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10 New Women College In Haryana 

जी हां, हरियाणा सरकार की ओर से इस वर्ष रक्षाबंधन के शुभ अवसर पर महिला कर्मचारियों व उच्च शिक्षा ग्रहण करने की चाह रखने वाली छात्राओं को बेहतरीन उपहार दिया हैं ।एक ओर मुख्यमंत्री जी ने महिला कर्मचारियों को Online स्थानांतरण नीति में स्टेशन का विकल्प चुनने में राहत दी है इसके साथ ही महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए 10 नए महाविद्यालय खोलने की मांग की हैं।हरियाणा की खट्टर सरकार शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रही है।

शिक्षा मंत्री कंवर पाल ने कहा, कि राज्य के सभी कॉलेजों की मैपिंग के बाद तय किया गया कि कम से कम 10 Km के दायरे में एक महिला महाविद्यालय को होना आवश्यक हैं।

एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया, खट्टर जी ने नए 10 महिला महाविद्यालय खोलने की मंजूरी दे दी हैं।मुख्यमंत्री जी Video Confrence के माध्यम से 3 अगस्त (रक्षाबंधन) के दिन पंचकूला के सेक्टर1 में स्थित राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय से इन महाविद्यालयों का एक साथ शिलान्यास कर लड़कियों को रक्षाबंधन का विशेष उपहार देंगे।इस शिलान्यास में  ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधि व गांव के अन्य प्रबुद्ध व्यक्ति उपस्थित होंगें।

प्रवक्ता का कहना है, कि नए सक्षणिक स्तर से इन महिला महाविद्यालयों में शिक्षा की सुरुआत हो जाएंगी।जब तक ये महाविद्यालय बन कर तैयार नहीं होते तब तक कक्षाएं स्थानीय राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में लगाई जाएंगी।

बिलासपुर:  छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट (High Court) ने लाॅकडाउन के दौरान Gaurdians से वसूली जाने वाली स्कूल फीस को लेकर एक अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने सोमवार को राज्य शासन के उस बड़े आदेश को ठुकरा दिया है जिसमें बोला गया था कि निजी स्कूल लाॅकडाउन (Lockdown) के दौरान फीस (School Fees) की Recovery Postponed रखेंगे और विद्यार्थियों को वेतन देना पक्का करेंगे।

अधिवक्ता अशीष श्रीवास्तव ने मंगलवार को इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की एकल पीठ ने School Fees से जुड़े राज्य शासन के आदेश को ठुकरा दिया है, लेकिन साथ ही स्कूलों और पेरेंट्स (Parents) दोनों को राहत पहुंचाते हुए Lockdown की अंतिम सीमा तक सिर्फ Tuition fees लेने का आदेश दिया है।

श्रीवास्तव ने बताया कि अदालत ने निजी स्कूल संचालकों की Tuition fees लेने की मांग को स्वीकार करते हुए निर्देश दिया है कि इसके बगैर और किसी भी तरह की फीस अभिभावकों (Parents) से नहीं ली जाएगी और न ही किसी कर्मचारी को नौकरी से हटाया जाएगा। अदालत के आदेश के अनुसार सभी Online Classes चलती रहेंगी और इस साल स्कूल फीस Increase नहीं होगी।

अनुयायिओं से Social Distancing और मास्क पहने रखने  की अपील की है | डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह इंसान ने माँ ,डेरा ट्रस्ट के प्रबंधक व सभी अनुयायियों के नाम एक बार फिर चिट्ठी लिखकर भेजी है। चिट्ठी में माँ को सेहत का ख्याल रखने,  जल्द आकर स्वयं माँ का इलाज कराने की बात कही है। 

इसी के साथ ही अपने अनुयायियों से सरकार के निर्देशों का पूरा पालन करने का आवेदन किया। जरूरत पड़ने पर ब्लड डोनेट करने के लिए भी कहा है । उन्होंने सभी अनुयायियों में एकता होने की खुशी जाहिर की है। सर्वधर्म का सत्कार करने के लिए भी प्रेरित किया है। 

सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है चिट्ठी। डेरा अनुयायियों में खुशी की लहर।

https://www.facebook.com/126295580718116/posts/3721477884533183/

बता दें कि सुनारिया से यह चिट्ठी 25 जुलाई को भेजी गई है। जोकि 27 जुलाई दिन मंगलवार को डेरा के आधिकारिक पेज से सभी के बीच शेयर की गई। जिसके बाद से ही सोशल मीडिया पर यह चिट्ठी खूब वायरल हो रही है। डेरा अनुयायी  चिट्ठी में अपने गुरु से मानवता की सेवा व सर्वधर्म सत्कार करने की बात को लेकर बहुत खुश हैं।

