Author

Exclusive Samachar

Browsing

थैलेसीमिया क्या होता है

थैलेसिमिया एक आनुवंशिक रोग है, जो अक्सर बच्चों में जन्म से पाया जाता है। प्रत्येक वर्ष लाखों लोग इस बीमारी से ग्रसित होते हैं बच्चों को इस बीमारी से अधिक खतरा रहता है। इस रोग में मरीज के शरीर में खून सामान्य स्तर तक नहीं बन पाता। हमारे शरीर में रक्त में तीन प्रकार के रक्ताणु पाए जाते है- लाल रक्ताणु , सफेद रक्ताणु और प्लेटलेट्स। लाल रक्ताणु शरीर में बोन मैरो में बनते रहते है और इनकी आयु लगभग 120 दिन की होती है और इसके बाद ये मृत हो जाते है। परंतु साथ में नए भी बनते रहते है। अगर यह प्रकिर्या सही अनुपात में न हो तो इसी विकार को थैलेसिमिया कहा जाता है।

थैलेसिमिया के दो प्रकार

World Thalassemia Day 2021 - Exclusive Samachar

यह दो प्रकार का होता है

  • माइनर थैलसीमिया।
  • मेजर थैलेसिमिया।

माइनर थैलसीमिया वाले बच्चों के जीवन में रक्त समान्य रूप से नहीं बन पाता लेकिन वह सामान्य जीवन जी लेते हैं, लेकिन मेजर थैलेसिमिया वाले बच्चों को हर 21-22 दिन में रक्त चढ़ाना पड़ता हैं।

विश्व थैलेसीमिया दिवस का उद्देश्य

यह दिन हर वर्ष 8 मई को मनाया जाता है। इसे मनाने का मुख्य उद्देश्य इस बीमारी के लक्षणों और इस बीमारी से कैसे निपटा जाए, उन तरीकों के बारे में सभी को जागरूक करना और जो इस बीमारी के साथ जी रहे हैं, उन्हें प्रोत्साहित करना। तो आइए हम भी इस बीमारी के बारे में जितना हो सके, जागरूकता फैलाए और थैलेसीमिया से पीड़तों के लिए नियमित रक्तदान को अपनी जिंदगी का अभिन्न अंग बनाए और दूसरों को भी प्रेरित करें।

भारत में थैलेसीमिया के आंकड़े

Thalassemia statistics in India - Exclusive Samachar

विश्व भर में लगभग 1 लाख बच्चे जन्म से थैलेसीमिया का शिकार होते हैं। अगर भारत की बात की जाए, तो प्रत्येक वर्ष 10 हजार से अधिक बच्चे जन्म से थैलेसीमिया के रोगी पाए जाते हैं। यह एक ऐसा रोग है जिसकी पहचान बच्चों में 3 महीने बाद ही हो पाती है। ऐसा रक्त की कमी के कारण होता है और इसका इलाज ताउम्र करवाना पड़ता है। सही समय पर उपचार न मिलने पर बच्चे की मृत्यु भी हो सकती है। तो आइए जानते हैं इस बीमारी के लक्षण क्या है और इससे बचने के उपाय।

आखिर क्यों होता है यह रोग

जैसे कि हम बात कर चुके हैं कि यह एक आनुवंशिक रोग है, यह माँ-बाप से ही बच्चों को होता है ।अगर माँ या बाप में से किसी को भी यह रोग है या दोनों को है तो उनकी आने वाली पीढ़ी में भी इस रोग के होने के आसार होते हैं।

थैलसीमिया के लक्षण

  • थकान ,
  • छाती में दर्द,
  • सांस लेने में कठनाई,
  • सिर दर्द,
  • चक्र आना ,
  • बेहोशी,
  • पेट मे सूजन ,
  • सक्रमण,
  • त्वचा,नाखूनों,आंखें और जीभ का पीला होना इत्यादि।
  • लेकिन कुछ लक्षण बाल्य अवस्था तथा किशोरावस्था के बाद दिखाई देते हैं।

इस रोग से कैसे बचा जाए

  • इसके लिए सबसे जरूरी है कि शादी से पहले लड़का और लड़की टेस्ट करवा कर सुनिश्चित कर ले कि कहीं दोनों में से किसी को भी माइनर थैलसीमिया तो नहीं है।
  • अगर माता या पिता में से किसी को भी थैलेसीमिया हो तो वह डॉक्टर की सलाह और निगरानी में ही बच्चा प्लान करें।
  • रोगी विटामिन भरपूर और आइरन युक्त पदार्थ लें।
  • संतुलित आहार लें।
  • नियमित रूप से एक्सरसाइज करें।

निष्कर्ष

आइए हम सब मिलकर लोगों को इस बारे में जागरूक करें। यह ऐसा रोग है जो माता पिता के जींस में गड़बड़ी होने के कारण होता है। इसके बारे में अगर सभी को जागरुक किया जाए तो इस रोग के होने की संभावना बहुत कम होती है। हम ऐसे रोगियों के लिए अधिक से अधिक रक्त दान करें ताकि रक्त की कमी से किसी की भी मृत्यु ना हो।

विश्व स्वास्थ्य दिवस 2021

वर्ष के 360 दिनों में बहुत से दिन व त्यौहार ऐसे आते हैं जिसे लोग एक साथ मिलकर मनाते हैं और जिन्हें मनाने का कोई न कोई उद्देश्य अवश्य होता है उसी ही तरह उनमें से एक दिवस है स्वास्थ्य दिवस जोकि लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से मनाया जाता है।

