कड़वे तेल के नाम से पारंपरिक रूप से उपयोग किया जाने वाला सरसों का तेल अपनी तासीर और गुणों के कारण कई तरह की समस्याओं में औषधि के रूप में भी उपयोग किया जाता है। अगर आप अब तक इसके स्वास्थ्यवर्धक गुणों से अनजान हैं, तो आज हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से सरसों के तेल के फायदे (sarso ke tel ke fayde) बताने जा रहे हैं कि आपकी जिंदगी में कितना महत्वपूर्ण है। इसका सेवन करने से आपकी जिंदगी में किस तरह के बदलाव आएंगे। हम सभी घरों में सब्जी बनाने में सरसों के तेल का इस्तेमाल करते हैं। कुछ जगह पर इसको कडवा तेल के नाम से जाना जाता है।
यदि आप भारत में रहते हैं, तो इसकी बहुत संभावना है कि आप हर महीने अपनी किराने की सूची में सरसों का तेल जरूर लाते होंगे । यह एक आवश्यक चीज़ है, और कुछ खाने के पदार्थ जैसे कि लेडीफिंगर का स्वाद सबसे ज्यादा अच्छा लगता है जब इसमें पकाया जाता है। यह तेल सरसों के पौधे के बीजों से निकाल कर बनाया जाता है और अन्य तेलों से बहुत अलग होता है। इसमें हल्का पीला रंग, एक मजबूत सुगंध, तेज स्वाद और तीखा स्वाद है। इसका अपने आप मे स्वाद इतना अच्छा तो नहीं है लेकिन इसे अपने व्यंजनों में जोड़ने से कई स्वास्थ्य लाभ मिलते है उनमें से कुछ यहाँ एक सूची में हैं।
सरसों का तेल सेहत और सुंदरता दोनों के लिए ही बहुत फायदेमंद है | इसमें कई ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो दर्दनाशक का काम करते हैं। ये एक औषधि की तरह काम करता है। आमतौर पर लोग इसे सिर्फ तेल समझकर ही इस्तेमाल करते हैं पर आप को इसके फायदे जान कर बहुत हैरानी होगी |
जोडों का दर्द हो चाहे कानों का दर्द हो या फिर कहीं चोट लगी हो सरसों का तेल इन सब की एक आयुर्वेदिक दवाई है। सरसों के तेल की मालिश करने से जोडों का दर्द ठीक हो जाता है। सरसों के तेल को गुनगुना करके कान में डालने से कान का दर्द ठीक हो जाता है।
सरसों के तेल में वेसन और हल्दी मिलाकर चेहरे पर लगाने से चेहरे पर निखार तो आता ही है साथ में त्वचा की नमी भी बनी रहती है। पुरुष सरसों के तेल को चेहरे पर लगाकर शेव करें तो चेहरा और भी निखार आ जाता है।
अगर आपको भूख नहीं लगती तो ये तेल आपके लिए बहुत फायदेमंद है ये हमारे पेट में ऐपिटाइजर का काम करता है जो भूख बढाता है।
सरसों के तेल में मौजूद विटामिन शरीर के मेटाबॉलिज्म को बढाते है जिससे बजन कम हो जाता है।
अस्थमा से पीड़ित लोगों के लिए सरसों का तेल बहुत फायदेमंद है। इस में मैग्नीशियम पाया जाता है जो अस्थमा के मरीजों के लिए फायदेमंद है। सर्दी हो जाने पर भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।
दातों पर सरसों के तेल में नमक मिलाकर लगाने से दांत सफेद और मजबूत बनते हैं।
Mustard Oil Benefits for Hair in Hindi: बालों की मजबूती के लिए फायदेमंद – सरसों के तेल को बालों में लगाकर रोजाना मालिश की जाऐ तो बाल मजबूत बन जाते हैं। सरसों के तेल और बादाम दोनों को मिलाकर अच्छी तरह से उबाल लें और फिर ठंडा कर लें और फिर उस से बालों की जड़ों में मालिश करें जिससे बाल तो मजबूत बनते ही है साथ में दिमाग भी तेज होता है। रात को सोने से पहले सिर में सरसों का तेल लगाने से तनाव दूर हो जाता है।
