार ये चैनल्स भारतीय सशस्त्र बलों, जम्मू और कश्मीर जैसे विषयों को लेकर गलत अफवाहें फैला रहे थे।इसके साथ-साथ यूक्रेन की मौजूदा स्थिति को लेकर लोगों को गलत न्यूज दिखाई जा रही थी। इन चैनल्स का मकसद लोगों को भारत के विदेशी संबधों को खतरे में डालना है। इसी लिए ये चैनल्स भारत विरोधी कंटेंट पोस्ट कर रहे थे।
पहले भी सूचना और प्रसारण मंत्रालय द्वारा ऐसे 78 फर्जी यूट्यूब चैनल्स को ब्लॉक किया है, ताकि देश में गलत न्यूज से लोगों को गुमराह न किया जा सके।