हमारा स्वास्थ्य ही हमारी वास्तविक दौलत है। यदि हमारा स्वास्थ्य ठीक होगा, तो हम सब कुछ प्राप्त कर सकते हैं। आज लोग अपनी आलसी और निष्क्रिय आदतों के कारण अच्छा स्वास्थ्य बनाने में असफल हो रहें हैं। अस्वस्थ व्यक्ति जिंदगी में हमेशा चिंतित रहता है और अपना पूरा समय बीमारियों से पीड़ित होकर शिकायतें करने में गुजार देता है। स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन और आत्मा निवास करते हैं। अच्छा स्वास्थ्य जीवन का अमूल्य तोहफा है, जो भगवान के दिए हुए वरदान की तरह है और हमें सभी रोगों से मुक्ति प्रदान करता है। 

विश्व स्वास्थ्य दिवस कब मनाया जाता है?

7 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस के रूप में मनाया जाता है। जिसकी शुरुआत 1948 को (WHO) विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा की गई थी और पूरे विश्व में इसकी शुरुआत 7 अप्रैल 1950 को हुई। इस दिन कई जगह मैडिकल कैंप्स लगाकर इस दिवस को मनाया जाता है। 

विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाने का उद्देश्य

विश्व स्वास्थ्य दिवस को मनाने का उद्देश्य लोगों को स्वास्थ्य के महत्व के बारे में समझाना है और जागरूक करके अस्वस्थ व्यक्ति को स्वस्थ बनाना है क्योंकि किसी ने सच ही कहा है “जैसा खाए अन्न वैसा होए मन” आज विश्व के प्रत्येक व्यक्ति का खान पान ही कुछ ऐसा है जिसकी वजह से वह अलग-अलग बीमारियों से जूझ रहा है। जैसे कि कुछ लोग कैंसर, पोलियो, एड्स व पेट की अन्य बीमारियां से परेशान हैं।

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अपने कार्यों मे व्यस्त होने व अधिक आय कमाने के चक्कर में अपने स्वास्थ्य का ध्यान नहीं रखते। जिसके कारण उन्हें कई बीमारियो का सामना करना पड़ रहा है।

इस बार की थीम है

WHO द्वारा कोविड-19 के चलते नर्सों और मिडवाइव्स को योगदान देने का समर्थन किया है। जो कोरोना की जंग से लड़ रहे है और लोगों को स्वस्थ रखने की कोशिश कर रहे हैं। इसलिए WHO ने उसे #SupportNursesAndMidwives थीम का नाम दिया है।

कैसे मनाया जाता है विश्व स्वास्थ्य दिवस

सभी लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए स्वास्थ्य संबंधित कई तरह के कार्यक्रम करके इस दिवस को मनाया जाता है। सरकारी, गैर सरकारी संस्थाओं में स्वास्थ्य संबंधी कार्यक्रमों के साथ-साथ हैल्थ कैंप्स के साथ फ्री मैडिकल चेकअप्स करवाएं जाते हैं। नाटकों का आयोजन करके कला प्रदर्शनी भी लगाई जाती है। स्कूलों- काॅलेजों में बच्चों में निबंध और वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित करवाकर स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करवाया जाता है। जैसे कि –

  • लोगों को बताया जाता है कि कैसे हम अपने आस पास सफाई रख कर बीमारियो से बच सकते हैं।
  • स्वस्थ व खुशहाल जीवन जीने के लिए पौष्टिक आहार लें।
  • व्यायाम और योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करें और अपनी सोच को सकारात्मक बनाएं।
  • अच्छे स्वास्थ्य के लिए अच्छी नींद लें और समय पर सोएं।
  • साधारण चाय की जगह ग्रीन टी का इस्तेमाल करें।
  • धरती मां को हरा-भरा बनाएं रखने के लिए और स्वास्थ्य जीवन जीने के लिए वृक्ष लगाएं इत्यादि।

आइए जानते हैं स्वास्थ्य जीवन जीने के लिए क्या न करें?

  • फास्ट फूड का इस्तेमाल बहुत कम करें।
  • ज्यादा कोल्ड ड्रिंक न पीएं।
  • शराब, तंबाकू व अन्य नशीले पदार्थों का सेवन न करें इत्यादि।

एक स्वस्थ व्यक्ति संसार का सबसे सुखी व्यक्ति माना गया है। इसलिए स्वयं को शारीरिक, मानसिक, समाजिक, बौद्धिक और भावनात्मक रूप से स्वस्थ रखने के लिए अपनी दिनचर्या में व्यायाम, सकारात्मक सोच और अच्छी आदतों को शामिल करें।

स्वास्थ्य संबंधी आज अनेक बीमारियां तेजी से फैल रही है, जो दिव्यांगता का कारण भी बन रही है। जिससे परिवारों में परेशानियां बढ़ रही है। अपनी सेहत का ध्यान रखना हमारा कर्तव्य है, इसलिए आइए आज हम सभी ‘विश्व स्वास्थ्य दिवस’ पर प्रण करे कि स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने वाली वस्तुओं से दूर रहेंगे और अपने खानपान का पूरा ध्यान रखेंगे।

नक्सलियों द्वारा हमला, 22 जवान शहीद और 32 हुए घायल

देश भर में 12 नक्सलियों के मारे जाने के साथ-साथ देश की रक्षा करने वाले 22 जवानों के शहीद होने व 32 घायल व एक जवान के लापता होने की खबर को सुनकर माहौल हुआ नम।

