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हाल ही में घोषित किये गए बारहवीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में उतरप्रदेश के किसान के बेटे ने 98.2% अंक प्राप्त कर अपना नाम सुनहरी अक्षरों में दर्ज कराने का काम किया है ।

विदेश में पूर्णतः स्कालरशिप पर पढ़ने का मिला अवसर

बारहवीं के परीक्षा परिणाम में पाई सफलता के चलते US की कोर्नेल यूनिवर्सिटी में पढ़ने का अवसर मिलने से सम्पूर्ण परिवार में खुशी की लहर है।बारहवीं में प्राप्त 98.2% अंक हासिल करने पर यूएस (US) की प्रतिष्ठित आइवी लीग यूनिवर्सिटी में स्कॉलरशिप के माध्यम से एडमिशन लेने का मौका मिला है ।  अनुराग तिवारी जोकि लखीमपुर जिले के सरसन गांव से हैं , बताते हैं कि उन्हें अमेरिका में कोर्नेल यूनिवर्सिटी (Cornell University) में पढ़ने हेतु चुना गया है जहां वे इकोनॉमिक्स में उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा सोमवार को घोषित किये गए बारहवीं के परीक्षा परिणाम में 18-वर्षीय अनुराग तिवारी ने गणित में 95 ,अंग्रेजी में 97 , राजनीति विज्ञान में 99 ओर इसके साथ ही इतिहास और इकोनॉमिक्स दोनों विषयों में 100 अंक प्राप्त किये हैं।

SAT (स्कॉलरशिप असेसमेंट टेस्ट) में भी पाई सफलता

बाहरवीं की परीक्षा में प्राप्त सफलता के साथ ही अनुराग ने स्कॉलरशिप असेसमेंट टेस्ट में 1,370 अंक हासिल किये जोकि अमेरिका के प्रमुख कॉलेजों में प्रवेश के लिए लिया जाता है ।

अनुराग ने बताया कि उसके लिए यह सफ़र बिल्कुल भी आसान नहीं रहा। घर की आर्थिक स्थिति ठीक न होने की वजह से उन्हें सीतापुर जिले के आवासीय विद्यालय में ही अपनी पढ़ाई करनी पड़ी। 
चूंकि अनुराग एक किसान परिवार से संबंध रखते हैं इसलिए उसके माता-पिता इस विद्यालय में भी भेजने को राजी नहीं थे।उनका कहना था कि यदि अनुराग पढ़ाई के लिए चला गया तो वह खेती में नहीं आएगा। लेकिन अनुराग की बहनों ने पढ़ाई जारी रखने की इजाजत दिलाई । ओर आज सारे परिवार को अनुराग पर गर्व है।

विदेश में पढ़ाई के विचार पर पूछने पर अनुराग ने बताया कि उसका झुकाव हमेशा से ही लिबरल आर्ट्स ओर ह्यूमैनिटीज की ओर ज्यादा रहा है। उन्होंने बताया , ” आइवी लीग कॉलेजों के लिए ट्राई करने की सलाह उसके दिल्ली के शिक्षकों ओर काउंसलर्स ने दी ,जिसके चलते मैने कोर्नेल यूनिवर्सिटी में प्रवेश के लिए आवेदन किया ओर SAT का एग्जाम दिया.”

आगे की बातचीत में अनुराग ने बताया कि इसी साल अगस्त में कोर्नेल यूनिवर्सिटी में जाना तय था लेकिन कोरोना महामारी को लेकर लगाए वीजा प्रतिबन्धों के चलते अब वह फरवरी 2021 तक ही जा पाएंगे ।

अनुराग में पढ़कर लौटने के बारे में पूछने पर बताया कि “हमारे देश मे भी विभिन्न अच्छे कॉलेज हैं लेकिन विदेश में पढ़ाई भी एक अच्छा अवसर है ।शिक्षा पूरी करने ओर कुछ अनुभव प्राप्त करने पर मैं निश्चित रूप से भारत लौटूंगा ओर यहाँ शिक्षा के क्षेत्र में अपना योगदान दूंगा।”


Reliance AGM: Reliance Industries Limited की आज 43 वीं  एजीएम हुई। इसका सम्बोधन करते हुए मुकेश अम्बानी ने कहा , देश के ऊपर कोरोना ऐतिहासिक संकट के रूप में उभरा हैं और हमेशा संकट के समय ही उन्नति के नए अवसर सामने आते हैं।Reliance ने कुछ समय पहले ही सपने लक्ष्य को देखते हुए कर्ज से मिक्ति पाई हैं।अब Google के साथ स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप का एलान करते हुए अंबानी जी ने कहा, Google नई पार्टनर बनी Google 33737 करोड़ रुपए निवेश कर 7.7 प्रतिशत की हिस्सेदारी Reliance में करेगी।इस पर उन्होंने Facebook समेत सभी पैटर्न्स का स्वागत किया।