पहली चिट्ठी में बताए काढ़े का बाबा ने फिर किया जिक्र ।।

इससे पहले गुरमीत राम रहीम सिंह ने 2 महीने 11 दिन पहले यानी 14 मई को भी पत्र लिखकर भेजा था। जिसमें रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने हेतु पनीर, पिस्ता व घर में प्रयोग किये जाने वाले विभिन्न पदार्थों से काढ़ा बनाकर लगातार पीते रहने को कहा था। जिसे बनाने का तरीका, सामग्री की मात्रा भी उन्होंने पत्र में लिखी थी। 

25 जुलाई को भेजी चिट्ठी में भी इस काढ़े को लगातार पीते रहने के लिए कहा गया है। इसके अलावा immunity boost up के लिए मेडिटेशन, प्राणायाम , ज्यादा समय घर बिताने को कहा है। मास्क का प्रयोग, बार-बार चेहरा न छूना, घर आते ही नहाना, कपड़ो को साफ पानी मे डालकर रखना व कपड़े बदलकर परिवार से मिलने जैसी हिदायतें दी गयी हैं। 

डेरा प्रबन्धको, अनुयायियों व सभी बच्चों में एकता को लेकर जताई खुशी।।

डेरा प्रमुख ने चिट्ठी में जसमीत इन्सां, चरणप्रीत  इन्सां, हनीप्रीत इन्सां, अमरप्रीत इन्सां, डेरे में रहने वाले सेवादार, एडम ब्लॉक सेवादार व सभी सेवादारों में गुटबाजी न होने व एकता बनी होने की खुशी जाहिर की है। आगे भी इसी तरह एक बनकर रहने के लिए कहा है। ट्रस्ट सेवादार,एडम ब्लॉक सेवादार व आश्रम के सेवादारों की लगाई ड्यूटी ।

बाबा ने अपने पत्र में ट्रस्ट, एडम ब्लॉक व आश्रम के सभी सेवादारों की ड्यूटी लगाते हुए लिखा। सभी ख्याल रखें कि साध संगत में कोई गुटबाजी न हो व एकता बनी रहे। आश्रमों का पूरा पूरा ख्याल रखें। आश्रम के जिन सेवादारो की ड्यूटी लगाई थी वो ब्लॉकों में जाकर जरूरतमंदों के लिए परमार्थ व सेवा करवाएं। 

गुरु रूप में संसार की भलाई की प्रार्थना व ताउम्र संभाल करने के साथ दिया आशिर्वाद ।।
डेरा प्रमुख ने चिट्ठी में यह भी लिखा कि वे ताउम्र ‘गुरु’ रूप में संसार की भलाई की प्रार्थना व अपने कर्तव्य का निर्वाह करते रहेंगे। 

अपने अनुयायियों को सबका भला करने, निंदा से बचने के लिए कहते हुए लिखा। हमारा ध्यान तो कुंज की तरह हमारे करोड़ो बच्चों में लगा रहता है । सतगुरु से प्रार्थना है कि आपकी हर जायज मांग पूरी करें ।

अब देखना यह है कि संत राम रहीम द्वारा आगे क्या संदेश दिया जाएगा।

नया उपलक्ष्य  iPhone 11 : भारत के लिए वरदान सिद्ध हो सकती है ऐपल कंपनी

ऐपल (Apple) नामक कंपनी ने पहले भी भारत में स्मार्टफोन बनाया था, परंतु वे टाॅप आॅफ द लाइन वेरिएंट न बन सका . लेकिन अब इस कंपनी (Apple) ने भारत में iPhone 11 जो कि इनका अपना फ्लैगशिप सीरीज है, को बनाने का फैसला किया है। ऐसा पहली बार हो रहा है कि भारत में प्रोडक्शन शुरू हो सकेगा।

हालांकि iPhone 11 को चेन्नई के पास Foxconn के प्लांट में बनाने का कार्य चल रहा है, उसी तरह दूसरी तरफ अमेरिकी कंपनी ऐपल ने भारत में अपनी फ्लैगशिप सीरीज iPhone 11 की तैयारी शुरू कर दी है।

made in india iphone 11 coming soon - Exclusive Samachar

ऐसा नहीं कि पहली बार भारत में ऐपल कंपनी iPhone बना रही है, पहले भी अन्य माॅडल भारत को एसेंबल किए हैं इस कंपनी ने, लेकिन प्रसन्नता की बात तो यह है कि कंपनी ने फ्लैगशिप सीरीज को भारत में बनाने का कार्य पहली बार शुरू किया है।