आपकी जानकारी के लिए बता दे, छत्तीसगढ़ के बीजापुर में हुए नक्सली हमले में शहीद होने वाले 22 शहीदों के लिए हर आंख नम है। शहीद होने वाले जवानों में 6 कोबरा बटालियन, 8 डीआरजी, 6 एसटीएफ और 2 जवान बस्तर बटालियन से हैं और 32 घायल जवानों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। इसके साथ ही नक्सलियों का भी बहुत नुकसान हुआ हैं।

सूत्रों का कहना है कि बीजापुर-सुकमा जिले की सीमा पर शनिवार दोपहर 12 बजे जोनागुड़ा गांव के करीब सुरक्षाबलों की नक्सलियों से मुठभेड़ हो गई। जिस मुठभेड़ में नक्सलियों के PLGA समूह के लोग शामिल होने की संभावना है। जो मुठभेड़ लगभग 3-4 घंटों से अधिक शनिवार को चली जिसमें पहले 5 जवानों की शहादत की जानकारी मिली। जो रविवार को 22 हो गई और 30 जवान घायल हुए हैं।

नक्सलियों की मजूदगी की सूचना मिलते ही सुकमा व बीजापुर जिले के 2000 जवानों को ऑपरेशन पर भेजा गया। तेर्रेम इलाके से 360 जवानों की टुकड़ी नक्सलियों द्वारा लगाए एंबुश में फस गई। जोनागुड़ पहाड़ियों के पास सुरक्षाबलों की ज्वाइंट टीम और नक्सलियों के बीच करीब 4 से 5 घंटे तक गोलाबारी चली। इस हमले का मास्टरमाइंड  हिड़मा है। गोलीबारी में जवानों को बहुत नुकसान झेलना पड़ा।जवाबी कार्रवाई में जवानों ने 12 नक्सली ढेर कर दिए। नक्सली जवानों के हथियार और जूते भी अपने साथ लूट कर ले गए। 

बीजापुर हमले में शहीद हुए जवानों के पार्थिव शरीर अब उनके गांव पंहुचाए जा रहे हैं।

शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि –

जगदलपुर में शहीद जवान बबलू रब्बा जो कि कोबरा 210 बटालियन में पदस्थ था, उनको अंतिम सलामी दी गई। उनके पार्थिव शरीर को रायपुर लाया गया और यहां से उनके पार्थिव शरीर को गुहावटी भेजा जाएगा।

बीजापुर के पास आवापल्ली गांव में जब समैय्या मडवी नाम के शहीद जवान का पार्थिव शरीर उनके गांव पहुंचा तो पहुंचा सभी की आंखें नम हो गईं।शहीद होने वाले एसटीएफ और सीआरपीएफ के 14 जवानों के पार्थिव शरीर को जगदलपुर लाया गया। जहां पोस्टमार्टम के बाद  80वीं बटालियन कैंप में गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा।शहीदों के परिवारों को योगी सरकार ने 50 लाख देने का ऐलान किया है।

बीजापुर एनकाउंटर में 22 जवानों के शहीद होने पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने संवेदना जताई है और उन्होंने कहा है सुरक्षा कर्मचारियों के बलिदान को कभी नहीं भूलाया जाएगा।

भुला नहीं सकेंगे हमइन शुरवीरों की इस महान शहादत को, जो देश की रक्षा करने के लिए अपना घर परिवार छोड़कर देश की सीमा पर अपना जीवन बलिदान कर देते हैं। ऐसे शूरवीरों को हमारा शत् शत् नमन।

क्या आम दिखने वाला Neeva search engine ऐप बेहतर बनकर दे पाएगा गूगल को टक्कर-
गूगल एक ऐसा सर्चिंग ऐप है, जिसको कोई भी ऐप अब तक चुनौती दे पाने में सक्षम नहीं हुआ है। परन्तु अब नीवा सर्च इंजन ऐप को लांच किया गया है, जोकि इसको चुनौती देने में सक्षम हो सकता है। 

क्या है नीवा सर्च इंजन –

नीवा सर्च इंजन गूगल की तरह ही user द्वारा सर्च की गई सामग्री खोजकर सभी प्रकार की जानकारी उपलब्ध करवाता है। जोकि हमें पता नहीं चल रही होती हम इस पर सर्च करके उसके बारे में आसानी से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। गूगल के साथ-साथ दूसरे सर्च इंजन कुछ सर्च करने पर अपने यूज़र्स को बहुत सारे विज्ञापन दिखाते है, तो नीवा सर्च इंजन बिना किसी विज्ञापन के अपने यूज़र्स को जानकारी उपलब्ध करवाता है।

नीवा सर्च इंजन को किसने बनाया – नीवा सर्च इंजन को Sridhar Ramswamy और Vivek Raghunathan द्वारा 2018 में मिलकर बनाया था, जो पहले गूगल के पूर्व-कर्मचारी रहे चुके हैं। जिसका उद्देश्य यूज़र्स को एक ऐसा सर्च इंजन मुहैया करवाना है, जिसमें आपको मतलब की ही जानकारियां मिलेंगी जिस से आपका समय बर्बाद नहीं होगा।

क्या गूगल की तरह नीवा सर्च इंजन का इस्तेमाल करना मुफ्त होगा –

जी नहीं, गूगल की तरह नीवा सर्च इंजन मुफ्त नही होगा। क्योंकि नीवा सर्च इंजन में कोई ads नहीं होगी और ये आपकी कोई निजी जानकारी इकत्र नहीं करेगा।गूगल जहां ads दिखाकर कमाई करता है, तो वहीं नीवा अपनी subscription fees द्वारा कमाई करता है।

