योग शब्द संस्कृत के युज शब्द से बना है जिसका अर्थ है दो या दो से अधिक चीजों का आपस में जुड़ना। यह एक ऐसी क्रिया है जो शरीर में शारीरिक व मानसिक संतुलन को बनाने में सहायता करती हैं।

क्या है योग? (What is Yoga?)

योग एक प्राचीन शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक क्रिया है, जिससे हम अपने शरीर में लचीलापन, शक्ति और अपने श्वास पर नियंत्रण करके अपने शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य में सुधार कर सकते हैं।

“सुबह हो या शाम,
यदि व्यक्ति करें योग, तो निकट ना आएगा आपके कोई भी रोग।”

कैसे हुई अंतरराष्ट्रीय Yoga Day की शुरुआत?

प्रत्येक वर्ष 21 जून को International Yoga Day मनाया जाता है क्योंकि उत्तरी गोलार्ध में यह दिन सबसे लंबा होता है और योग से व्यक्ति की दीर्घायु होती है। 11 दिसंबर 2014 को 21 जून के दिन अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस भी मनाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली थी, जिसमें संयुक्त राष्ट्र के 177 सदस्य थे। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2015 में पूरे विश्व में मनाया गया था। भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सितंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में उनके संबोधन के दौरान अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने की घोषणा हुई थी। इसके बाद हमारे प्रधानमंत्री मोदी जी ने यूनाइटेड नेशनल जनरल असेंबली को एड्रेस किया और योगा के लाभ के बारे में बताया। तब से 2015 से यूनाइटेड नेशंस हर साल 21 जून को इंटरनेशनल योगा दिवस मनाता है। देखा जाए तो लगभग यूनाइटेड नेशन के सभी देशों ने योगा को अपना लिया है।

Yoga Day and Yoga मनाने का उद्देश्य

योग करने से मनुष्य जीवन में चिंता, तनाव और परेशानियों को खत्म करने की समर्था बढ़ जाती है, जिससे व्यक्ति स्वस्थ व चिंताओं से मुक्त जीवन जी सकता है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को योग से होने वाले लाभों के बारे में जागरूक करना है और योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने के लिए प्रेरित करना है।

इस साल की थीम

वर्ष 2024 की थीम है “स्वयं और समाज के लिए योग”। इस वर्ष भारत समेत दुनियाभर में दसवें योग दिवस का आयोजन किया जा रहा है ताकि लोगों को योग के महत्व के बारे जागरूक किया जा सके।

योग कितने समय करना चाहिए?

विशेषज्ञ का मानना है कि रोजाना 30 मिनट योग करना चाहिए, जिससे शरीर स्वस्थ रहता है। बाद में इसके समय को आप अपनी क्षमता व सहुलियत के हिसाब से बढ़ा सकते हैं।

योग के साथ ध्यान

योग और ध्यान को विश्राम का एक अच्छा स्रोत माना जाता है, जो रक्तचाप को कम करता है। यदि योग के साथ ध्यान को किया जाए तो और बेहतर नतीजे मिलते है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में चिंताओं से छुटकारा पाने और सोच को सकारात्मक बनाने के लिए योग के साथ ध्यान को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।

योग करने का सही समय और कब करें योग?

योग सुबह 4-7 बजे के बीच करना चाहिए, नहीं तो आप सूर्यास्त के समय भी योग कर सकते हैं। योग खाना खाने से पहले करना चाहिए या तो खाने के 3-4 घंटे बाद करना चाहिए और योग करते समय कपड़े भी ढीले पहनने चाहिए।

योग करने के लाभ

योग करने से शरीर में कई रोगों का खात्मा हो जाता है और व्यक्ति अपने आप को तंदुरुस्त महसूस करता है। माना जाता है कि उच्च रक्तचाप, हृदय रोग व मानसिक रूप से बीमार लोगों के लिए योग बहुत लाभदायक काम करता है।

  • योगा मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक बीमारी का इलाज करने के लिए सही और स्टीक है।
  • हमारे अंदर के तनाव को दूर करता है और आत्मविश्वास को बढ़ाता है।
  • योग हमारे शरीर की बीमारियों को दूर करता है।
  • योग एक ऐसा रास्ता है जिससे आप अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं।
  • परिवार के साथ योग करने से आप सुरक्षित रहेंगे और यह यादगार भी होगा।
  • योग शारीरिक और मानसिक तनाव को दूर करता है।
  • योग ही एक ऐसा रास्ता है जिससे आपका मन स्वतंत्र होता है।
  • योगा आपके आंतरिक बाहरी और भावनात्मक दर्द को दूर करने के लिए सबसे अच्छा तरीका है।

किन लोगों को योग नहीं करना चाहिए?

गर्भवती महिलाओ को, जिस व्यक्ति को कोई भी रोग है जैसे कि सांस की समस्या व अन्य कोई भी समस्या होने पर आप डॉक्टर की सलाह लेकर योग कर सकते हैं। यदि आप पहली बार योग कर रहे हैं तो किसी की निगरानी में रहकर योग करें।

निष्कर्ष

शरीर को स्वस्थ रखने के लिए सभी को योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए। योग करने से दवाओं से छुटकारा मिलता है और शरीर सेहतमंद रहता है।

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