इस कार्य के शुरू होने से कुछ अच्छा अनुमान भी लगाया जा रहा है जिसमें भारत में प्रोडक्शन की बढ़ोतरी होने की बात भी सामने आ रही है, जिसको कुछ भागों में बांट कर पूरा किया जा सकता है। ET की रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनी भारत में iPhone 11 का निर्माण कर आने वाले समय में अन्य देशों में भी इसको Export कर सकती है।

इंपोर्ट टैक्स (Import Tax) को कंपनी लोकल मेकिंग (Local Making) के कारण 22% तक बचा सकती है जिससे कंपनी भारत को iPhone 11 कम दाम में बेचने का निर्णय ले सकती है।

iphone 11 - India - Exclusive Samachar

“भारत में iPhone 11 बनाना शुरू कर दिया है जो कि मेक इन इंडिया के लिए महत्वपूर्ण बात है . ऐपल पहली बार भारत में टाॅप आॅफ द लाइन माॅडल बना रहा है।” Commerce and Industry Minister Piyush Goyal ने अपने ट्वीट में ये बात साफ़ साफ़ लिखी है।
भारत में कंपनी ने iPhone SE भी एसेंबल किए थे । इसके वाबजूद  Foxconn के प्लांट में iPhone XR का ऐपल ने पहले प्रोडक्शन किया है लेकिन फिर भी इसकी कीमत में कोई खास कमी नहीं देखी।

Forbes: मुकेश अम्बानी बने दुनिया के 5वें सबसे अमीर व्यक्ति। विश्व के टॉप 10 रईसों में अकेले एशियाई कारोबारी है मुकेश अम्बानी। 

रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अम्बानी विश्व के पांचवे सबसे अमीर शख्स (5th Richest Person In The World) बन चुके हैं। पिछले कुछ दिनों में उनकी कुल सम्पत्ति में 2.6 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई है।

इससे पहले 14 जुलाई को वे दुनिया के छठे सबसे अमीर व्यक्ति बन चुके थे। 43वीं AGM के बाद रिलायंस के शेयर को लगे 6 प्रतिशत झटके के कारण वह पांचवें नम्बर पर आते आते रह गए थे।
अब रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (Reliance Industries Limited) के शेयर में आये जोरदार उछाल से रिलांयस के शेयर की कीमत आज 2010 रुपये को छू गयी जिसके चलते कुल सम्पदा 75 अरब डॉलर हो जाने से Mukesh Ambani फोर्ब्स द्वारा जारी की जाने वाली लिस्ट के दुनिया के टॉप 10 रईसों में 5वें नम्बर पर पहुँच गए हैं।

 अमेरिकी निवेशक वारेन बफे जिनकी कुल सम्पदा 72.7 अरब डॉलर है, को पीछे छोड़कर वे दुनिया के 5वें सबसे अमीर शख्स बन गए हैं।

 बता दें कि Mukesh Ambani अकेले ऐसे एशियाई कारोबारी हैं। जो फोर्ब्स द्वारा प्रकाशित की जाने वाली दुनिया के Top-10 रईसों की लिस्ट में शामिल है। 

फोर्ब्स की टॉप 10 रईसों की लिस्ट में मुकेश अम्बानी ने किन दिग्गजों को छोड़ा पीछे?

पांचवें नम्बर पर आने की दौड़ में उन्होंने वारेन बफे ,लैरी एलिसन ,एलन मस्क ,स्टीव बाल्मर एवं लेरी पेज को पीछे छोड़ा है । 

वारेन बफे अमेरिका के दिग्गज निवेशक हैं । लैरी एलिसन एवं एलन मस्क टेस्ला के मुखिया हैं । स्टीव बाल्मर माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) के पूर्व सीईओ (CEO) हैं और लॉस एंजेलिस क्लिपर्स के मालिक हैं। लैरी पेज Google के co-founder हैं। 

कौन हैं दुनिया के टॉप 10 अमीरों (Top 10 richest people in world ) की सूची में मुकेश अम्बानी से आगे ? 