नीवा सर्च इंजन और गूगल सर्च इंजन में अंतर –

  • गूगल सर्च इंजन अपने यूज़र्स से किसी प्रकार का कोई पैसा नहीं लेता, तो दूसरी ओर नीवा सर्च इंजन का इस्तेमाल करने पर तय राशि का भुगतान यूज़र्स को करना पड़ेगा।
  • गूगल सर्च इंजन कई तरह के यूजर्स को ads दिखाता है, तो इसके साथ ही नीवा सर्च इंजन में किसी प्रकार की कोई ads नहीं दिखाएगा।
  • गूगल सर्च इंजन यूज़र्स की privacy में दख्ल देने के साथ साथ बहुत सारा डाटा भी इकट्ठा करता है। परन्तु नीवा सर्च इंजन में सारा डाटा सुरक्षित रहता है।
  • गूगल सर्च इंजन केवल web- search ही करता है, तो नीवा सर्च इंजन में आप अपनी personal files को भी सर्च कर सकते हैं। इसके साथ-साथ ये अपने यूज़र्स को Apple Map, Bing search Result जैसी जानकारी क्षेत्रों का उपयोग करता है। तो दूसरी ओर गूगल खुद ही सभी जानकारी को एकत्रित और प्रकाशित करता है।

श्रीधर रामास्वामी को Google की दखल अंदाजी पसंद नहीं आई, इसलिए उन्होंने यूज़र्स की निजी जानकारी को सुरक्षित रखने के लिए नीवा सर्च इंजन ऐप को शुरू किया ताकि यूज़र्स की निजी प्राइवेसी बिल्कुल सुरिक्षत रहे और उन्हें किसी भी समस्या का सामना न करना पड़े।

आपको बता दें कि दूसरों की निजी जानकारी की इतनी सुरक्षा करने वाला नीवा ही एक एकलौता सर्च इंजन ऐप है, जो दूसरों के डाटे को सुरक्षित रखता है।

सच में नीवा सर्च इंजन ऐप गूगल की तरह आपका कोई भी डाटा इकट्ठा नहीं करेगा –

जी हां, परन्तु ये पूरा सच नहीं है। नीवा सर्च इंजन आपकी कुछ ऐसी जानकारी रखेगा जैसे कि आपको कौन सी न्यूज़ व खेलों में दिलचस्पी रखते है इत्यादि।

नीवा से आपको पूरी तरह सुरक्षित रखने के साथ-साथ आपको किसी भी विज्ञापनदाता को बेचा नहीं जाएगा और न ही कोई ग़लत इस्तेमाल किया जाएगा।

बहुत से प्रोफेशनल लोग ऐसे हैं, जिनके पास समय और डाटा की कीमत बहुत ज्यादा है। उनके लिए नीवा सर्च इंजन बहुत अच्छा विकल्प हो सकता है।

नीवा सर्च इंजन में बहुत से प्लान है, परन्तु समय के साथ-साथ आने वाले दिनों में हमें नीवा सर्च इंजन में बहुत सारे बदलाव देखने को मिलेंगे। 

परन्तु रामास्वामी का कहना है कि नीवा के यू़ज़र्स का experience इसको इतना बेहतर बना देगा कि जो लोग Google का इस्तेमाल करते हैं, वह इसे भूल जाएंगे और नीवा सर्च इंजन को अपनाएंगे।

यदि हम भी अपने डाटा को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो हमें भी नीवा सर्च इंजन का इस्तेमाल करना होगा क्योंकि अपनी सुरक्षा अपनो हाथों में ही है नीवा सर्च इंजन का इस्तेमाल करने से हम ads से बच सकते हैं।

नीवा को बहुत कम लोग जानते हैं क्या आने वाले समय में गूगल को मात देकर ये ऐप लोगों के बीच लोकप्रिय हो जाएगा। ये तो समय ही बताएगा कि कई वर्षों से चल रहे गूगल सर्च इंजन का कोई मुकाबला कर सकता है या नहीं।

  • डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख बाबा राम रहीम जी ने सुनारिया जेल से अपनी माता, डेरा प्रबंधक व करोड़ों अनुयायियों को लिखी चिट्ठी।
  • पत्र में किसान आंदोलन का किया जिक्र।
  • लिखा प्रभु अन्न दाता और देश के राजा को राह दिखाएं, ताकि देश तरक्की के रास्ते पर चले।
  • देश मे सुख शांति के लिए करोड़ों अनुयायियों से की व्रत रखने की अपील। आपकी जानकारी के लिए बता दें, हाल ही में डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख संत डॉक्टर गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने सुनारिया जेल से अपनी माता, डेरा प्रबंधक व करोड़ों डेरा अनुयायियों के नाम पत्र लिखा है। आपको बता दें, गत रविवार को यानी 28 फरवरी को डेरा सच्चा सौदा में आयोजित नामचर्चा कार्यक्रम के दौरान बाबा राम रहीम जी की चिट्ठी को पढ़कर सुनाया गया। पत्र में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख जी ने देश के अन्नदाता व देश के राजा के बीच चल रहे विवाद का जिक्र किया है। बाबा राम रहीम सिंह जी ने पत्र मे यह लिखा कि हम सतगुरु राम जी से प्रार्थना करते हैं कि हमारे देश के अन्नदाता व देश के राजा में जो भी विवाद चल रहा है, प्रभु दोनों को सही राह दिखाएं। देश-संसार में सुख शांति व खुशहाली के दरवाजे खुल जाए। बाकी प्रभु उसी में खुश रखना, जिसमें आपकी रजा हो। 26 फरवरी को भेजा गया सुनारिया जेल से पत्र-