अंबानी जी का कहना है, Reliance अब भारत की डिजिटल लाइफ लाइन बन गया हैं।अभी Reliance ब्रॉडबैंड, एंटरप्राइजेज ब्राडबैंड छोटे उद्दमो के ऊपर बेहतर Connectivity बनाने के लिए काम कर रहा हैं।

Jio ने देश के लिए एक ढांचा तैयार किया है, Jio ने 5G के पूरे समाधान तैयार कर लिए हैं।इसको अगले साल तक पेश किया जाएगा।

Updates- मुकेश अम्बानी की पत्नी नीता अम्बानी ने भी किया AGM को सम्बोधित-इसमें उन्होंने Reliance Industryके द्वारा कोरोना संकट के समय मे किए जाने वाले सामाजिक कार्यों का विवरण किया।निशा अम्बानी ने बताया, उन्होंने अन्न मिशन के द्वारा देश मे 5 कऱोड से ज्यादा ग़रीब, मजदूरों,अन्य वर्करों के लिए भोजन का प्रबंध किया हैं।इसके साथ साथ उन्होंने कहा कोरोना काल के चलते पीपीई किट का भी बड़ा संकट सामने आया।इसके लिए प्रतिदिन पीपीई किट और एन95 मास्क बनें।यहां तक कि Reliance Emergency सेवा में लगी गाड़ियों में घर – घर तक ईंधन पहुँचाया हैं।

मुकेश अम्बानी के द्वारा कही गयी अनमोल बातें-

मुकेश अम्बानी ने कहा कि उनकी ग्रॉसरी बिज़नेस का मुख्य उद्देश्य किसानों को जोड़ना और नई नई चीजों को घर तक पहुचाना है , इससे किसानों को आय में काफी वर्द्धि होगी।
lockdown के दौरान Relianceने वैश्विक बाजारों में काफी लाभ उठाया , मात्र 14 दिनों में ईंधन , पट्रोल का निर्यात 2.5 फीसदी बढ़ा लिया।साथ ही अम्बानी जी ने भारत का पहला ब्यूटायल रबड़ प्लांट शुरू किया हैं,जिससे भारत दुनिया के 10 शिर्ष उत्पादकों में आएगा।जो अपने आप मे बहुत गर्व की बात हैं।

आगे निशा अम्बानी ने कहा कि हम “reliance और jio” को बड़े पैमाने पर ले जाना चाहते है।इसके मुख्य स्तम्भ है- jio meet plateform 4G Mobile Network Jio Fiber Broadbandjio health hub

Jio TV में क्या है ख़ास ?

Jio TV के बारे में जानकारी देते हुए अंबानी ने इसके काफी फ़ीचर्स पर चर्चा की हैं।जिओ फ़ाइबर के जरिये Tv चैनल्स को इंटरैक्टिव और Tv में टू-वे कम्युनिकेशन को अहमियत दी गई हैं।

jio meet कैसे है teacher, students के लिए लाभदायक-

इस app में अध्यापकों का एक्सपीरियंस अद्भुत होगा।इस से शिक्षा सम्बंधित कोई परेशानी नही होगी, बच्चे बहुत अच्छे से सब समझ पाएंगे।Online class के माध्यम से बच्चों की 30फीसदी से ज्यादा परेशानी को खत्म करने में मदद मिलेंगी।

22 april से 12 July 2020 तक कुल 25.24 फीसदी की हिस्सेदारी बेचकर कंपनी को 1,18,318.45 करोड़ रुपये का निवेश मिला है। इसके अतिरिक्त कंपनी ने राइट्स इश्यू जारी कर 53,124 करोड़ रुपये भी जुटाए हैं। अलग-अलग Plateforms के जरिए रिलायंस के एक लाख से अधिक शेयरधारक इस बैठक में शामिल होंगे।

रक्षा मंत्रालय से सैनिकों के लिए अच्छी खबर 

रक्षा मंत्रालय ने 10 साल से कम सेवा देने वाले सैनिकों को दिव्यांगता पेंशन देने की अनुमति दी है। वैसे आमतौर पर 10 साल से कम सेवा वाले सैनिक इस पेंशन के पात्र नहीं होते।

हाल ही में बुधवार को रक्षा मंत्रालय ने कहा कि अभी तक यह पेंशन केवल उन जवानों को दी जाती थी। जिन्होंने 10 साल से अधिक की सेवा दी और जो किसी कारण से दिव्यांग हुए या सैन्य सेवा के लिए संबद्ध नहीं है। 

अभी तक यह था कि अगर दिव्यांग होने के समय यदि किसी सैनिक की सेवा 10 साल से कम होती थी। तो उसको केवल दिव्यांगता ग्रेजुएटी का ही भुगतान दिया जाता था।