मौजूदा लिस्ट की बात करें तो 

  • मुकेश अम्बानी से आगे मार्क जुकरबर्ग हैं। जोकि Facebook के CEO हैं और 89 अरब डॉलर की सम्पदा के साथ चौथे नम्बर पर हैं।अम्बानी के मुकाबले उनकी सम्पत्ति करीब 14 अरब डॉलर अधिक है । 
  • तीसरे नम्बर पर बर्नाल्ड अर्नोल्ट हैं जोकि  लक्जरी माल टाइकून एवं लक्जरी मैग्नेट LVVH (LVMHF) के अध्यक्ष और सीईओ हैं जिनकी सम्पदा 112.1 अरब डॉलर है।
  • वहीं 113.8 अरब डॉलर की सम्पत्ति के साथ माइक्रोसॉफ्ट के चीफ बिल गेट्स दूसरे नम्बर पर बने हुए हैं।
  • इसके अलावा Amazon के मुखिया जेफ बेजोस 185.5 अरब डॉलर की सम्पदा के साथ प्रथम स्थान पर चल रहे हैं।
  • Mukesh Ambani की नेटवर्थ में इजाफ़ा होने की वजह दुनिया भर की दिग्गज कंपनियों का रिलायंस में निवेश-
  • मुकेश अम्बानी की नेटवर्थ में लगातार तीन महीनों से तेजी से हो रहे इज़ाफे की मुख्य वजह उनकी टेलीकॉम कंपनी   Reliance -Jio में दुनिया भर की दिग्गज कम्पनियों Facebook, Vista, Google,  General Atlantic समेत कई कम्पनियों की तरफ से किया गया बड़े पैमाने पर निवेश है ।  Reliance Jio को 14 बड़ी कम्पनियों से अब तक करीब 1.5 करोड़ रुपये का निवेश हासिल हो चुका है।


Reliance AGM: Reliance Industries Limited की आज 43 वीं  एजीएम हुई। इसका सम्बोधन करते हुए मुकेश अम्बानी ने कहा , देश के ऊपर कोरोना ऐतिहासिक संकट के रूप में उभरा हैं और हमेशा संकट के समय ही उन्नति के नए अवसर सामने आते हैं।Reliance ने कुछ समय पहले ही सपने लक्ष्य को देखते हुए कर्ज से मिक्ति पाई हैं।अब Google के साथ स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप का एलान करते हुए अंबानी जी ने कहा, Google नई पार्टनर बनी Google 33737 करोड़ रुपए निवेश कर 7.7 प्रतिशत की हिस्सेदारी Reliance में करेगी।इस पर उन्होंने Facebook समेत सभी पैटर्न्स का स्वागत किया।

अंबानी जी का कहना है, Reliance अब भारत की डिजिटल लाइफ लाइन बन गया हैं।अभी Reliance ब्रॉडबैंड, एंटरप्राइजेज ब्राडबैंड छोटे उद्दमो के ऊपर बेहतर Connectivity बनाने के लिए काम कर रहा हैं।

Jio ने देश के लिए एक ढांचा तैयार किया है, Jio ने 5G के पूरे समाधान तैयार कर लिए हैं।इसको अगले साल तक पेश किया जाएगा।

Updates- मुकेश अम्बानी की पत्नी नीता अम्बानी ने भी किया AGM को सम्बोधित-इसमें उन्होंने Reliance Industryके द्वारा कोरोना संकट के समय मे किए जाने वाले सामाजिक कार्यों का विवरण किया।निशा अम्बानी ने बताया, उन्होंने अन्न मिशन के द्वारा देश मे 5 कऱोड से ज्यादा ग़रीब, मजदूरों,अन्य वर्करों के लिए भोजन का प्रबंध किया हैं।इसके साथ साथ उन्होंने कहा कोरोना काल के चलते पीपीई किट का भी बड़ा संकट सामने आया।इसके लिए प्रतिदिन पीपीई किट और एन95 मास्क बनें।यहां तक कि Reliance Emergency सेवा में लगी गाड़ियों में घर – घर तक ईंधन पहुँचाया हैं।

मुकेश अम्बानी के द्वारा कही गयी अनमोल बातें-

मुकेश अम्बानी ने कहा कि उनकी ग्रॉसरी बिज़नेस का मुख्य उद्देश्य किसानों को जोड़ना और नई नई चीजों को घर तक पहुचाना है , इससे किसानों को आय में काफी वर्द्धि होगी।
lockdown के दौरान Relianceने वैश्विक बाजारों में काफी लाभ उठाया , मात्र 14 दिनों में ईंधन , पट्रोल का निर्यात 2.5 फीसदी बढ़ा लिया।साथ ही अम्बानी जी ने भारत का पहला ब्यूटायल रबड़ प्लांट शुरू किया हैं,जिससे भारत दुनिया के 10 शिर्ष उत्पादकों में आएगा।जो अपने आप मे बहुत गर्व की बात हैं।

आगे निशा अम्बानी ने कहा कि हम “reliance और jio” को बड़े पैमाने पर ले जाना चाहते है।इसके मुख्य स्तम्भ है- jio meet plateform 4G Mobile Network Jio Fiber Broadbandjio health hub

Jio TV में क्या है ख़ास ?