आपको बता दें डेरा प्रमुख बाबा राम रहीम जी द्वारा भेजी गई चिट्ठी पर जेल प्रशासन द्वारा 26 फरवरी की मुहर लगी है। इस पत्र को डेरा सच्चा सौदा में रविवार को आयोजित नाम चर्चा में पढ़कर सुनाया गया। इससे पहले भी डेरा सच्चा सौदा होने वाली नामचर्चाओं में बाबा राम रहीम जी के पत्र को पढ़कर सुनाया जाता है। बाबा राम रहीम जी ने अपनी माता को समय पर दवाईयां लेते रहने का परामर्श देते हुए लिखा है कि हम जल्द आकर आप का इलाज करवाएंगे। इसके साथ ही डेरा प्रमुख ने देश की सुख शांति के लिए अपने अनुयायियों से 1 दिन का व्रत रखने की अपील की व जरूरतमंद लोगों को राशन वितरित करने का भी जिक्र किया है।

महा रहमोंकरम यानी गुरुगद्दी दिवस पर आयोजित किया गया था यह कार्यक्रम

आपको बता दें 28 फरवरी को डेरा सच्चा सौदा के दूसरे अध्यात्मिक गुरु परम पिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज को बेपरवाह शाह मस्ताना जी महाराज ने गुरुगद्दी पर बिठाया था। इसी उप्लक्ष्य में रविवार को यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था व 61वां महा रहमोंकरम दिवस मनाया गया। इस अवसर पर देश के कोने-कोने से आए लोगों ने शिरकत की व पूज्य गुरु संत डॉक्टर गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां के रिकॉर्डिड वचनों को ध्यानपूर्वक श्रवण किया।

इससे पहले भी डेरा प्रमुख भेज चुके हैं तीन पत्र

आपकी जानकारी के लिए बता दे, डेरा सच्चा सौदा में बाबा राम रहीम जी इससे पहले भी तीन पत्र लिखकर भेज चुके हैं। यह उनके द्वारा भेजा गया चौथा पत्र है। जिसको नामचर्चा में सभी के समक्ष पढ़कर सुनाया गया। आपको बता दे रविवार के सत्संग कार्यक्रम के बाद यह चिट्ठी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई। डेरा प्रमुख ने पत्र में लिखा- भगवान जो भी करते हैं 100% सही करते थे और उस करेंगे भी 100% सही। पूज्य गुरु जी ने डेरा अनुयायियों को घर से बाहर निकलते समय मास्क लगाने का भी आग्रह किया है।

जो भी त्यौहार भारत में मनाए जाते हैं, उन त्योहारों के पीछे कोई न कोई कहानी आवश्यक होती है। जो कि बाद में इतिहास के पन्नों पर लिखी जाती है। प्रत्येक त्यौहार को हर कोई अपने-अपने ढंग से मनाता हैं।

इन सब के बीच एक दिन Valentine Day के रूप में मनाया जाता है। जिस दिन को सभी प्यार का दिन कहते हैं, जो हर साल फरवरी माह की 14 तारिख को मनाया जाता है। फरवरी माह को प्यार का माह भी कहते हैं।

Valentine Day हम क्यों मनाते हैं और क्या इसका क्या इतिहास है?

वेलनटाइन एक व्यक्ति का नाम था, जिसके नाम पर Valentine Day रखा गया है। शुरुआत की इस कहानी में इतना प्यार नहीं है जितना इस प्यार के दिन में है।

रोम की तीसरी सदी में Claudius एक अत्याचारी राजा था, जोकि बहुत दुष्ट था। राजा और कृपालु संत Valentine के बीच हुए मुठभेड़ के बारे में इस कहानी में जानकारी दी गई है।

रोम के राजा का मानना था कि एक शादी शुदा सिपाही के मुकाबले बिना शादी किए सिपाही उचित है। क्योंकि शादी शुदा के मुकाबले बिना शादी वाले को अपने बच्चों और परिवार के सदस्यों की चिंता नहीं होगी।

इसी उद्देश्य से Claudius राजा ने ऐलान किया कि कोई भी सिपाही उसके राज्य में शादी नहीं करेगा यदि किसी भी सिपाही ने उसके उद्देश्य का उल्लंघन किया तो उसे सख्त सजा दी जाएगी।

राजा द्वारा किए गए इस फैसले से सभी सिपाही दुःखी थे, परन्तु उसके फैसले का उल्लंघन करने की किसी में हिम्मत न थी।

रोम के संत Valentine को ये फैसला बिल्कुल पसंद नहीं था। इसलिए उन्होंने सिपाहियों की मदद करने के लिए छुपकर सिपाहियों की शादी करवाने लगे और जो भी सिपाही अपनी शादी करवाना चाहता वह Valentine के पास जाता और शादी करवा लेता। ऐसे बहुत सी गुप्त शादियां संपन्न हो चुकी थी।

जैसे कि हम जानते ही हैं कि जो सच होता है, वह ज्यादा देर नहीं छुपता। एक न एक दिन वह सब के सामने आ ही जाता है उसी तरह Valentine द्वारा किए जाने वाले कार्य की खबर Claudius तक एक दिन पहुंच ही गई।

