

International Yoga Day 2025– स्वस्थ रहना हर इंसान को अच्छा लगता है। लेकिन जैसा आज का खान-पान और रहन-सहन हो गया है, इससे इंसान बीमारियों की चपेट में उलझता जा रहा है। ऐसे में इंसान का चाह कर भी स्वस्थ रहना मुश्किल हो गया है। लेकिन असंभव कुछ भी नहीं होता।
इसलिए योग स्वस्थ जीवन शैली की ओर बहुत बड़ा और अच्छा कदम कहें तो गलत नहीं होगा।
आज संपूर्ण विश्व इस बात को मानता है कि अगर स्वस्थ रहना है तो योग को जीवन में अपनाओ।
27 सितंबर वर्ष 2014 को भारत देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में प्रस्ताव रखा कि योग को एक अंतर्राष्ट्रीय दिवस के रूप में मनाया जाए।
11 दिसंबर 2014 को UN ने भारत के प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (International Day of Yoga) के रूप में घोषित किया।
21 जून वर्ष 2015 को पहली बार अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया।
क्योंकि यह वर्ष का सबसे लंबा दिन (Summer Solstice) होता है और आध्यात्मिक दृष्टि से भी यह दिन महत्वपूर्ण माना जाता है।
योग भारतीय संस्कृति की प्राचीन और मूल विरासत है। यह केवल व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक सम्पूर्ण पद्धति है।
योग हमारे जीवन में शारीरिक, मानसिक और आत्मिक संतुलन बनाए रखने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसका अभ्यास न केवल हमें स्वस्थ बनाता है, बल्कि हमें सकारात्मक सोच, धैर्य और आंतरिक शांति भी प्रदान करता है।
“Yoga for One Earth, One Health”
इस वर्ष (21 जून 2025) की अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की आधिकारिक थीम यही है, जो इस बात पर जोर देती है कि व्यक्तिगत स्वास्थ्य और पृथ्वी की स्थिति पारस्परिक रूप से जुड़े हुए हैं।
आज के समय में बढ़ती बीमारियों में जहां योग लाभकारी सिद्ध हो रहा है, वहीं योग के मानसिक और आध्यात्मिकता में भी बहुत लाभ हैं।
योग तनाव, चिंता और डिप्रेशन को जड़ से खत्म करने का प्राकृतिक, प्रभावी और वैज्ञानिक तरीका है।
धीरे-धीरे गहरी सांस लेने से मस्तिष्क को ऑक्सीजन मिलती है, जिससे तनाव और बेचैनी कम होती है।
मन को वर्तमान क्षण में लाकर चिंताओं से मुक्ति दिलाता है।
सेरोटोनिन और डोपामिन जैसे “हैप्पी हार्मोन” के स्तर को बढ़ाता है।
शवासन, बालासन, वज्रासन आदि मांसपेशियों के तनाव को कम करते हैं।
नींद की गुणवत्ता बेहतर होती है, जिससे तनाव से राहत मिलती है।
स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के लिए आइए हम घर से ही योग की शुरुआत करें।
जहाँ ध्यान भंग न हो और योग मैट का उपयोग करें।
सुबह का समय सर्वोत्तम होता है।
5-10 मिनट आंखें बंद करके ध्यान करें।
YouTube या ऐप्स के जरिए योग शिक्षकों का मार्गदर्शन लें।
योग भारत की एक प्राचीन और अमूल्य परंपरा है। यह केवल शरीर को नहीं, बल्कि मन और आत्मा को भी शुद्ध करता है।
महर्षि पतंजलि ने योगसूत्रों से इसे व्यवस्थित किया।
21 जून को अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिलने के बाद यह भारत की सांस्कृतिक पहचान बना है।
भारत और विश्व में 2025 का आयोजन अधिक भव्य होगा।
सरकारें और संस्थान मिलकर बड़े स्तर पर योग शिविरों और वर्कशॉप्स का आयोजन करेंगी।
भारत में ऐतिहासिक स्थानों पर प्रधानमंत्री और योगगुरु सार्वजनिक योग करेंगे।
डिजिटल प्लेटफॉर्म से लाखों लोग लाइव भाग लेंगे।
विदेशों में भारत के दूतावास कार्यक्रम आयोजित करेंगे।
WHO जैसे संगठन भी इसमें भाग लेंगे।
योग सिर्फ एक अभ्यास नहीं, बल्कि एक संपूर्ण जीवनशैली है। यह सभी रोगों की एकल दवा है वह भी बिना किसी नुकसान के।
इसलिए अपनी दिनचर्या में योग को शामिल करें और तनाव मुक्त जीवनशैली अपनाएं।
“स्वस्थ जीवन है अगर अपनाना, तो योग को अपना साथी बनाना।”