सोने से पहले सरसों का तेल नाभि पर लगाऐ इससे होंठ फटने की समस्या दूर हो जाती है और होंठ खूबसूरत दिखने लगते हैं। नाभि पर सरसों का तेल लगाने से पेट दर्द और डाइजेस्ट की समस्या दूर हो जाती है।
अगर लम्बे समय से लगी चोट ठीक नहीं हो रही तो सरसों के तेल लगाने से वो सूख कर जल्दी ठीक हो जाती है।
स्वस्थ शरीर और मजबूती बनाने के लिए रोजाना सुबह नहाने से पहले सरसों के तेल की मालिश की जाऐ। इससे शरीर निरोग बन जाता है। फलस्वरूप आप लंबे समय तक सुखद और जवान रह पाएंगे।
रात को सोने से पहले अगर रोजाना पैरों के तलवों पर मालिश करके सोयेंगे तो बहुत फायदेमंद है। इससे आखों की रोशनी तेज होती है। इससे नींद अच्छी आती है।
सरसों के तेल में मोनोअनसैचुरेटेड (Monounsaturated) और पॉलीअनसेचुरेटेड फैटी एसिड(Polyunsaturated Fatty Acids), ओमेगा -3 (Omega-3) और ओमेगा -6 फैटी एसिड(Omega-6 Fatty Acid) होते हैं जो इस्केमिक हृदय रोग (Ischemic Heart Disease) के जोखिम को 50 प्रतिशत तक कम कर सकता हैं। यह खराब कोलेस्ट्रॉल को भी कम करता है और अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है।
खोज से साबित हुआ है कि सरसों के तेल में कैंसर से लड़ने वाले गुण होते हैं। यह आपके पेट को कैंसर के खतरे से लड़ने में मदद करता है।
ज्यादातर लोग खांसी और जुखाम को खतरनाक मानते हैं क्योंकि इससे छुटकारा पाना बहुत मुश्किल है। शुक्र है कि सरसों का तेल खांसी और जुखाम का कारण बनने वाली भीड़ से छुटकारा दिलाता है। खांसी और जुखाम से छुटकारा पाने के लिए गर्म पानी मे गाजर के बीज और थोड़ा सा सरसों का तेल मिलाकर भाप लें।
त्वचा पर सीधे सरसों के तेल की मालिश करने से सुन्न मांसपेशियों में सनसनी होने में मदद मिलेगी। यह तनाव ग्रस्त मांसपेशियों को आराम करने में भी मदद करेगा।
जब रक्त परिसंचरण (Blood Circulation) बढ़ जाती है, तो यह आपके शरीर को ताज़ा कर सकता है और जरूरी अंगों के काम करने की गति को बढ़ा सकता है। यही कारण है कि न केवल नवजात बच्चों को बल्कि वयस्कों (Adults) को भी सरसों के तेल की मालिश का विकल्प चुनना चाहिए। यह न केवल ताकत बढ़ाएगा बल्कि आपके शरीर को गर्माहट भी प्रदान करेगा।
जो लोग जोड़ों या गठिया के दर्द के कारण पीड़ित हैं उन्हें सरसों के तेल को जहा-जहा दर्द है उन क्षेत्रों पर रगड़ने से कुछ राहत मिल जाती है। यह आपके रक्त परिसंचरण को बढ़ाएगा। यह ओमेगा -3 फैटी एसिड के साथ भी भरा हुआ है जो इस दर्द का विरोधी है।
आप यह भी भरोसा कर सकते हैं कि सरसों के तेल में एंटी-बैक्टीरियल प्रभाव होता है। इसमें जीवाणु रोधी एजेंट होते हैं जो बैक्टीरिया को हराने के लिए काम करते हैं। इसमें ग्लूकोसिनोलेट भी है जो खराब बैक्टीरिया और रोगाणुओं के विकास को रोकने में भी मदद करता है।
इस तेल में ऐंटिफंगल गुण भी होते हैं, जिसका अर्थ है कि यह फफूंद के कारण होने वाले स्पर्श रोग और लाल चकत्ते का इलाज कर सकता है। एक अध्ययन में, एलिल आइसोथियोसाइनेट नामक यौगिक के लिए फफूंद से लड़ने में अन्य तेलों के मुकाबले सरसों का तेल सबसे प्रभावी साबित हुआ।
आप संज्ञानात्मक कार्यों, स्मृति और यहां तक कि अवसाद के इलाज में मदद करके अपने मस्तिष्क के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए इस तेल में फैटी एसिड पर भरोसा कर सकते हैं। बच्चों को परीक्षा के मौसम में यह तेल दिया जा सकता है ताकि उन्हें बेहतर याद रखने में मदद मिल सके।