राजा की आज्ञा का उल्लंघन करने पर Valentine को सजा-ए-मौत सुनाई गई और उसे जेल में बंद कर दिया गया।

Valentine अपनी मौत का इंतजार कर रहा था कि एक दिन Asterius नाम का jailor उससे मिलने आया। क्योंकि उसने रोम के लोगों से सुना था कि Valentine के पास दिव्य शक्ति है। जिससे सब लोगों के रोग ठीक हो जाते थे। इसलिए Asterius उसके पास आया और जिसकी एक अंधी बेटी को Valentine ने ठीक किया।

Valentine और Asterius की बेटी के बीच कब दोस्ती प्यार में बदल गई पता ही नहीं चला। Asterius की बेटी को Valentine की फांसी होने वाली खबर सुनकर बहुत गहरा सदमा लगा।

14 फरवरी का वह पल आ ही गया, जब Valentine को फांसी होने वाली थी। मौत से पहले Valentine ने jailor से एक कागज़ और कलम मंगवाकर कागज़ पर jailor की बेटी के लिए संदेश लिखा और आखिरी पन्ने पर लिखा “तुम्हरा Valentine” इन लफ़्ज़ों को लोग आज भी याद करते हैं।

Happy Valentine's Day - Exclusive Samachar

हिंदी में वैलेंटाइन डे का अर्थ

वैलेंटाइन डे दिवस यूरोपियन देशों से शुरू हुआ है। परन्तु आज ये दिवस दुनियाभर के लोगों द्वारा मनाया जाता है। नव युवक और युवती इस दिन एक साथ समय बिताना ज्यादा पसंद करते हैं।

कब मनाया जाता है वैलेंटाइन डे?

हर वर्ष वैलेंटाइन डे 14 फरवरी को मनाया जाता है। इसलिए लोग एक दूसरे के साथ अपनी-अपनी भावनाओं का इजहार वैलेंटाइन डे कार्ड, फूल व मिठाई देकर करते हैं।

किस-किस के साथ मनाए वैलेंटाइन डे?

ये एक बहुत ही गंभीरता वाला सवाल है कि क्या हम सभी Valentine केवल प्रेमी या प्रेमिका के साथ ही मना सकते हैं? जी नहीं! बिल्कुल नहीं क्योंकि आज Valentine केवल lovers तक सीमित न रहकर भाई-बहन, परिवार के सदस्यों और दोस्तों सभी के साथ मनाया जा रहा है।

वेलेंटाइन डे आज के समय में लोग कैसे मनाते हैं?

आज के समय में लोग वेलेंटाइन डे को कहीं स्पैशल डिनर करके, मूवी देख कर, स्पैशल गिफ्ट देकर, एक अच्छा सा प्रेम पत्र लिखकर इसके साथ-साथ बहुत से लोग अपने दोस्तों को घर बुला कर मनाते हैं।

एसोसिएशन का अनुमान है कि लगभग एक अरब वैलेंटाइन हर वर्ष दुनियाभर में अमेरिका द्वारा ग्रीटिंग कार्ड भेजे जाते हैं। जोकि क्रिसमस के बाद, छुट्टी को कार्ड भेजने वाला Valentine Day दूसरा बड़े दिवस के रूप में मनाया जाता है।

जूम क्या है

zoom app एक ऐसा ऐप है जो मोबाइल और लैपटॉप दोनों पर प्रयोग कर सकते हैं। यह एक vedio conferencing app है, जो इंटरनेट कनेक्शन से चलता है। इस ऐप से हम ऑनलाइन वीडियो और ऑडियो दोनों ही तरह से लोगों से बात कर सकते हैं। जूम क्लाउड मिटिंग ऐप के जरिए हम विडियों मिटिंग प्रोजेक्ट को रिकॉर्ड और उन्हें share भी कर सकते हैं। जूम क्लाउड विडियों मिटिंग ऐप का प्रयोग करना बहुत आसान है।

100 लोगों द्वारा वीडियो चैटिंग

यह एक प्रकार का एचडी मीटिंग ऐप है। इस ऐप के जरिए हम 100 लोगों से वीडियो कॉलिंग के जरिए संपर्क कर सकते हैं। इस ऐप के फ्री वर्जन में भी कॉल में 100 लोगों को जोड़ा जा सकता है। इस ऐप के जरिए हमें 40 मिनट तक दूसरे लोगों से वीडियों कॉलिंग की उपलब्धता होती है। इस ऐप से हम वन-टू-वन मीटिंग और वीडियो कॉलिंग भी कर सकते हैं ।

Zoom लाया है नई सुविधाओं के साथ नए फीचर्स

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हमारी बात अधिक सिक्योर होगी। जूम एप में अपने उपभोक्ताओं के लिए इस ऐप का एक नया संस्करण भी पेश किया है, जिसके द्वारा लोगों का डाटा चोरी नहीं होगा क्योंकि इस कंपनी को अक्टूबर में लोगों का डाटा चोरी होने की खबर मिली थी।

  1. Call के दौरान आसपास की ध्वनि नहीं देगी सुनाई

इस कंपनी में लोगों ने शिकायत की थी कि उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आस-पास की ध्वनि अत्यधिक परेशान करती है। इसलिए इस बार में एक ही फीचर आया है कि अब आप लोग एक दूसरे से बात करते हैं केवल उसी की आवाज आएगी। दूसरी आवाज जैसे पंखे का शोर बच्चों के रोने की आवाज है, दूसरे लोगों की आवाज नहीं आएगी। इस ऐप में दूसरा फीचर यह आया है कि हम लोग वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करते समय अगर कम रोशनी में बात कर रहे हैं तो हमें उसकी भी समस्या नहीं आएगी।

