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दुनिया भर में मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में भारत ने गाड़ा झंडा-

आपकी जानकारी के लिए बता दें, हाल ही में भारत अमेरिका को पछाड़कर दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा विनिर्माण गंतव्य बन गया है। यह जानकारी रियल एस्टेट सलाहकार कुशमैन एंड वेकफील्ड द्वारा दी गई है। लागत के मोर्चे पर क्षमता बढ़ने की वजह से भारत का आकर्षण विनिर्माण केंद्र के रूप में बढ़ा है।

7 प्रशांत देशों की लिस्ट में शामिल अमेरिका यूरोप व एशिया।

Cushman & Wakefield’s 2021 द्वारा अपने ब्यान में बताया है कि वैश्विक विनिर्माण जोखिम सूचकांक-2021 के मुताबिक चीन पहले स्थान पर है। यह सूचकांक यूरोप, द अमेरिका
एशिया-प्रशांत (एपीएसी) 47 देशों के बीच वैश्विक विनिर्माण के लिए सबसे उपयुक्त स्थानों की वार्षिक रैंकिंग में इस साल शीर्ष 3 देशों में से एक रहा भारत।

Cushman & Wakefield’s 2021 Global Manufacturing Risk Index द्वारा दी गई रिपोर्ट के अनुसार सबसे अधिक मांग वाले विनिर्माण गंतव्य में चीन के बाद दूसरा स्थान भारत का हैं।


▪️ तीसरे पर अमेरिका
▪️चौथे पर कनाडा
▪️पांचवें पर चेक गणराज्य
▪️घठे पर इंडोनेशिया
▪️ सातवें पर लिथुआनिया
▪️ आठवें पर थाइलैंड
▪️ नौंवे पर मलेशिया
▪️ दसवें पर पोलैंड

वर्ष 2020 में दूसरे स्थान पर रहने वाला देश अमेरिका और तीसरे स्थान पर भारत था।

पिछले वर्ष की रिपोर्ट से पता चलता है कि अमेरिका और एशिया-प्रशांत क्षेत्र की तुलना में विनिर्माता अब भारत में रुचि दिखा रहा है।

पिछले वर्ष की भारत की रैंकिंग से इस वर्ष की रैंकिंग में सुधार
ब्यान में यह बताया गया है कि परिचालन की परिस्थितियों तथा लागत की क्षमता को देखते हुए ही विनिर्माण गंतव्य के रूप में भारत का आकर्षण ज्यादा बढ़ा है। Cushman & Wakefield’s 2021 रिपोर्ट में साथ में भी बताया गया है कि भारत ने आउटसोर्सिंग की सभी जरूरतों को सफलतापूर्वक पूरा किया है। जिसके द्वारा भारत की वार्षिक स्तर की रैंकिंग में सुधार हुआ है।

एयरटेल, वोडाफोन – आइडिया और जिओ कंपनियों द्वारा जारी किए गए ₹130 से भी कम अनलिमिटेड कॉलिंग और 4G इंटरनेट प्लांस

मोबाइल फोंस कंपनी द्वारा अनलिमिटेड कॉलिंग और 4G इंटरनेट डाटा प्लांस जारी किए जाते हैं। जिनकी एक समय सीमा होती है। कईं प्लेंस में हमें रोजाना इंटरनेट डाटा मिलता है और उसे उसी दिन में ही खत्म करना होता है।

इस वजह से यूजर्स को कई बार परेशानी का सामना करना पड़ता है। जैसे कि अगर उस दिन का डाटा खत्म हो जाए, तो उसे दोबारा से 4G इंटरनेट डाटा डलवाना पड़ता है या फिर अगर यूजर्स ने उस दिन अपने 4G इंटरनेट डाटा का इस्तेमाल नहीं किया तो उस दिन का डाटा कंपनी को ही वापस हो जाता है।

इस समस्या को हल करने के लिए कंपनियों ने सस्ते और अनलिमिटेड कॉलिंग 4G इंटरनेट डाटा प्लांस भी उपलब्ध करवाए हुए हैं।

बढ़ती मंहगाई के कारण सभी कंपनियों ने जहां अपने अनलिमिटिड कॉलिंग और 4G इंटरनेट डाटा प्लान को महंगा कर दिया है, वहीं कंपनियों ने अनलिमिटीड कॉलिंग के 130 रुपए से कम के प्लान भी उपलब्ध करवाए हैं।

इन अनलिमिटेड कॉलिंग प्लांस में कॉलिंग सुविधा 24 घंटे फ्री होती है और इंटरनेट डाटा निश्चित समय के लिए उपलब्ध होता है।

जानिए विभिन्न कंपनियों के अनलिमिटेड कॉलिंग और 4G डाटा प्लांस के बारे में डिटेल्स में।

एयरटेल का सबसे सस्ता अनलिमिटेड कॉलिंग और 4G इंटरनेट डाटा प्लान :–

एयरटेल कंपनी द्वारा अनलिमिटेड कॉलिंग और 4G इंटरनेट के लिए बहुत सारे प्लांस उपलब्ध कराए गए हैं।

लेकिन 129 का प्रीपेड प्लान एक ऐसा है, जिसमें यूजर्स को अनलिमिटेड फ्री कॉलिंग और 4G इंटरनेट डाटा 24 दिनों के लिए दिया जाता है।

इसमें यूजर्स को 1GB डाटा 24 दिनों के लिए दिया जाता है और यह डाटा यूजर्स को रोजाना उपलब्ध नहीं करवाया जाता।

इसके साथ ही यूजर्स को 300 फ्री SMS और इसके साथ एयरटेल कंपनी अपने यूजर्स को इस प्लान के साथ wynk music और Airtel extreme एप्स के फ्री सब्सक्रिप्शन भी देती है।

अनलिमिटेड फ्री कॉलिंग और 4G इंटरनेट के साथ एक ऐसा यही प्लान है, जो एयरटेल कंपनी द्वारा सबसे सस्ता और अच्छा है।

जिओ कंपनी का सबसे सस्ता अनलिमिटेड फ्री कॉलिंग और 4G इंटरनेट प्लान :–

जहां एयरटेल कंपनी ने अपने यूजर्स के लिए फ्री अनलिमिटेड कॉलिंग और 4G इंटरनेट प्लांस उपलब्ध कराए हैं। वहीं जिओ कंपनी द्वारा भी फ्री अनलिमिटेड कॉलिंग और 4G इंटरनेट प्लान उपलब्ध कराया है।

जिओ कंपनी के फ्री अनलिमिटेड कॉलिंग और 4G इंटरनेट प्लान में सबसे कम कीमत ₹127 है। जिसकी वैधता 15 दिन की है। किसके साथ यूजर्स को 12GB 4G इंटरनेट डाटा मिलता है।