Jio TV के बारे में जानकारी देते हुए अंबानी ने इसके काफी फ़ीचर्स पर चर्चा की हैं।जिओ फ़ाइबर के जरिये Tv चैनल्स को इंटरैक्टिव और Tv में टू-वे कम्युनिकेशन को अहमियत दी गई हैं।

jio meet कैसे है teacher, students के लिए लाभदायक-

इस app में अध्यापकों का एक्सपीरियंस अद्भुत होगा।इस से शिक्षा सम्बंधित कोई परेशानी नही होगी, बच्चे बहुत अच्छे से सब समझ पाएंगे।Online class के माध्यम से बच्चों की 30फीसदी से ज्यादा परेशानी को खत्म करने में मदद मिलेंगी।

22 april से 12 July 2020 तक कुल 25.24 फीसदी की हिस्सेदारी बेचकर कंपनी को 1,18,318.45 करोड़ रुपये का निवेश मिला है। इसके अतिरिक्त कंपनी ने राइट्स इश्यू जारी कर 53,124 करोड़ रुपये भी जुटाए हैं। अलग-अलग Plateforms के जरिए रिलायंस के एक लाख से अधिक शेयरधारक इस बैठक में शामिल होंगे।

पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय एयरलाइन्स (PIA) पर अमेरिका के परिवहन विभाग ने अमेरिका से आने वाली चार्टर फ्लाइट पर रोक लगा दी हैं।इस फ़ैसले ने पाकिस्तान पायलटों के सर्टिफिकेट और योग्यता पर FAA(फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन) की चिंता जतायी गयी हैं।इस से पिछले महीनें भी काफी पायलटों को फ़र्ज़ी सर्टिफिकेट की वजह से सस्पेंड कर दिया गया था।

फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर हुई थी नियुक्ति

करीब 6 महीने पहले योरोपियन यूनियन एविएशन सेफ्टी एजेन्सी ने PIA के ऑथराइजेशन को सस्पेंड कर दिया था।PIA का कहना है, एयरलाइन्स को लेकर जिस सुधार की जरूरत होगी वो हम जरूर करेंगे।

मई में पाकिस्तान विमान जेट की दुर्घटना से 97 लोग मौत के घाट उतर गए थे।इस हादसें के पीछे भी फ़र्जी सर्टिफिकेट का मामला सामने आया।

big question posed on Pakistani pilots - Exclusive Samachar

वियतनाम से भी हटाये गए थे पाकिस्तानी पायलेट

पिछले जून को वियतनाम के विमानन प्रधिकरण से यह बात सामने आई थी कि उन्होंने स्थायी एयरलाइन्स में काम कर रहे सभी पाकिस्तानी पाइलेट्स को हटा दिया हैं।

जानिए कहा-कहा पाकिस्तानी पायलटों को हटाने पर चर्चा की जा रही हैं

सुनने में आया है, आज काफी जगह से पाकिस्तानी पायलटों को उनकी फ़र्ज़ी सर्टिफिकेट के कारण उनको हटाने पर चर्चा की जा रही हैं।खाड़ी देशों, कुवैत, क़तर, यूएई,ओमान इत्यादि देशों में पाकिस्तानी पायलेट्स को हटाने की चर्चाएं की जा रही हैं।

us banned pia flights - Exclusive Samachar

पाकिस्तानी पायलेट्स को आख़िर क्यों बैन करने लगे है देश

पाकिस्तानी एयरलाइन्स पायलटों के लाइसेंस में काफी अनमियताएँ पाई गई हैं। जो “सेफ़्टी रूम के लिए एक   गम्भीर चूक हैं”।

गुलाम सरवर खान ने अपनी जांच में पाया कि 860 में से 260 से ज्यादा पायलटों के पास फ़र्जी लाइसेंस और परीक्षा में धोखेबाजी की गई हैं।बाद में यह साफ भी हो गया कि बहुत ज्यादा पायलेट्स फर्जी लाइसेंस का प्रयोग कर रहे हैं।फ़र्जी सर्टिफिकेट की सहायता से नियुक्त हुए इन पायलेट्स को आज सब बैन कर रहे हैं।

आइए जानते हैं कुछ ऐसी दिखती है चांद से पृथ्वी

पृथ्वी चांद से कितनी सुंदर दिखती है इस बात का अंदाजा आप इन दिनों में वायरल हो रही तस्वीरों से लगा सकते हैं।