  1. बदल सकती हैं अपना चेहरा

इस एप के द्वारा हम अपना मनोरंजन भी कर सकते हैं। हमें कंपनी ने यह सुविधा दी है कि हम इस एप के द्वारा नकली मुखोटे मूंछ, शेर व खरगोश आदि के फोटो को अपने मुंह पर लगा सकते हैं लेकिन हम ऑफिस की जरूरी मीटिंग में ऐसा नहीं कर सकते। हम केवल अपने दोस्तों से बात करते वक्त ही ऐसा कर सकते हैं।

  1. चित्रकारी के जरिए कर सकते हैं अपनी fillings बयां

इस ऐप के जरिए हमें फीलिंग को ब्यान करने का ऑप्शन भी मिल गया है। हम अपने सुख दुःख आदि को दूसरों तक इमोजी के माध्यम से भी पहुंचा सकते हैं, जिस तरह हम व्हाट्सएप पर करते थे।

हो गई आसानी प्रेजेन्टेशन (PPT) देने में

यह खास फीचर आपके बड़ा काम आएगा। अब जूम कॉन्फ्रेंस के दौरान आप वर्चुअल बैकग्राउंड पर पावरपाइंट या कीनोट प्रेजेन्टेशन भी चला सकेंगे। स्लाइड में वीडियो चलाने का भी ऑप्शन मिलेगा। इसकी मदद से यूजर को अब प्रेजेन्टेशन अलग से मेल पर भेजने की जरूरत नहीं होगी, कॉल के दौरान ही सब काम हो सकेगा।

अब फिर देखने को मिला कुदरत का कहर, नदियों में आई बाढ़। आपको बता दे हाल ही में उत्तराखंड के चमोली जिले में ग्लेशियर टूटने की वजह से भयानक तबाही मची हुई है। इसमें तबाही में ऋषि गंगा जल योजना का जल बांध पूरी तरह से नष्ट हो गया है। चमोली आपदा के बारे में बताया गया है कि पहाड़ पर लटकी हुए बर्फ की पूरी चादर नीचे गिर गई थी। इसके साथ बहुत तेजी से भूस्खलन हुआ, पूरा पहाड़ और बर्फ नदी में आ गए। इस वजह से नदी में ग्लेशियर टूटने के बाद ग्लेशियर समेत पहाड़ का मलबा नदी में गिरने की वजह से नदी के आसपास काम कर रहे 202 से ज्यादा व्यक्तियों के लापता होने की शंका है।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बताया कि इस घटना के बाद से टिहरी बांध से पानी रोक दिया गया। जबकि श्रीनगर बांध योजना से पानी पूरी तरह से छोड़ दिया गया और सारे गेट खोल दिए गए ताकि पहाड़ों से आ रहा पानी बांध को नुकसान ना पहुंचा सके।

सभी टीमें मिलकर कर रही हैं इस आपदा का सामना

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बताया कि आईटीबीपी के 450 जवान, एक नेवी टीम, भारतीय सेना की 8 टीमें, एनडीआरएफ की 5 टीमें और वायु सेना के 5 हेलीकॉप्टर मिलकर 1800 मीटर लंबी सुरंग से मलवा हटाने की कोशिश में लगे हुए हैं।

जिन परिवारों के परिजन है लापता

चमोली में आई प्राकृतिक आपदा में जिन लोगों के परिजन लापता है। वे नीलेश आनंद भरणे डीआईजी से मोबाइल नंबर+91 7500016660 पर संपर्क कर सकते हैं। उन्हें व्हाट्सएप के माध्यम से अज्ञात शवों की तस्वीर भेजी जाएंगी। आप उन तस्वीरों के माध्यम से उनकी शिनाख्त कर सकते हैं।

अल्मोड़ा की 4 सदस्य टीम इस आपदा के कारणों का लगाएगी पता

जीबी पंत नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हिमालयन एनवायरमेंट अल्मोड़ा की 4 सदस्य टीम चमोली के लिए रवाना होगी जो इस आपदा के कारणों का पता लगाएगी।

इस आपदा में रैणी में मोटर पुल के बहने के बाद 13 गांव का संपर्क टूट चुका है। इन गांवों को हेलीकॉप्टर की मदद से राशन, मेडिकल सुविधाएं मुहैया करवाई जा रही हैं।

राहत कार्य अभी भी है जारी

1800 मीटर लंबी सुरंग के अंदर का रस्ता मलबे से भरा होने कारण सबसे बड़ा अडिड्का बना हुआ है। जिसे जे.सी.बी के द्वारा खोलने की कोशिश लगातार जारी है। अभी तक 31 शव बरामद हुए हैं और मलबे में फसे और लोगों को बाहर निकालने के लिए राहत कार्य टीमें पूरी जी जान से इस कार्य में लगी हुई है। इस आपदा में भारत-चीन सरहंद को जोड़ने वाला विष्णुप्रयाग पुल भी नष्ट हो गया है।

टेलीग्राम के नए फीचर के अनुसार हम अपनी व्हाट्सएप चैट को आसानी से टेलीग्राम पर ट्रांसफर कर सकते हैं।