वोडाफोन आइडिया कंपनी का सबसे सस्ता और अच्छा अनलिमिटेड फ्री कॉलिंग 4G इंटरनेट प्लान:

अपने यूजर्स को खुश करने में वोडाफोन आइडिया कंपनी भी पीछे नहीं रही।

Vodafone-idea कंपनी द्वारा भी ₹130 से कम फ्री अनलिमिटेड कॉलिंग और 4G इंटरनेट डाटा प्लान जारी किया गया है। जिसकी कीमत मात्र ₹129 है। जिसमें यूजर्स को 24 दिन के लिए अनलिमिटेड फ्री कॉलिंग और 2GB 4G इंटरनेट डाटा उपलब्ध कराया जाता है।

इसके साथ vodafone-idea यूजर्स को 300 फ्री SMS सुविधा भी दी जाती है।

वोडाफोन आइडिया कंपनी द्वारा यूजर्स को किसी ऐप का फ्री सब्सक्रिप्शन उपलब्ध नहीं कराया जाता।

अतः अब यूजेस को महंगे प्लान खरीदने की कोई बाध्यता नहीं है। अब यूजर्स ₹130 से भी सस्ते प्लान से अब अनलिमिटेड कॉलिंग और 4G इंटरनेट डाटा जैसी सुविधाएं प्राप्त कर सकते हैं।

वर्ष 1947 की 15 अगस्त के दिन का हमारे इतिहास में बड़ा महत्व है। सदियों से हमारा भारत देश अंग्रेजों की दास्तां में था और उनके अत्याचारों से हर कोई वाकिफ था। खुली हवा में सांस लेने को बेचैन भारत में आजादी का पहला बिगुल 1857 में बजा। परंतु कुछ कारणों से हम गुलामी के बंधनों से मुक्त नहीं हो पाए।

आपकी जानकारी के लिए बता दे, आजादी का यह संघर्ष वास्तव में तब अधिक हुआ था, जब माननीय बाल गंगाधर तिलक जी ने कहा था कि स्वतंत्रता हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है और हम इस अधिकार को लेकर रहेंगे। इसी बात से प्रभावित होकर ना जाने कितने वीरों ने अपनी आंखें बंद कर ली। ताकि आज यहां पर जन्म लेने वाला हर बच्चा आजाद भारत में आजाद आकाश के नीचे अपनी आंखें खोल सके। बहुत से वीरो ने अपने सिर पर कफन बांध कर देश की आजादी के लिए अपनी कुर्बानी दी और मंजिल एक दिन 15 अगस्त 1947 के रूप में सामने आई और भारत देश आजाद हुआ। तभी से 15 अगस्त के दिन को स्वतंत्रता दिवस के रुप में मनाया जाता है।

कैसे मनाया जाता है स्वतंत्रता दिवस-

इस बार 15 अगस्त 2021 रविवार को लाल किले की प्राचीर से नरेंद्र मोदी देश को संबोधित करेंगे। हर साल 15 अगस्त के दिन लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री के द्वारा देश को संबोधित किया जाता है। इस साल 15 अगस्त के दिन को अलग तरीके से मनाया जा रहा है।

वीरों के त्याग की याद दिलाता हैं-

स्वतंत्रता दिवस का दिन हमें वीरों के त्याग की याद दिलाता है। देश के वीरों की कुर्बानी व बहुत संघर्ष के बाद मिली यह आजादी भारत देश के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। महात्मा गांधी, गोपाल कृष्ण गोखले, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, भगत सिंह, सरदार वल्लभभाई पटेल, डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद, चंद्रशेखर आजाद, सुखदेव, लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक आदि महान वीरो के बलिदान के कारण ही हम आज आजाद भारत देश में चेन की सांस ले पा रहे हैं।

स्वतंत्रता दिवस का महत्व –

भारत देश में स्थित दिल्ली का लाल किला स्वतंत्रता दिवस का प्रतीक है। यहां सबसे पहले 15 अगस्त 1947 को भारत के सबसे पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू जी ने झंडा फहराया था। यह परंपरा आज तक चली आ रही है। इस दिन देश के प्रधानमंत्री लाल किले के प्राचीर पर तिरंगा फहराते हैं इसके साथ ही देश को संबोधित करते हैं।

उद्देश्य-

स्वतंत्रता दिवस मनाने का उद्देश्य यह है कि देश के नागरिक होने नाते स्वतंत्रता का ना तो अपने आप पर दुरुपयोग करें और ना ही दूसरों को करने दे। आपस में सभी एकता व भाईचारे से रहे। लड़ाई व झगड़े से बचे। हम सभी को इस दिन अच्छे नेक कार्य करने चाहिए और देश को आगे बढ़ाना चाहिए। रिश्वत, जमाखोरी व कालाबाजारी को देश से समाप्त करें।

क्या हम सही मायनों में आज आजाद है-

कहने में तो हम सभी स्वतंत्र देश में रहते हैं, हम दिखाते भी कुछ ऐसा ही हैं कि हम खुले विचारों वाले, आजाद सोच व खुले दिल वाले इंसान हैं। लेकिन जब हम हकीकत पर गौर करते हैं, तो नजारा देखने में कुछ और ही दिखाई पड़ता है। यह बात सुनने में बहुत कड़वी जरूर लग रही होगी। परंतु यह सत्य है। जहां आज हम 75वाँ स्वतंत्रता दिवस मनाने की तैयारी कर रहे हैं। वहीं इसमें बहुत कुछ परतंत्र भी है। इतने वर्षों की आजादी के बाद भी हम आज वास्तव में आजाद नहीं है। कहने–सुनने में तो हम आजाद दिख सकते हैं। लेकिन असल में ऐसा नहीं है।

आज आप भारत के किसी भी कोने में चले जाएं। कहीं ना कहीं इस बात की सत्यता को जरूर परखेंगे कि जो जैसा दिखता हैं, वास्तव में वह वैसा नहीं होता। फिर चाहे वह नेता, राजनेता, हमारे रिश्तेदार, सगे-संबंधी या घर परिवार कोई भी क्यों ना हो।

इस बात में बिल्कुल संदेह नहीं कि हमारे देश के वीरो और स्वतंत्रता सेनानियों के कारण हम खुली हवा में सांस ले पा रहे हैं। लेकिन केवल घूमने-फिरने और खुली हवा में सांस लेने से ही हमें संतुष्ट नहीं होना चाहिए।

यह हमारा फर्ज बनता है कि जो सपना हमारे देश के महान वीर जवानों, स्वतंत्रता सेनानियों ने देखा उस सपने को हम सभी मिलकर पूरा करें और अपने भारत देश को सही मायनों में आजाद कराएं।

