

हमारा मनुष्य शरीर ईश्वर द्वारा दी गई अनमोल नियामत है । इसका ध्यान रखना हमारा परम् कर्तव्य है ,क्योंकि जब हम बीमार पड़ते है तो हमे बेहद परेशानी का सामना करना पड़ता है। बीमारी की अवस्था में हम स्कूल ,कॉलेज या दफ्तर भी नही जा पाते हैं। सरल शब्दों में , हमारी दिनचर्या पूर्णतः बाधित हो जाती है ।
कुछ ऐसे उपाय हैं जिनके द्वारा आप कम खर्च में अपनी सेहत का ध्यान (Health Tips Hindi Mai) रख सकते हैं ।
सर्वप्रथम ,आप जानते ही होंगे की अंग्रेजी भाषा में कहा गया है कि ‘Prevention Is Better than Cure‘ अर्थात इलाज कराने से अच्छा है , हम पहले से ही एहतियात बरतें ताकि हमें बार-बार बीमारी का सामना न करना पड़े |
हम कुछ ऐसे कदम उठा सकते है जिसके द्वारा बार बार होने वाली भयंकर बिमारिओं से बचा जा सकता है ।
निम्नलिखित सरल उपाय आपके लिए कारगर सिद्ध हो सकते हैं:
अच्छी सेहत के लिए अति जरूरी है कि आप अपने खान-पान का ध्यान ऱखे । अक्सर देखा जाता है कि लोग मैदे से बने पदार्थों का सेवन बहुत अधिक मात्रा में करते हैं , और जो कि निन्म समस्याओं का कारण बन सकता है |
एक शोध के अनुसार , जंक फूड्स की लत एक दम तम्बाकू या अन्य प्रकार के नशे की लत के प्रकार की होती है जिसको दृढ-निश्चय द्वारा ही छोड़ा जा सकता है ।इसके साथ साथ आपको यह भी स्वीकार करना होगा कि यह सेहत के लिए नुकसानदेह है, एक ऐसा नुकसान जिसकी किसी भी कीमत पर भरपाई नही की जा सकती ।

Take Care of Your Food & Drink
अतः “आहार शुद्धो सत्तव शुद्धि” के नियम का पालन करते हुए आगे बढ़े ,अर्थात “जैसा अन्न होगा वैसा ही मन होगा “।
आप किसी भी उम्र के स्वामी है , चुस्त दुरुस्त जीवन की खातिर आपको कसरत तो करनी ही होगी ।
आखिर कसरत क्यों आवश्यक है?
यह जानना भी रुचिकर होगा कि आप खेल-कूद अर्थात बास्केटबॉल , टेनिस या फुटबाल द्वारा भी कसरत कर सकते हैं क्योंकि इस से आप मानसिक वृद्धि के साथ-साथ शारीरिक वृद्धि प्राप्त कर लेने की चरम सीमा पर होंगे ।

एक निरंतर पर्याप्त नींद का होना सभी वर्ग के व्यक्तिओं के लिए नितांत आवश्यक है ।
विद्ववानों के अनुसार , नये जन्मे बच्चे 16 से 18 घण्टे सोते है , 1 से 4 वर्ष के बच्चे 14 घण्टे सोते है । किशोरो को 9 से 10 घण्टे सोना चाईए व बड़ो को 7 से 8 घण्टे ।।
आगे बढ़ते हुए , अब कुछ और महत्वपूर्ण उपायों के बारे में संक्षेप में जानते है जिसके द्वारा आप स्वयं को स्वस्थ रख सकते है ।


इसके साथ-साथ ‘ध्यान’ को कभी न भूलिये : क्योंकि इसके द्वारा आप अपनी बुद्धि व शरीर को सुदृढ़ कर सकते है क्योंकि यह शरीर एक चलता फिरता मंदिर है जिस मंदिर में विद्यमान ईश्वर को ध्यान प्रक्रिया द्वारा ही प्रसन्न किया जा सकता है ।
2 Comments
सच है कि एक स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ विचारो का वास है।इतने सुंदर व सरल शब्दों में स्वस्थ रहने की प्रेरणा देने के लिए धन्यवाद।
Very useful article for good health