इस प्रॉसेस के लिए करना होगा टेलीग्राम के माइग्रेशन टूल का इस्तेमाल –

आपको बता दे हाल ही में, व्हाट्सएप की नई प्राइवेसी पॉलिसी से नाराज़ यूज़र्स अब दूसरे मैसेंजर एप्प्स पर अपने एकाउंट बना रहे हैं। इसके चलते काफी यूज़र्स टेलीग्राम और सिंग्नल एप्प्स की तरफ आकर्षित हो रहे हैं। इसीलिए अब इन एप्प्स में नए-नए फ़ीचर्स रोलआउट हो रहे हैं।

अभी जो भी यूज़र्स व्हाट्सएप को छोड़ टेलीग्राम पर आने का सोच रहे थे, उनके सामने यही सबसे बड़ी समस्या थी कि वह पुरानी चैट्स का बैकअप कैसे करें।इसी समस्या को देखते हुए टेलीग्राम का नया फ़ीचर आउट हुआ है, जिसकी मदद से व्हाट्सएप चैट को आसानी से टेलीग्राम पर ट्रांसफर किया जा सकता हैं।अभी टेलीग्राम ने यह फीचर एंड्रॉयड के साथ-साथ आईओएस यूज़र्स के लिए भी जारी कर दिया  हैं।

कैसे इम्पोर्ट होगी चैट्स –

चैट को इम्पोर्ट करने के लिए यूज़र्स को इसके माइग्रेशन टूल का इस्तेमाल करना होगा। इस टूल की पूरी जानकारी टेलीग्राम ने 7.4 अपडेट में दी हैं। 

7.4.1 में भी यह टूल है उपलब्ध –

कुछ यूज़र्स का कहना है टेलीग्राम के नए अपडेट 7.4.1 में भी यह टूल मौजूद हैं। इससे जो लोग चैट बैकअप की वजह से व्हाट्सएप को नहीं छोड़ पा रहे थे, वो अब आसानी से टेलीग्राम को जॉइन कर पाएंगे। हालांकि यह देखा भी गया है, व्हाट्सएप की नई प्राइवेसी पॉलिसी के बाद टेलीग्राम यूज़र्स में काफी बढ़ोतरी हुई हैं।

WhatsApp Chat Transfer Step To Step –

आप जिस भी चैट को माइग्रेट करना चाहते है, उसे राइट में स्विप करें, इसके बाद मोर (More) ऑप्शन पर क्लिक करें, इसके बाद एक्सपोर्ट चैट के ऑप्शन को क्लिक करें। अब आपको एक पॉप अप दिखाई देगा और आपसे पूछा जाएगा कि आप चैट के अटैचमेंट के साथ या बिना अटैचमेंट के एक्सपोर्ट करना चाहते हैं।इसके बाद आप टेलीग्राम को सेलेक्ट करें, इसके बाद कांटेक्ट और ग्रुप्स के ऑप्शन आएंगे।जिस चैट को माइग्रेट करना है उसी कांटेक्ट पर आपका मैसेज सिंक हो जाएगा।
चैट में टेक्स्ट मैसेज के साथ आपका मीडिया भी इम्पोर्ट होगा।

आपकी जानकारी के लिए बता दे, भारतीय मौसम विभाग में नौकरी पाने का यह सुनहरी मौका है। इस भर्ती के अंतर्गत सी, डी और ई स्तर के पदों के लिए नियुक्ति की जाएगी। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।

www.imd.gov.in

आवेदन करने की अंतिम तिथि : 22 फरवरी 2021

 योग्यताएं- 

1. उम्मीदवार भारतीय नागरिक हो।

2. शैक्षिक योग्यता में मास्टर डिग्री, संबंधित क्षेत्र में अनुभव और अलग-अलग पदों के लिए अलग-अलग योग्यता है। सम्पूर्ण जानकारी के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर नोटिफिकेशन डाउनलोड कर सकते हैं।

चयन प्रक्रिया – 

आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को शैक्षिक योग्यता और अनुभव के आधार पर शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को व्यक्तिगत साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा।
चयनित उम्मीदवारों को सातवें केंद्रीय वेतन आयोग के अनुसार स्तर 11, 12 और 13 के अनुसार वेतन दिया जाएगा। जिसमें अलग-अलग भत्ते भी शामिल है।

विभिन्न पदों की संख्या और वेतन की जानकारी इस प्रकार है –

पद- वैज्ञानिक

 स्तर- ई   

  •  फाॅरकास्टिंग – 3 पद
    • वेतन (स्तर 13)-  ₹123100-215900
  • इंस्ट्रूमेंटेशन – 3 पद
    • वेतन (स्तर 13) – ₹123100-215900
  • कम्प्यूटर /सूचना प्रौद्योगिकी-  2 पद
    •  वेतन (स्तर 13) – ₹123100-215900

स्तर -डी

  • फॉरकास्टिंग-  14 पद
    • वेतन (स्तर 12) –   ₹78800-209200
  • (इंस्ट्रूमेंटेशन) – 8 पद
    • वेतन (स्तर 12) –  ₹78800-209200
  • कृषि मौसम विज्ञान – 4पद 
    • वेतन (स्तर 12) – ₹78800-209200
  • कंप्यूटर / सूचना प्रौद्योगिकी –  3 पद
    • वेतन (स्तर 12) – ₹78800-209200
  • फॉरकास्टिंग – 14 पद
    • वेतन  (स्तर 11) – ₹67700-208700
  • इंस्ट्रूमेंटेशन –  3 पद
    • वेतन (स्तर 11) – ₹67700-208700