कुछ कारण जिससे हमारी स्वतंत्रता अधूरी है-

आइए जानते हैं उन कारणों के बारे में जिसके कारण हमारी स्वतंत्रता का मतलब अधूरा है। अगर इन कारणों व कमियों को सुधारा जाए तो हम सच में आजादी के हकदार बनेंगे।

  1. नशों से आजादी – भारत देश में सभी धर्मों के लोग रहते हैं। हर कोई अपने-अपने धर्म को मानता है। लेकिन अफसोस इस बात का है कि धर्मों की बातों को लोग नहीं मानते। हर धर्म में नशो का सेवन करने को लेकर मनाही है। नशे बर्बादी का घर हैं व नशों के कारण घरो के घर बर्बाद हो जाते हैं। गरीबी का एक मुख्य कारण नशा भी है। अगर देश को समृद्ध और शक्तिशाली बनाना है, तो सरकार को सभी नशों पर रोक लगानी चाहिए। इसको रोकने के लिए सख्त कानून लागू होने चाहिए। तभी देश की तरक्की हो सकती है।
  1. मानसिक गुलामी से आजादी – हमारा देश भले ही 15 अगस्त 1947 को आजाद हुआ। लेकिन भारत में बहुत से लोग अभी भी मानसिक रूप से गुलाम है। हमारी भारतीय संस्कृति व परंपरा को छोड़कर अधिकतर लोग आज पश्चिमी सभ्यता को अपना रहे है। यह मानसिक गुलामी का शिकार नहीं होना तो और क्या है। जब तक हम विदेशी कल्चर को अपनाते रहेंगे। तब तक हम अपने देश व अपने आप को आजाद नहीं समझ सकते हैं।
  1. रिश्वतखोरी से आजादी – आज भारत में कुछ पैसों के लिए लोग अपना जमीर तक बेच देते हैं। भ्रष्टाचार को लेकर भारत की स्थिति बहुत खराब व दयनीय है। यहां बहुत से लोग रिश्वत देकर कुछ भी काम करवा सकते हैं। जब तक देश में रिश्वतखोरी भ्रष्टाचार खत्म नहीं होगा। तब तक भारत तरक्की नहीं कर सकता। इसको रोकने के लिए लोगों को जागरूक करने व कडे़ से कड़े कानून लागू करने की जरूरत है।
  1. पाखंडवाद से आजादी – आज के समय में लोग धर्म को कम मानते हैं। लेकिन दिखावा ज्यादा करते हैं। धार्मिक स्थान बनाना गलत नहीं है। परंतु जिस देश में शिक्षा से अधिक धार्मिक स्थानों को बनाने में जोर दिया जाता हो, वहां विकास डावाडोल स्थिति में ही रहता है। धर्म को मानना गलत नहीं है। लेकिन धर्म की बात भी माननी जरूरी है। पाखंडवाद को छोड़कर शिक्षा प्रणाली पर ध्यान देना जरूरी है।

अगर हम सभी देशवासी मिलकर इन कमियों व कारणों पर विचार करें और इनमें सुधार लाए। तो एक दिन सच में हम देशवासी बहुमूल्य आजादी के हकदार बनेंगे और वीरों के बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने देंगे।

निष्कर्ष-

15 अगस्त को देश आजादी का जश्न मनाता है यह दिन होता है उन वीरों को याद करने का जिन्होंने देश को आजादी दिलाने का अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया हमें कभी नहीं भूल सकते कि आजादी पाने को लाखों लोगों ने अपनी जान गवाई थी। आखिर में आप सभी को 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस की बहुत-बहुत शुभकानाएं। अपने लोकतंत्र के इस सर्वश्रेष्ठ त्यौहार को उपरोक्त बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए भविष्य में एक वास्तविक स्वतंत्रता दिवस को मनाने के हकदार बने। जय हिन्द, जय भारत!

जिन बच्चों के लिए ऑनलाइन क्लासेस एक चुनौती बन गई थी, उनके लिए अब जियो लाया नया फीचर Study Mode

यूजर्स को सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए Jio आए दिन नए-नए प्लान व ऑफर्स पेश करती रहती है। बच्चों की पढ़ाई को लेकर इस बार कंपनी बहुत ही कमाल का फीचर लेकर आई है, जिसे जानकर आप को बहुत ही खुशी होगी।

अक्सर देखा गया है कि बच्चे ऑनलाइन क्लासेस के दौरान पढ़ाई करते समय बोर हो जाते है और उनकी रूची पढ़ाई में कम हो रही है। इस बात को ध्यान में रखते हुए अब Jio ने अपने यूजर्स के लिए वेब ब्राउजिंग ऐप Jio Page (Study Mode) एक नया फीचर ऐड किया है। जिससे अब स्टूडेंट्स पूरी रूची से पढ़ाई कर सकेंगे।
इसके नाम से ही पता चलता है कि ये फीचर पढ़ाई के लिए ही बनाया गया है। Jio की कंपनी का मानना है कि Study Mode यूजर्स के बहुत काम आएगा, जिन बच्चों के लिए घर में बैठकर ऑनलाइन क्लासेस एक चुनौती बनती जा रही है। इसके लिए उन्हें Study Mode Jio पेज के साथ जोड़ा गया है परन्तु अब देखना ये है कि ये फीचर बच्चों के लिए कितना फायदेमंद हो सकता है??

कैसे install करे App –

Study Mode फीचर को install करने के लिए यूजर्स को सबसे पहले jio pages पर वेब ब्राउज़र को डाउनलोड करना होगा।

  • डाउनलोड के पूरा होने के बाद ऐप को ओपन करे।
  • इसको ओपन करने के बाद आपको Mode चुनने का विकल्प मिलेगा।
  • इसके बाद आप स्विच मोड़ विकल्प पर जाकर Study Mode app को install कर सकेंगे।
  • आपकी जानकारी के लिए बता दे की Jio set-Top Box के साथ Jio पेज प्री-इंस्टॉल्ड है। जबकि दूसरे Android यूजर्स सीधा Google Play Store में जाकर डाउनलोड कर सकते हैं।

Study Mode से होने वाले फायदे –

Jio द्वारा अपने नए फीचर Study Mode द्वारा यूजर्स को क्लास के हिसाब से कंटेंट उपलब्ध करवाने के साथ-साथ यूजर्स को अपने विषय के हिसाब से वीडियो के चैनल का सुझाव मिलेगा और साथ ही साथ अपने पसंदीदा कैटेगरी से जोड़ने का विकल्प भी मिलेगा। इसके साथ शिक्षा के क्षेत्र में वेबसाइट्स में जो लिंक दिए जाते हैं। जिसके द्वारा यूजर्स उस लिंक पर क्लिक करके सीधा उस वेबसाइट पर पहुंच जाएगा। इससे सबसे बड़ा फायदा यह होगा गुगल पर खोज करते समय जो समय खराब होता है, उस समय की बचत होगी।