अभी हाल ही में अपोलो 11 चालक दल के सदस्य बज एल्ड्रिन ने अपने ट्विटर हैंडल से एक फोटो शेयर की। इसके साथ ही उन्होंने ट्विटर कैप्शन में लिखा कि यह दृश्य कभी भी पुराना नहीं हो सकता है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बज एल्ड्रिन चंद्रमा पर उतरने वाले दूसरे व्यक्ति थे और जैसा की आप जानते ही होंगे कि अपोलो 11 सबसे पहला अंतरिक्ष यान था। जो चंद्रमा पर उतरा था। और नील आर्मस्ट्रांग पहले व्यक्ति थे जिन्होंने सबसे पहले चंद्रमा पर अपने कदम रखे थे। वही Buzz Aldrin जो कि नील आर्मस्ट्रांग के क्रू मेंबर में पायलट थे।  Buzz Aldrin ऐसे दूसरे व्यक्ति थे जिन्होंने चंद्रमा पर अपने कदम रखे।

Buzz Aldrin shared a photo taken from space - exclusive samachar

कुछ विशेष 

आपको बता दें, उनके साथ एक अन्य यात्री और थे। जिनका नाम माइकल कॉलिन्स था।
 इन्होंने चंद्रमा के चारों ओर अपोलो 11  Command Module Columbia से उड़ान भरी थी। NASA  (National Aeronautics and Space Administration) की वेबसाइट के हिसाब से चंद्रमा से पृथ्वी की यह तस्वीर अपोलो 11 अंतरिक्ष  यान द्वारा 20 जुलाई 1969 को ली गई थी। चांद का यह भाग स्मिथ के सागर के पास के क्षेत्र में है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें, कि जब से यह फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। तभी से इसके लाइक्स लगातार बढ़ते जा रहे हैं, और अब तक इस तस्वीर पर 13  हजार से ज्यादा लाइक आ चुके हैं। इसके साथ ही इस तस्वीर पर कुछ दिलचस्प कमेंट भी आ चुके हैं। एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा कि चंद्रमा पर चलते समय आप ने सबसे पहले क्या किया। वहीं दूसरे ने लिखा कि मैं कल्पना भी नहीं कर सकता कि पृथ्वी इतनी सुंदर दिखती है।

Buzz Aldrin - Exclusive Samachar

आपको बता दें कि पिछले साल Dr Buzz Aldrin ने अपनी यात्रा के क्षणों को याद करते हुए कहा था, कि वे और उनके चालक दल के सदस्य अपने कामों में इतने व्यस्त थे कि वे सभी इस बात से विचलित हो गए कि यह नजारा कितना खूबसूरत था। क्योंकि पृथ्वी पर मौजूद करोड़ों लोग इसको देख नहीं पा रहे थे। यह सब लाइव टेलीविजन पर देखा जा रहा था।

Buzz Aldrin ने लॉस एंजिल्स के बाहर रोनाल्ड रीगन लाइब्रेरी में 50वीं वर्षगांठ के दौरान यह कहा कि जब हम चाँद पर थे तो ऐसा लगा कि दुनिया एक साथ करीब आ रही थी। कभी-कभी मुझे लगता है कि हम तीनों बड़ी घटनाओ से चूक गए हैं।

विश्व जनसंख्या दिवस- हर वर्ष 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस के रूप में मनाया जाता है।

इसकी शुरुआत कब हुई

इस दिन की शुरुआत संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) की संचालित परिषद द्वारा पहली बार 1989 में हुई।  जब विश्व की आबादी का आंकड़ा 5 अरब के पास पहुंच गया। संयुक्त राष्ट्र की गवर्निंग काउंसिल के फैसले के अनुसार साल 1989 में विकास कार्यक्रम में विश्व स्तर पर समुदाय की सिफारिश के द्वारा यह तय किया गया कि हर वर्ष 11 जुलाई को ‘विश्व जनसंख्या दिवस’ के रुप में मनाया जाएगा ।

इस दिवस को मनाने का उद्देश्य 

इस दिवस का जरूरी और सबसे अहम उद्देश्य दुनिया भर में बढ़ रही आबादी को नियंत्रित करने के लिए लोगों को जागरूक करना है।इस दिन को मनाने के पीछे का उद्देश्य विश्व में हर 2 सेकेंड में बढ़ रही आबादी के मुद्दे पर लोगों को जागरुक करना है। इस दिन नेशनल इंटरनेशनल लेवल पर कई कार्यक्रम किए जाते हैं। जिसमें सोशल मीडिया, विभिन्न कार्यक्रमों व सभाओं का आयोजन किया जाता है। रैलियां निकाली जाती है, रोड शो होते हैं।इसका उद्देश्य लोगों को जागरुक करना है।

