5 मई के बाद जिस तरह भारत और चीन के रिश्ते बिगड़े हैं उसके बाद भारत की चीन के खिलाफ यह बड़ी कार्रवाई है। इसलिए अगर इसका कनेक्शन ढूंढना चाहते हैं कि ऐसा क्यों हो रहा है तो यह गलवन घाटी को लेकर भारत और चीन के बीच जो सीमा विवाद चल रहा है उसी का नतीजा है और यह भारत की तरफ से पहली डिजिटल एयर स्ट्राइक है।
सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69ए के तहत सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने 59 ऐप को बैन करने का निर्णय लिया है। क्योंकि प्रौद्योगिकी मंत्रालय को विभिन्न स्त्रोतों से इन एप्स को लेकर कई शिकायतें मिली है। ये चाइनीस आप एंड्रॉयड और iOS दोनों यूजर्स का डेटा चुराकर, भारत के बाहर अनधिकृत तरीके से भेजते है।
Chinese app भारत की सुरक्षा के लिए खतरा है। चाइनीस एप्स की प्राइवेसी को लेकर अक्सर बवाल होते रहे हैं। भारत से लेकर अमेरिका तक की खुफिया एजेंसियां लोगों को समय-समय पर चाइनीस एप्स को लेकर आगाह करती रहती है। कुछ दिन पहले भारत की खुफिया एजेंसियों ने भारत सरकार को इन एप पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। अब भारत सरकार ने 59 ऐप पर बैन लगाकर चीन के खिलाफ बहुत बड़ा आर्थिक फैसला लिया है।

आइए जानते हैं इन बैन हुई एप्स के बारे में
भारत में लगभग 100 करोड से ज्यादा लोग ऐसे हैं जो चाइनीस ऐप को यूज करते हैं। इस हिसाब से भारत चीन के इन मोबाइल एप्लीकेशन का सबसे बड़ा बाजार है। आप सोचिए अगर यह सारे मोबाइल ऐप दुनिया के सबसे बड़े बाजार से बाहर हो जाएं, तो इन पर कितना असर पड़ेगा। चीन पर कितना असर पड़ेगा।
भारत वैसे भी दुनिया के लिए सबसे बड़ा सोशल मीडिया का बाजार है। क्योंकि भारत में 100 करोड़ से ज्यादा लोग इंटरनेट का यूज करते हैं। भारत ने पूरी दुनिया को यह संदेश दे दिया है, कि अगर कोई देश भारत की तरफ आंख उठाकर भी देखेगा। तो उसे दुनिया के सबसे बड़े बाजार का 1% हिस्सा भी नहीं मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर चीन के रिश्ते नहीं बिगड़ते तब भी इन एप्स को भारत में ऑपरेट करने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए थी।
एक आकलन के मुताबिक चीन की सारी एप्स दुनिया भर से जो कमाई करते हैं। उसका औसतन 30-40% हिस्सा भारत से आता है। आप सब लोगों की जेब से आता है।
उदाहरण के लिए Tik Tok इस साल सितंबर तक भारत से 100 करोड रुपए कमाना चाहता था। यह सिर्फ भारत में चाइनीस एप की कमाई का एक छोटा सा उदाहरण था।
लेकिन भारत से चीनी एप की विदाई हो जाने के बाद भारत से हजारों करोड़ रुपए कमाने का यह सपना कभी पूरा नहीं हो पाएगा।
चीन के यह एप्स हवा के रास्ते भारत के लोगों के दिमाग को चीन का एक विचारक निवेश बना रहे थे। जिसे soft power कहते हैं।
इसीलिए भारत ने चीन के सॉफ्ट पावर पर एक अभूतपूर्व Digital Air Strike की है।ठीक ऐसे ही जैसे 2019 में भारत ने पाकिस्तान के बालाकोट स्ट्राइक की थी और 2016 में Pakistan Occupied Kashmir (POK) में सर्जिकल स्ट्राइक करके पाकिस्तान को करारा जवाब दिया था।
इसलिए आज भारत सरकार को इस बहुत बड़े फैसले का विश्लेषण जरूरी है,
और इस फैसले के दो आयाम है-
क्योंकि चीनी कंपनियों को, चीन को, चीन की community पार्टी को, सभी को इसका नुकसान झेलना पड़ेगा और इससे आपके जीवन में भी बदलाव आएगा और आप यह समझ जाएंगे कि अब चीनी सामान के बहिष्कार का समय आ गया है।
पूरी दुनिया इस कदम को किस नजर से देखने वाली है तो भारत की तरफ से पूरी दुनिया को यह संदेश है कि सीमा पर जो विवाद चल रहा है इसमें भारत ना तो किसी से डरने वाला है, ना ही दबने वाला है और ना ही अपने कदम पीछे हटाने वाला है।
China apps के बैन हों जाने से भारत को कोई हानि नहीं हुई हैं। ऐसा करने से भारत ने china को सीधी चुनोती दी हैं।
Tiktok पर India के 30% Users videos publish करते थे। लेकिन आज भारत ने china के इस व्यापार पर रोक लगा कर बहुत बड़ा फैसला किया हैं। इस से हमारे देश का विकास होगा..लोगो को पता लगेगा India भी china से कम नहीं है। India के पास भी वो ही सब apps है जो china के पास।
इस बात को आज सब स्वीकार भी करेंगे।
हर जगह “Made in india” होगा।