Jio pages एक सुरक्षित प्लेटफार्म है और इसमें 8 भारतीय भाषाओं का सपोर्ट दिया गया है। कोई भी लिंक सेव करने की सुविधा इस वेब ब्राउज़र में मिलेगी। यूजर्स आसानी से उस वेबसाइट को अपने डिवाइस पर जल्दी से ओपन कर सकेंगे।

अब देखना ये है कि jio द्वारा तैयार किया गया ये फीचर बच्चों के लिए कितना फायदेमंद हो सकता है।

गुरु पूर्णिमा का त्योहार आषाढ़ माह में पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। इस बार गुरु पूर्णिमा 24 जुलाई 2021 शनिवार को मनाई जा रही है। इस दिन महाभारत के रचियता गुरु वेद व्यास जी का जन्म हुआ था‌ उन्हें सम्मान देने के लिए उनके जन्मदिन को गुरु पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है। आषाढ़ मास की पूर्णिमा को ही गुरु पूर्णिमा कहा जाता है।

गुरु शब्द का अर्थ

गुरु शब्द दो शब्दों ‘गू‘और ‘रू’ के मेल से बना है। ‘गू का अर्थ अंधकार और ‘रू’ का अर्थ प्रकाश अर्थात जो अपने शिष्य को अज्ञानता रूपी अंधकार से बाहर निकाले और ज्ञान की ज्योति जलाएं उसे गुरु कहा जाता है

गुरु वह होता है जो हमें आध्यात्मिक ज्ञान देकर हमें सामाजिक जीवन में जीना सिखाता है।

क्यों मनाया जाता है गुरु पूर्णिमा का त्योहार –

गुरु पूर्णिमा उन सभी आध्यात्मिक और अकादमिक गुरुजनों को समर्पित परंपरा है, जिन्होंने कर्म योग आधारित व्यक्तित्व विकास और बिना किसी मौद्रिक खर्च के अपनी बुद्धिमता को सांझा किया। इस उत्सव को महात्मा गांधी ने अपने अध्यात्मिक गुरु श्री मद राजचंद्र को सम्मान देने के लिए पुनर्जीवित किया। ऐसा भी माना जाता है कि व्यास पूर्णिमा वेद व्यास के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है।

क्यों कहते हैं व्यास पूर्णिमा –

गुरु पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा इसलिए कहा जाता है, क्योंकि इस दिन महाभारत के रचयिता वेदव्यास का जन्म हुआ था। वेदव्यास ने छह शास्त्र व अठारह पुराणों की रचना की थी। उन्होंने महाभारत के साथ-साथ श्रीमद् भागवत और ब्रह्म सूत्र जैसे पुराणों की रचना भी की थी। उन्होंने श्रीमद् भागवत पुराण में भगवान विष्णु के 24 अवतारों का वर्णन किया। व्यास जी ने सबसे पहले अपने शिष्य और मुनियों को वेदों और पुराणों का ज्ञान दिया था। इसी कारण इस तिथि को व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है।

गुरु पूर्णिमा को मनाने का उद्देश्य –

गुरु पूर्णिमा का पर्व पूरे देश भर में बढ़े ही उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस पर्व को मनाने का उद्देश्य जीवन में गुरु के महत्व, त्याग को समर्पित है। जोकि आने वाली पीढ़ियों को गुरु और शिक्षक के महत्व को बताना है।

जीवन में गुरु का महत्व –

गुरु के बिना किसी भी मनुष्य की गति नहीं हो सकती। बिना गुरु के कोई भी मनुष्य का जीवन अधूरा है। अपने जीवन के हर लक्ष्य तक पहुंचने के लिए हमें गुरु के ज्ञान की बहुत आवश्यकता होती है। फिर चाहे वह कोई भी क्षेत्र हो पढ़ाई हो, धार्मिक हो या अन्य क्षेत्र गुरु के बिना हम अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकते। गुरु के बिना हमें अपने असली जीवन की समझ नहीं आ सकती।

कैसा होता है एक सच्चा गुरु –

सच्चा गुरु वह होता है, जो किसी से कुछ लेता नही बल्कि बदले में झोलिया खुशियों से भर देता है।गुरु एक मोमबत्ती की तरह होता है, जो खुद जलकर दूसरों की अंधेरी जिंदगी में उजाला करता है। गुरु की महिमा को हम लिख बोल कर ब्यान नहीं कर सकते।

गुरु के बिना जीवन –

सच्चे गुरु के बिना हमारा जीवन ऐसा होता है, जैसे पानी के बिना मछली। क्योंकि एक सच्चा गुरु ही है, जो हमें जीवन जीना सिखाता है। मां बाप के बाद हमें जीवन की सही दिशा दिखाता है और जीवन के मुल्य को बताकर जीवन जीना सिखाता है।

कैसे मनाई जाती है गुरु पूर्णिमा –

आषाढ़ पूर्णिमा का अपना एक अलग स्थान है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान किया जाता है और दान के लिए ये महत्वपूर्ण तिथि मानी जाती है। आषाढ़ पूर्णिमा के दिन गुरु पूजन भी किया जाता है। गुरु मंत्र प्राप्त करने के लिए यह दिन काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन आप जिसे भी गुरु मानते हैं, उसके प्रति सम्मान व्यक्त किया जाता है और गुरु की पूजा की जाती है। क्योंकि उनके ज्ञान के प्रकाश से जीवन का अंधकार दूर हो जाता है और ईश्वर की प्राप्ति होती है। गुरु का ज्ञान ही जीवन के हर मोड़ को आलोकित करने में सक्षम होता है। प्राचीन काल से लेकर आज तक गुरु शिष्य की परंपरा चली आ रही है। इस दिन केवल गुरु ही नहीं, बल्कि परिवार के भी सभी बड़े सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त करना चाहिए और उनको गुरु तुल्य समझ कर आदर करना चाहिए।

निष्कर्ष –

गुरु का हमारे जीवन में बहुत महत्व है। गुरु के मार्गदर्शन के बिना लक्ष्य की प्राप्ति असंभव है। इसलिए अपने जीवन में गुरु के मार्गदर्शन से हम अपने लक्ष्य की प्राप्ति कर सकते है। गुरु के ज्ञान से हम सही मार्ग अपनाकर अपनी चुनौतियों को कम करके अपने जीवन का सुधार कर सकते हैं और खुशी-खुशी जीवन व्यतीत कर सकते है।

गूगल Meet App ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में की समय की पाबंदी

क्या है google Meet ऐप :-

गूगल की एक ऐप है, गूगल मीट जिसके माध्यम से हम लाइव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर सकते हैं।