इस बार विश्व जनसंख्या दिवस 2020 की थीम 

इस साल की थीम विशेष रूप से कोविड-19 महामारी के समय में विश्व भर में लड़कियों और महिलाओं के स्वास्थ्य अधिकारों की सुरक्षा पर आधारित है। हाल ही में यूएनएफपीए के एक शोध में पाया गया, अगर लॉकडाउन छह माह तक रहता है, और स्वास्थ्य सेवाओं में कमी होती है। तो कम और मध्यम आय वाले देशों में 47 मिलियन महिलाओं को आधुनिक गर्भ निरोधक दवाएं नहीं मिल पाएगी।

world population day - Exclusive Samachar

विश्व की जनसंख्या 

वर्ष 1950 में जहां विश्व की आबादी 250 करोड़ थी। आज वह वर्तमान समय में यानी 2020 में 777 करोड़ को पार कर चुकी है। जो हर सेकंड बढ़ती ही जा रही है। इस बढ़ती आबादी में सबसे पहला स्थान चीन का है। जबकि भारत विश्व में दूसरे नंबर पर है। भारत में विश्व के कुल 17.9% लोग रहते हैं। विश्व में भारत के पड़ोसी देश चाइना के अलावा अधिक आबादी में पाकिस्तान पांचवे स्थान पर व बांग्लादेश आठवें स्थान पर है।

भारत की वर्तमान जनसंख्या 137 करोड़ से भी अधिक है। जो लगातार बढ़ रही है।

विश्व में बढ़ती जनसंख्या के कारण 

1. शिक्षा की कमी 

अक्सर शिक्षा के अभाव के कारण लोग छोटे परिवार के महत्व को नहीं जानते। इस कारण अज्ञानतावश निरंतर संतानोत्पत्ति होती रहती है।

2. कम आयु में विवाह 

ग्रामीण तथा अशिक्षित परिवारों में आज भी बाल विवाह की प्रथा प्रचलित है। कानूनी प्रतिबंधों के बावजूद भी कम आयु में ही अनेक विवाह संपन्न हो जाते हैं। जिनके कारण कम आयु में ही दंपती संतान उत्पन्न करने लगती है।

3. सामाजिक रीति-रिवाज

 हमारे समाज में लोगो के घरो में  पुत्र का जन्म आवश्यक माना जाता है। लोगों का मानना है कि वंश का नाम पुत्र से ही चलता है। अंतः पुत्र प्राप्ति की कामना को लेकर लोग अनचाहे ही संतानें पैदा करते रहते हैं। जो जनसंख्या वृद्धि का कारण बनती है।

4. मृत्यु दर में कमी

 आधुनिक चिकित्सा, सुविधा के फल स्वरुप मृत्यु दर में कमी आई है। महामारी कुपोषण के कारण होने वाली मृत्यु दर बहुत कम हो गई है। यह सब स्वास्थ्य सुधार के कारण संभव हो पाया है। जिस से जनसंख्या वृद्धि बढ़ रही है।

5. गरीबी 

हमारे देश की जनता का रहन-सहन निम्न स्तर का है। वह इस बात से में विश्वास रखते हैं, कि जितने अधिक बच्चे होंगे में काम करके अधिक पैसा कमाएंगे।

जनसंख्या वृद्धि से होने वाले नुकसान 

1. खाद्य सामग्री की समस्या

 देश की जनसंख्या में लगातार वृद्धि होने के कारण खाद्य पदार्थों की कमी होती जा रही है और इसका अभाव होने के होने से बच्चों का शारीरिक विकास नहीं हो पाता, पोषण की कमी होती है, और खाद्य सामग्री के अभाव के कारण महंगाई बढ़ रही है।

2. शिक्षा की समस्या 

जनसंख्या वृद्धि के कारण बहुत से बच्चे विद्यालय में प्रवेश नहीं कर पाते। वे शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। इससे बच्चों का शारीरिक व मानसिक विकास नहीं हो पाता।

create awareness on over population - Exclusive Samachar

3. रोजगार की समस्या 

बढ़ती जनसंख्या के कारण रोजगार के साधन नहीं बढ़ पाते इसके कारण देश भर में बेरोजगारी तेजी से बढ़ती है। 