इसके माध्यम से हम 100 लोगों को एक साथ नोटिफिकेशन भेज सकते हैं और 250 से अधिक लोग एक साथ live मीटिंग कर सकते हैं।

कोरोना महामारी के समय जहां सभी लोग अपने घरों में बंद हो गए थे। उस समय में बच्चों की पढ़ाई जारी रखने में इस ऐप का अहम योगदान रहा है।

ऑफिस मीटिंग से लेकर हर छोटी बड़ी मीटिंग में गूगल Meet ऐप के इस फीचर्स से फ्री में बच्चे घर पर अपनी पढ़ाई कर रहे हैं।

Google Meet को इस्तेमाल करने के फायदे :–

Google Meet के कारण कोरोना के समय में बहुत फायदा हुआ है।

इसके माध्यम से बच्चे फ्री में अपनी पढ़ाई जारी रखे हुए हैं । वहीं इसके माध्यम से 24 घंटे फ्री में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर सकते थे।

लेकिन कंपनी का कहना था कि यह सुविधा केवल 30 सितंबर 2020 तक ही होगी। लेकिन इसके बाद इसे 31 मार्च 2021 तक बढ़ा दिया गया था और फिर इसे 30 जून 2021 तक बढ़ा दिया था।

लेकिन अब कंपनी ने फ्री अनलिमिटेड वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा को बंद कर दिया है।

कंपनी ने फ्री अनलिमिटेड वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर समय की पाबंदी लगा दी है।

क्या है Google Meet ऐप की नई अपडेट्स :–

सितंबर 2020 से गूगल Meet ऐप में समय सीमा निर्धारित पर चर्चा जारी थी।

लेकिन अब यह समय सीमा निर्धारित हो चुकी है।
कंपनी का कहना है, गूगल मीट पर फ्री अनलिमिटेड वीडियो कॉलिंग की सुविधा अब 60 मिनिट की हो चुकी है।
60 मिनट से ज्यादा इस सुविधा को रखने के लिए पैसे देने होंगे।
55 मिनट होते ही गूगल मीट में मीटिंग के बंद होने का नोटिफिकेशन सभी के पास आ जाएगा ।

अब कोई भी Gmail User Google मीट पर 100 लोगों के साथ केवल 1 घंटे के लिए ही विडियो मीटिंग कर सकता है।
Google Meet पर समय सीमा पाबंदी लगाने का कोई औपचारिक कारण नहीं है।

अतः अब Gmail यूजर्स गूगल Meet ऐप पर केवल एक घंटे तक ही फ्री में वीडियो कॉल कर सकते है। इसे ज्यादा समय तक जारी रखने के लिए यूजर्स को सब्सक्रिप्शन प्लान लेना होगा।

आइए जानें कि आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए कैसे पोष्टिक फूड्स खाएं

आज हम देखते हैं कि बिगड़ रहे वातावरण का असर हमारी आंखों पर भी पड़ रहा है। जिससे ज्यादातर लोगों को चश्मा लग जाता है। यहां तक छोटे बच्चे भी इसमें शामिल हैं, आज दुनिया भर में निकट दृष्टि दोष एक महामारी बनता जा रहा है।

यूरोप और अमेरिका में 30-40% लोगों को चश्मे की जरूरत पड़ती है और कुछ एशियाई देशों में यह आंकड़ा 90% तक पहुंच गया है। क्योंकि हमारा लाइफस्टाइल ठीक नहीं है। ज्यादा कंम्पयूटर पर काम करने से, टीवी या मोबाइल का इस्तेमाल ज्यादा करने से आंखों में चुभन होने लगती है जिससे हमारी आंखों में असर पड़ता है और खाने में तले हुए खाद्य-पदार्थों का सेवन करने या पोष्टिक आहार ना लेने के कारण भी आंखों की रोशनी कम हो जाती है।

अगर हम अपने खान पान की ग़लत आदतों को सुधार कर अपने रोजाना आहार में विटामिन A,C,E और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर चीजें शामिल कर लें तो आंखों की रोशनी बढ़ाई जा सकती है।

आइए जानते हैं कि आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए क्या खाएं-

गाजर-
गाजर में पोटाशियम, विटामिन C, E और विटामिन B1 भरपूर मात्रा में होते हैं। जिसे खाने से आंखों की रोशनी बढ़ती है। गाजर को हम सलाद, सब्जी के रूप में या जूस बनाकर भी पी सकते हैं। इसका एक गिलास जूस रोजाना पीने से आंखों को लाभ होता है।

आंवला-
आंवले को खाली पेट जूस के रूप में या इसका मुरब्बा खाने से बहुत लाभ होता है। क्योंकि यह आंखों के लिए बहुत अच्छा माना जाता है।

हरी पत्तेदार सब्जियां-
हरी पत्तेदार सब्जियों का स्वाद भले ही ख़ाने में अच्छा ना लगता हो, परंतु इनमें मौजूद लुटिन और जियोकसथीन कैमीकल आंखों के लिए बहुत अच्छे होते हैं। इनमें धनिया, पालक, शकरकंदी बहुत उपयोगी हैं।

फल-
फलों में विटामिन C, E, A और अन्य पौशक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते है। खट्टे फलों में संतरा, मौसमी में विटामिन सी होता है और विटामिन सी एक एंटी ऑक्सीडेंट है। जिससे आंखों की रोशनी बढ़ती है। इसके इलावा केला, पपीता और आम जैसे पीले फलों में कैराटिन और लाइकोपिन होता है, जो आंखों की रोशनी बढ़ाता है। जिससे आंखों का चश्मा भी उतर सकता है।

जामुन-
जामुन के सेवन से बहुत सी बिमारियों को ठीक किया जा सकता है। इससे कई औषधियां भी तैयार होती हैं, इसे खाने से आंखों की रोशनी बढ़ती है।

बादाम-
बादाम हमारी सेहत के लिए वरदान है। इससे दिमाग तेज होता है और मैमोरी पावर बढ़ती है। इसमें विटामिन ई होता है, जिससे आंखों का चश्मा उतर सकता है।

नट्स-
कई लोगों की आंखों में सूखेपन की बिमारी होती है। उनकी आंखों में आंसुओ की कमी के कारण धुंधलापन या सुखापन जैसी समस्या आती है। अपनी डाइट में ओमेगा-3 फैटी एसिड की मात्रा बढ़ाने से यह समस्या खत्म हो जाती है। नट्स खासकर अखरोट में ओमेगा-3 फैटी एसिड भरपूर मात्रा में होता है। इसके इलावा मूंगफली, ब्राजील नट्स, काजू जैसे खाद्य पदार्थों का सेवन करने से भी आंखों की रोशनी तेज होती है। यह आंखों के रेटिना को सही रखते है और इन्हें खाने से मोतियाबिंद की समस्या नहीं होती।

काली मिर्च-
बहुत से लोगों का मानना है कि काली मिर्च को देसी घी के साथ सेवन करने से आंखों की रोशनी बढ़ती है। क्योंकि इसमें विटामिन ए और ई भरपूर मात्रा में होते हैं।

इलायची और सौंफ-
इलायची और सौंफ को पीस कर इनका पाउडर बनाकर अगर ठंडे दुध में मिलाकर पीया जाए तो इससे आंखों की रोशनी बढ़ती है।

इन सब के अलावा पानी को हमारी सेहत के लिए वरदान माना गया है। पानी पीने से सूखी आंखों के लक्षण कम हो जाते हैं, इसलिए ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं।

आंखों की रोशनी कम होने का कारण कई बार जैनेटिक भी होता है। इसलिए अपने खान पान पर ध्यान दें और अपनी रोजाना दिनचर्या में ऐसे आहार शामिल करें, जिनमें पोष्टिक तत्व भरपूर मात्रा में हो। जिससे आंखों को पोषण मिल सके और आंखों की रोशनी बढ़ाई जा सके।

जनसंख्या वृद्धि पर रोक लगाए, देश को प्रगति के पथ पर लाएं -‌ विश्व जनसंख्या दिवस 2021

किसी देश, शहर, जिले व क्षेत्र में रहने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या को जनसंख्या कहा जाता है। किसी भी देश की जनसंख्या अपने राष्ट् की अमूल्य पूंजी होती है, जो वस्तुओं व सेवाओं का उत्पादन, वितरण और उपभोग करती है। जनसंख्या आर्थिक विकास का संवर्द्धन करती है। लेकिन जनसंख्या वृद्धि किसी भी राष्ट्र के विकास मे रुकावट पैदा करती है।

जनसंख्या वृद्धि क्या है –

किसी क्षेत्र की जनसंख्या का बढ़ना जनसंख्या वृद्धि कहलाता है। जो कई प्रकार की चुनौतियां व अनेक समस्याएं पैदा करती है।जब जनसंख्या जरूरत से ज्यादा बढ़ जाती है, तो देश और दुनिया के ऊपर कई प्रकार के प्रभाव पड़ते है। जनसंख्या वृद्धि से सरकार के पास काम की कमी हो जाती है, बेरोज़गारी की समस्या बढ़ जाती है और अन्य वस्तुओं के दाम बढ़ जाते है। विश्व में जनसंख्या वृद्धि एक समान नही है। स्वास्थ राष्ट्र के निर्माण के लिए जनसंख्या वृद्धि पर रोक लगाना लगाना अति आवश्यक है। आइए हम जनसंख्या विस्फोट के कारण, प्रभाव व उपाय के बारे मे विस्तार से जानते है।

विश्व जनसंख्या दिवस कब व क्यों मनाया जाता है –

विश्व जनसंख्या दिवस को मनाने की शुरुआत संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम की संचालित परिषद द्वारा 1989 में पहली बार हुई। जब विश्व भर की आबादी का आंकड़ा 5 अरब के पास पहुंच गया, तो संयुक्त राष्ट्र की गवर्निंग काउंसिल द्वारा किए गए फैसले के अनुसार 1989 में विकास समुदाय की सिफारिश द्वारा तय किया गया। तब से हर साल 11 जुलाई के दिन को विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जाता है।

विश्व जनसंख्या दिवस की 2021 की थीम –

इस वर्ष की नई थीम तैयार की गई है। इस बार की थीम का विषय परिवार नियोजन, लोगों का विकास व राष्ट्र की प्रगति के विषय पर बनाया गया है।

विश्व जनसंख्या दिवस मनाने का उद्देश्य –

विश्व जनसंख्या दिवस मनाने का उद्देश्य दुनिया भर में दिनों-दिन बढ़ रही आबादी को नियंत्रित करने के लिए लोगों को जागरूक करना है। लोगों को जागरूक करने के लिए इस दिन रैलियां निकाल कर, रोड शो किए जाने के साथ-साथ सोशल मीडिया, विभिन्न कार्यक्रमों व सभाओं को आयोजित किया जाता है। जिसका उद्देश्य लोगों में जागरूकता फैलाना है।

विश्व जनसंख्या दिवस का क्या महत्व है –

दिनों-दिन बढ़ती जा रही जनसंख्या विश्व के देशों के सामने बड़ी भयंकर समस्या का रूप ले चुकी है। विकासशील देशों के लिए जनसंख्या विस्फोट एक गंभीर चिंता का विषय बन रहा है। विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर लोगों को परिवार नियोजन, लैंगिक समानता और मानवाधिकार के बारे में जानकारी दी जाती है।

विश्व भर में बढ़ रही जनसंख्या के कारण –

  1. गरीबी – लोगों की सोच है कि जितने अधिक बच्चे होंगे, उतनी ही आय में वृद्धि होगी। इसलिए वह सोचते हैं कि जितने बच्चे ज्यादा होगे उतनी ही आमदनी ज्यादा होगी और पैसा ज्यादा कमाएंगे।
  2. चिकित्सा सेवाओं में वृद्वि होना – आज हमारे देश भर में आधुनिक चिकित्सक क्षेत्र में बहुत सारी सफलताएं प्राप्त कर ली है। जिसके कारण मृत्यु दर में गिरावट आ रही है और महामारी कुपोषण के कारण मृत्यु दर में कमी आ रही है। यह सब स्वस्थ्य सुधार के कारण ही संभव हुआ है, जोकि जनसंख्या वृद्धि का एक कारण है।
  3. बाल विवाह (छोटी आयु में बच्चों का विवाह करना) – लोग अशिक्षित होने के कारण अपने बच्चों का विवाह छोटी आयु में ही कर देते हैं। जिसके कारण जनसंख्या में वृद्धि हो रही है। ये भी एक कारण है जनसंख्या वृद्धि का।