4. आवास की कमी

 जनसंख्या वृद्धि के कारणअधिकांश लोग गंदे व प्रकाश हीन घरों और झोपड़ियों में रहते हैं।उन्हें खाना नहीं मिलने के कारण कुपोषण का शिकार भी होना पड़ता है। बहुत से लोग सड़क के किनारों पर ही रहते हैं।

5. चिकित्सा व्यवस्था की समस्या

लगातार बढ़ती जनसंख्या के कारण अस्पतालों में अधिक भीड़ रहती है। रोगियों की देखभाल सही तरीके से नहीं हो पाती।

6. प्रदूषण 

जनसंख्या वृद्धि के कारण जल,वायु और मृदा प्रदूषण भी बढ़ रहा है।

7. संक्रामक रोग 

जनसंख्या वृद्धि के कारण संक्रामक रोग बढ़ रहे हैं। जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलते हैं।

8. कृषि भूमि का  बटवारा 

परिवार में वृद्धि होने से कृषि पर अधिक भार पड़ता है और परिवार का बंटवारा होने से भूमि को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांट दिया जाता है। जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति खराब होती है।

जनसंख्या वृद्धि को नियंत्रित करने के सुझाव

1. कानून व्यवस्था 

भारत में जनसंख्या वृद्धि को रोकने के लिए संविधान में कठोर कानूनी व्यवस्था होनी चाहिए। सरकार ने विवाह योग्य लड़की की आयु 18 वर्ष की आयु और लड़क की आयु 21 वर्ष निर्धारित की है। लेकिन इस कानून का भी कठोरता से पालन नहीं हो पा रहा है।

2. उचित शिक्षा व्यवस्था 

 जनसंख्या वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए उचित शिक्षा व्यवस्था अति जरूरी है। शिक्षा के माध्यम से ही परिवार को सीमित रखने की प्रेरणा दी जा सकती है।

3. सीमित परिवार 

भारत वर्ष में लगभग  10 करोड परिवार ऐसे हैं जिनकी वैवाहिक आयु निर्धारित आयु से कम है। इन्हें शिक्षित करके परिवार को सीमित रखने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

4. परिवार कल्याण संबंधी कार्यक्रमों में रुचि

परिवार को सीमित रखने के लिए सरकार द्वारा ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना चाहिए। जिनसे लोगों को प्रोत्साहन मिल सके और वे परिवार कल्याण कार्यक्रमों में रुचि ले।

5. आर्थिक सुधार

 उचित रोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर व्यक्ति के आर्थिक स्तर में सुधार लाया जा सकता है।

आ गया है Zoom – JioMeet से भी बेहतर Video Call App

जी हां, हाल ही में जयपुर की एक कंपनी ने 2000 लोगों की Online Video Call का app बनाया हैं।

इससे पहले बाजार में Zoom Calling Zoom App मौजूद था और Reliance Jio की तरफ से Video Calling App JioMeet Launch की गई।अब जयपुर की कंपनी ने Video Call App VideoMeet बनाकर Zoom App & Jio Meet App को टक्कर दी हैं।

जयपुर की इस कंपनी का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत का आह्वान किया, इसी बात की गहराई को देखते हुए यह app लांच की गई हैं।इस app के जरिये राजनीतिक रैली भी की जा सकती हैं।

Zoom & Jiomeet से बेहतर Videomeet  कैसे -अगर हम zoom app की बात करें तो Zoom app फ्री वर्जन में 100 लोग 1 साथ मीटिंग कर सकते है और zoom app paid वर्जन में 1000 लोग zoom online meeting कर सकते हैं।दूसरी ओर Jiomeet Free वर्जन पर 100 लोग online मीटिंग कर सकते हैं और इसके paid वर्जन के बारे में अभी कोई घोषणा नहीं की गई हैं।लेकिन Video meet में लोगो के ऑनलाइन भाग लेने को लेकर कोई लिमिट नहीं हैं।

Video Call Video Meet से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें

जयपुर की सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी डेटा इंजेनियस ग्लोबल ने Video Call App VideoMeet बनाया हैं। इस कंपनी का दावा है कि इस app के जरिये 1 साथ 2000 लोग online बैठक कर सकते हैं। इस app के ज़रिए एक सत्र में लोगो के Online भाग लेने को लेकर कोई सीमा नहीं हैं।यह बाकी सभी video apps से बेहतर हैं। Company के संस्थापक अजय दत्त का कहना है कि इस app में लोगों के online भाग लेने की कोई सीमा नहीं हैं, क्योंकि यह “बैंडविड्थ” और “होस्टिंग” की उपलब्ध सुविधा पर निर्भर करेगा।