जनसंख्या वृद्धि से होने वाले नुक्सान –

  1. दिनों- दिन बढ़ रही रोजगार की समस्या – विश्व की जनसंख्या तो दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। परन्तु रोजगार के साधन सीमित ही है। इसलिए देश भर में बेरोजगारी तेजी से बढ़ना भी एक कारण है।
  2. खाद्य सामग्री में समस्या आना – जहां देश की जनसंख्या निरंतर बढ़ती जा रही है, तो दूसरी ओर खाद्य पदार्थों में कमी होती जा रही है। जिसके कारण बच्चों का शारीरिक विकास नहीं हो पाता और बच्चों में पोषण की कमी होती है। खाद्य सामग्री के न मिलने के कारण महंगाई बढ़ रही है।
  3. लोगों का अशिक्षित होना – बहुत से लोग ऐसे हैं जो कि अक्सर अशिक्षित होने के कारण छोटे परिवार के महत्व को नहीं जानते, जोकि जनसंख्या वृद्धि का बहुत बड़ा कारण है।
  4. चिकित्सक व्यवस्था में कमी आना – निरंतर बढ़ती जा रही जनसंख्या के कारण अस्पतालों में अधिक भीड़ होने के कारण रोगियों की देखभाल अच्छे ढंग से नहीं हो पा रही है।
  5. प्रदूषण – जनसंख्या में लगातार वृद्धि होने के कारण जल, वायु और मृदा प्रदूषण बढ़ता जा रहा है।
  6. कृषि भूमि का बटवारा होना – परिवार में ज्यादा बच्चे होने के कारण परिवार का बंटवारा होने पर भूमि का भी बंटवारा हो जाता है। जिससे आर्थिक स्थिति कमजोर हो जाती है।

जनसंख्या वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए दिए गए सुझाव –

  1. कठोर कानून व्यवस्था – भारत में निरंतर बढ़ रही जनसंख्या वृद्धि को रोकने के लिए कठोर कानून व्यवस्था होनी चाहिए।
  2. उचित शिक्षा की व्यवस्था – बढ़ती हुई जनसंख्या वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए उचित शिक्षा की व्यवस्था अति आवश्यक है। क्योंकि शिक्षा के माध्यम से ही हम छोटा परिवार सुखी परिवार के बारे में ज्ञान प्राप्त कर सकेंगे।
  3. आर्थिक सुधार – व्यक्ति को उसकी योग्यता के अनुसार ही अवसर उपलब्ध करवाकर हम उसकी आर्थिक स्तर में सुधार लाया जा सकता है।

निष्कर्ष:

2011 में की गई जनगणना के अनुसार भारत की आबादी 121 करोड़ थी, जो 2030 तक चीन से ज्यादा होने का अनुमान है। अगर ऐसे में भारत की जनसंख्या बढ़ती गई तो भारत सरकार के लिए ये एक बहुत बड़ी चुनौती है।जनसंख्या को नियंत्रित करने के लिए उच्च स्तर पर प्रयास होने चाहिए‌ व परिवार नियोजन के लिए में लोगों को जागरूकता फैलानी चाहिए।

जीवन और मृत्यु देना इंसान नहीं भगवान के हाथ मे है। लेकिन भगवान ने इंसान को डॉक्टर बनाकर उसे जीवन देने का हक दिया है, इस जीवनदानी को डॉक्टर कहते है। आज विज्ञान की मदद से डॉक्टर यहां तक पहुंच गए है कि वह जीवन और मृत्यु की लड़ाई लड़ रहे व्यक्तियों के लिए जीवनदाता है। जब हम अपनी सारी उम्मीदें छोड़ देते है, तब हमारे जीवन में स्वास्थ्य लाने के लिए और हमारा साथ देने के लिए केवल डॉक्टर के पास ही जादुई शक्ति होती है।

जब हम रोते हैं, तब हमें कंधों की जरूरत होती है।
जब हम दर्द में होते हैं, तब हमें दुआओं की जरूरत होती है।लेकिन जब हम त्रासदी में होते है, तब हमें डॉक्टर की जरूरत होती है।।

कब और कैसे हुई राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस को मनाने की शुरुआत-

केंद्र सरकार द्वारा भारत में 1991 में राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत की गई थी। हमारे देश के महान चिकित्सक और पश्चिम बंगाल के दूसरे मुख्यमंत्री डॉ विधानचंद्र राय को सम्मान देने के लिए उनके जन्म दिवस पर यह दिन मनाया जाता है।

भारत में कब मनाया जा रहा है डॉक्टर्स डे-

इस वर्ष 1 जुलाई 2021को 31वां राष्ट्रीय डाॅक्टर्स डे मनाया जा रहा है। कोरोना काल में अपनी व परिवार की परवाह न करते हुए डाॅक्टर्स ने जो सेवाएं निभाई है। इसके लिए सभी डाॅक्टर एवं चिकित्सकों को सम्मान देने व उनका हौसला बढ़ाने के लिए उनके द्वारा किए गए कार्यों के लिए उनका धन्यवाद किया जाएगा।

राष्ट्रीय चिकित्सा दिवस मनाने का उद्देश्य-

भारत में प्रत्येक वर्ष 1 जुलाई को राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य डॉक्टरों द्वारा दी जा रही अमूल्य सेवाओं व योगदान को सम्मान देना। भारत सरकार द्वारा 1991 में पहले नेशनल डॉक्टर डे मनाने की घोषणा की थी। इस दिन हमें भी चिकित्सकों के प्रति आभार प्रकट करने के साथ-साथ उन्हें धन्यवाद भी करना चाहिए।
यह दिन उन डाॅक्टरों के लिए सबक का दिन है जो लाचार मरीजों की मजबूरी का फायदा उठाते हैं व बेईमानी करते है।

राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस का महत्व

प्रत्येक वर्ष 1 जुलाई को राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस मनाया जाता है। हमारी जिंदगी में एक डॉक्टर का क्या महत्व व भूमिका है ?? इस का एहसास दिलवाने व डॉक्टरों को सम्मानित करने के लिए ये दिवस मनाया जाता है। जैसे कि हम जान ही सकते हैं कि कैसे कोरोना महामारी के चलते जब सभी लोग अपने घरों में सुरक्षित थे। तो कैसे डॉक्टर अपने परिवार, बच्चों और माता-पिता को छोड़कर दूसरों की सहायता करने के लिए आगे आए।

एक डॉक्टर ही वो भूमिका निभाता है, जो रोते हुए आए अस्पताल के लोगों को हंसाते हुए घर भेजता है।

हमारे विश्वास की डोर है- डॉक्टर

डॉक्टर होना सिर्फ एक काम ही नहीं बल्कि चुनौतीपूर्ण वचनबद्धता है। डॉक्टर ही एक ऐसा व्यक्ति है, जिस पर लोग भगवान की तरह विश्वास करते है। जो हमारे लिए आशा की एक किरण है। जीवन और मौत की लड़ाई लड़ रहे अनगिणत लोगों के जीवन की डोर उनके हाथ में होती है। सभी डॉक्टर जब अपने चिकित्सकीय जीवन की शुरुआत करते हैं, तो अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी से निभाने की कसम खाते है। उनके मन में नैतिकता और जरूरतमंद लोगों की मदद का जज्बा होता है। डॉक्टर की एक छोटी सी भूल से रोगी की जान जा सकती है।

डॉक्टर्स का न कोई दर्द, न कोई आराम, उनकी तो बस जिंदगी है…देश के नाम।

जो व्यक्ति अपने जीवन को समाज के कार्य के लिए लगा देता है और अपना सुख, दुख किसी की जिंदगी को बचाने के लिए लगा देता है। उसके लिए भी एक दिन होना चाहिए और वही एक खास दिन है डॉक्टर्स डे।

डॉक्टर को दुनिया में विभिन्न नामों से जाना जाता है। जैसे हिंदी में चिकित्सक व वैध कई नामों से जाना जाता है। प्राचीन काल से भारत में वैध परंपरा रही है। जिनमें धनवन्तरि, सुश्रुत, जीवक व चरक आदि रहे हैं।

एक अच्छे डॉक्टर की पहचान

एक अच्छा डॉक्टर सबसे पहले एक अच्छा इंसान भी होता है। जो आपकी पीड़ा को महसूस ही नहीं करता, बल्कि वास्तव में उसके लिए चिंतित होता है। वह अपने पेशेंट्स की आर्थिक व पारिवारिक परेशानियों को समझता है। एक अच्छा डॉक्टर बिना किसी स्वार्थ के लंबे लंबे पर्चे लिखने की बजाए अपने पेशेंट्स को अच्छी सलाह देता है।

राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस को कैसे मनाएं

  • 1 जुलाई को ज्यादातर लोग चिकित्सक दिवस की शुभकामनाएं देने के लिए फोन करके, मैसेज करके या फिर फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम व अन्य सोशल मीडिया द्वारा उनका धन्यवाद करते हैं।
  • अपने फैमिली डाॅक्टर के घर जाकर उन्हें गिफ्ट देकर उनका धन्यवाद करते हैं।
  • स्कूलों एवं कालेजों में इस दिन कई प्रोग्राम आयोजित करके डॉक्टरों के महत्व के बारे में लोगों को बताया जाता हैं और धन्यवाद करने के लिए बच्चों द्वारा चित्रकला व ड्राइंग प्रतियोगिता भी आयोजित की जाती है।
  • हम अस्पताल या नर्सिंग होम में जाकर डॉक्टर्स को धन्यवाद करने के लिए उन्हें गिफ्ट भी दे सकते हैं।

कोरोना महामारी में डाॅक्टर्स की अहम भूमिका

इस कोरोना महामारी के दौरान जब कोई जरूरत पड़ी, तो बिना घबराएं लोगों का इलाज करने के लिए डाॅक्टर्स ने ही अपनी अहम भूमिका निभाई। कोरोना संक्रमण के समय हम देख ही रहे है कि कैसे डाॅक्टर्स अपनी जान जोखिम में डालकर मरीजों की देखभाल कर रहे है।

निष्कर्ष-

अब आप सभी जान ही गए होंगे डॉक्टर का हमारे जीवन लिए क्या योगदान है। इसी लिए तो भगवान के बाद डॉक्टर को इंसान के रूप में भगवान के समान दर्जा दिया जाता है। एक डॉक्टर ही है, जो व्यक्ति को नया जीवनदान दे सकता है। सभी डॉक्टर्स का फर्ज बनता है कि वह अपनी सामाजिक जिम्मेदारी को समझते हुए पैसा कमाने को पेशा ना बनाकर मानवीय सेवा को अपना पेशा बनाएं। तभी हमारा डॉक्टर्स डे मनाना सही साबित होगा। लेकिन वर्तमान में डॉक्टर संघर्ष करता हुआ नजर आ रहा है इसके पीछे कई कारण है।

कोविड-19 के चलते ऑनलाइन एजुकेशन को दिलचस्प बनाने के 5 अनोखे तरीके-

कोरोना के बढ़ते प्रभाव के चलते पूरे देश लॉकडाउन है और स्कूल/कॉलेज बंद है। जिसके चलते बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई करवाई जा रही है।मोबाइल और कंप्यूटर के जरिए अपनी स्टडी करना कितना मुश्किल है, शायद यह हम नहीं जानते।

मोबाइल फोन लगातार देखने से आंखों पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है। लेकिन लॉकडाउन के बढ़ते बच्चे घर पर ऑनलाइन क्लास लगा रहे हैं।घंटों तक ऑनलाइन पढ़ाई करना और फोन/लैपटॉप के आगे बैठे रहना आदि से कई बार बच्चे पढ़ाई से बोर होने लगते हैं।

ऑनलाइन पढ़ाई में बच्चों की दिलचस्पी बढ़ाने के लिए टीचर्स को नए तरीके अपनाने की जरूरत है, जिससे बच्चों का मन पढ़ाई में लगाया जा सके।

ऑनलाइन पढ़ाई को दिलचस्प बनाने के तरीके :–

  • Morning में पहली ऑनलाइन class में पढ़ाई शुरू करने से पहले बच्चों की Morning Prayer, Thoughts Of Day, आदि बोलने की ड्यूटी लगाएं। ताकि बच्चे घर पर ही स्कूल जैसे महसूस करें।
  • ऑनलाइन classes के बीच में एक क्लास Entertainment की भी add कर सकते हैं। जिसमें बच्चों को ऑनलाइन Competition भी करवा सकते हैं।
  • बच्चों की online पढ़ाई में रुचि बढ़ाने के लिए lesson काे Story की तरह समझाएं ।
  • बच्चों को ज्यादा लंबा लेक्चर देने की बजाय, उन्हें प्रैक्टिकल तरीके से समझाएं।
  • बच्चों का ध्यान पढ़ाई में लगाने के लिए रोज Quiz करें।
  • ऑनलाइन पढ़ाते समय टीचर्स फोटो, ग्राफिक और वीडियो का इस्तेमाल करें। इन चीजों से बच्चे बहुत जल्दी सीखते हैं।

ऑनलाइन पढ़ाई का अगर सही तरीके से किया जाए तो इसका फायदा भी है।

  • अगर आपको कोई लेक्चर समझ में नहीं आया, तो आप उस वीडियो को दोबारा से देख सकते हैं।
  • घर पर आराम से बैठकर कर ऑनलाइन पढ़ाई करना बहुत आसान है।

ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान रखें सावधानी :-

  • ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान घंटों तक मोबाइल फोन या लैपटॉप पर बैठे रहना इससे आंखों पर बहुत असर पड़ता है। इसलिए पढ़ाई के बाद फोन से थोड़ा दूर रहें।
  • लगातार एक ही पोजीशन में बैठे रहना, इससे कमर दर्द आदि प्रॉब्लम हो सकती है। इसके लिए बीच-बीच में चहल कदमी करते रहें।
  • ऑनलाइन क्लास खत्म होने के बाद थोड़ी देर खुली हवा में घूमें।

इस तरह से थोड़ी सी सावधानी बरतें और अपनी ऑनलाइन पढ़ाई को दिलचस्प तरीके से जारी रखें।