आपकी जानकारी के लिए बता दें मोदी सरकार  सैनिकों व उनके परिवारों के लिए विभिन्न कदम उठा रही है। हाल ही में रक्षा मंत्रालय ने पूर्व सैनिकों व उनके परिवारों को  Health Care देने के लिए कदम उठाए हैं। एक्स सर्विसमैन कंट्रीब्यूटरी हेल्थ स्कीम के तहत पूर्व सैनिकों को 25 साल और उस से अधिक आयु के अविवाहित और दिव्यांगों को मदद देने का फैसला लिया है। 

इस योजना के तहत परिवार के एक कोरोना मरीज को आक्सीजन देने का खर्च उठाने का भी ऐलान किया है।

 इस प्रस्ताव को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को मंजूरी दे दी है। इस फैसले का लाभ उन सभी जवानों को मिलेगा जो 4 जनवरी 2019 या उसके बाद सेवा में है।

आखिरकार क्यों दिया SIT ने बरगाड़ी बेअदबी कांड में यह निर्णय?

गौरतलब है कि वर्ष 2015 में फरीदकोट के बरगाड़ी क्षेत्र के बुर्ज जवाहर सिंह वाला गांव में ‘पूज्य श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी’ की बेअदबी का मामला सामने आया था। इस मामले की जांच CBI द्वारा की गई। CBI द्वारा इस केस में तीन मुख्य आरोपियों महेंद्र पाल बिट्टू, शक्ति सिंह, सुखजिंदर सिंह सन्नी के बारे में जांच की गई।

CBI ने जांच में इन तीनों को बेगुनाह पाया। उसके बाद कोर्ट में क्लोजर भी जमा करवा दिया गया। जिस पर CBI कोर्ट का फैसला आना अभी बाकी है। परंतु बड़े सवाल उस समय खड़े हो गए। जब SIT ने अपने 2 दिन की जांच में डेरा सच्चा सौदा के श्रद्धालुओं को दोषी करार कर दिया।
आइए आगे जानते हैं इस केस से जुड़े हर तथ्य के बारे में। हम आपको सभी पक्षों के बारे में अवगत कराने जा रहे हैं।

किन तथ्यों पर सीबीआई ने लिया अपना फैसला?सीबीआई 5 सालों से इस केस की जांच में जुटी हैं। पंजाब पुलिस से प्रोडक्शन वारंट लेने के बाद तीनों आरोपियों की सभी वैज्ञानिक जांच करवाई गई। जिसमें Fingure Print Test, Lie Detecter, Brain Mapping, Polygraph Test करवाए गए। तीनों आरोपियों के साथ गुरुद्वारे के ग्रंथि के भी यही टेस्ट करवाए।

सीबीआई ने इस कांड में प्रयोग हुई गाड़ियों की खरीद संबंधी भी पूरी जांच की।बेअदबी के पोस्टर पर लिखी Handwriting को भी मैच किया गया।

इस सब के पश्चात सीबीआई ने डेरा सच्चा सौदा के श्रद्धालुओं को बेगुनाह पाया। 

SIT क्यों घिर गई सवालों के घेरे में?SIT पर आरोप है कि कोई भी जांच वैज्ञानिक तरीके से नहीं की गई। SIT ने गाड़ियों को सिर्फ कब्जे में लिया। गाड़ियों से जुड़े तथ्यों की कोई जांच नहीं की। पोस्टर पर लिखी राइटिंग को भी मैच नहीं किया।  ना ही फिंगरप्रिंट्स को मैच करवाया।

परंतु अब बड़ा सवाल यह है के SIT का मकसद क्या हो सकता है।

क्या कहना है डेरा सच्चा सौदा के वकील का इस केस के बारे में?

वकील केवल बरार और विवेक कुमार का कहना है की डेरा श्रद्धालुओं को बेवजह फंसाया जा रहा है।CBI ने जिन आरोपियों को बेगुनाह करार करके जमानत दे दी। SIT द्वारा किसी विशेष मकसद से उन्हें दोषी बनाया गया है। हमारे देश के कानून में कोई भी दो एजेंसी एक ही समय पर किसी केस की जांच नहीं कर सकती। तो CBI की जांच के चलते SIT के पास जांच का कोई अधिकार नहीं था। CBI ने संत गुरमीत राम रहीम सिंह जी इंसा का इस केस से कोई जुड़ाव नहीं पाया। एसआईटी द्वारा डेरा मुखी को भी इसमें शामिल कर दिया गया।

डेरा सच्चा सौदा पंजाब कमेटी के मेंबर हरचरण सिंह ने एसआईटी की मंशा पर शक जाहिर किया। पर साथ ही साथ उन्होंने कहा कि देश की माननीय अदालत पर उन्हें पूरा भरोसा है। उनका कहना है कि डेरा सच्चा सौदा में सभी धर्मो का आदर करना सिखाया जाता है। हम श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बहुत इज्जत करते है।

पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय एयरलाइन्स (PIA) पर अमेरिका के परिवहन विभाग ने अमेरिका से आने वाली चार्टर फ्लाइट पर रोक लगा दी हैं।इस फ़ैसले ने पाकिस्तान पायलटों के सर्टिफिकेट और योग्यता पर FAA(फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन) की चिंता जतायी गयी हैं।इस से पिछले महीनें भी काफी पायलटों को फ़र्ज़ी सर्टिफिकेट की वजह से सस्पेंड कर दिया गया था।

फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर हुई थी नियुक्ति

करीब 6 महीने पहले योरोपियन यूनियन एविएशन सेफ्टी एजेन्सी ने PIA के ऑथराइजेशन को सस्पेंड कर दिया था।PIA का कहना है, एयरलाइन्स को लेकर जिस सुधार की जरूरत होगी वो हम जरूर करेंगे।

मई में पाकिस्तान विमान जेट की दुर्घटना से 97 लोग मौत के घाट उतर गए थे।इस हादसें के पीछे भी फ़र्जी सर्टिफिकेट का मामला सामने आया।

big question posed on Pakistani pilots - Exclusive Samachar

वियतनाम से भी हटाये गए थे पाकिस्तानी पायलेट

पिछले जून को वियतनाम के विमानन प्रधिकरण से यह बात सामने आई थी कि उन्होंने स्थायी एयरलाइन्स में काम कर रहे सभी पाकिस्तानी पाइलेट्स को हटा दिया हैं।

जानिए कहा-कहा पाकिस्तानी पायलटों को हटाने पर चर्चा की जा रही हैं

सुनने में आया है, आज काफी जगह से पाकिस्तानी पायलटों को उनकी फ़र्ज़ी सर्टिफिकेट के कारण उनको हटाने पर चर्चा की जा रही हैं।खाड़ी देशों, कुवैत, क़तर, यूएई,ओमान इत्यादि देशों में पाकिस्तानी पायलेट्स को हटाने की चर्चाएं की जा रही हैं।

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पाकिस्तानी पायलेट्स को आख़िर क्यों बैन करने लगे है देश

पाकिस्तानी एयरलाइन्स पायलटों के लाइसेंस में काफी अनमियताएँ पाई गई हैं। जो “सेफ़्टी रूम के लिए एक   गम्भीर चूक हैं”।

गुलाम सरवर खान ने अपनी जांच में पाया कि 860 में से 260 से ज्यादा पायलटों के पास फ़र्जी लाइसेंस और परीक्षा में धोखेबाजी की गई हैं।बाद में यह साफ भी हो गया कि बहुत ज्यादा पायलेट्स फर्जी लाइसेंस का प्रयोग कर रहे हैं।फ़र्जी सर्टिफिकेट की सहायता से नियुक्त हुए इन पायलेट्स को आज सब बैन कर रहे हैं।

आइए जानते हैं कुछ ऐसी दिखती है चांद से पृथ्वी

पृथ्वी चांद से कितनी सुंदर दिखती है इस बात का अंदाजा आप इन दिनों में वायरल हो रही तस्वीरों से लगा सकते हैं।

अभी हाल ही में अपोलो 11 चालक दल के सदस्य बज एल्ड्रिन ने अपने ट्विटर हैंडल से एक फोटो शेयर की। इसके साथ ही उन्होंने ट्विटर कैप्शन में लिखा कि यह दृश्य कभी भी पुराना नहीं हो सकता है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बज एल्ड्रिन चंद्रमा पर उतरने वाले दूसरे व्यक्ति थे और जैसा की आप जानते ही होंगे कि अपोलो 11 सबसे पहला अंतरिक्ष यान था। जो चंद्रमा पर उतरा था। और नील आर्मस्ट्रांग पहले व्यक्ति थे जिन्होंने सबसे पहले चंद्रमा पर अपने कदम रखे थे। वही Buzz Aldrin जो कि नील आर्मस्ट्रांग के क्रू मेंबर में पायलट थे।  Buzz Aldrin ऐसे दूसरे व्यक्ति थे जिन्होंने चंद्रमा पर अपने कदम रखे।

Buzz Aldrin shared a photo taken from space - exclusive samachar

कुछ विशेष 

आपको बता दें, उनके साथ एक अन्य यात्री और थे। जिनका नाम माइकल कॉलिन्स था।
 इन्होंने चंद्रमा के चारों ओर अपोलो 11  Command Module Columbia से उड़ान भरी थी। NASA  (National Aeronautics and Space Administration) की वेबसाइट के हिसाब से चंद्रमा से पृथ्वी की यह तस्वीर अपोलो 11 अंतरिक्ष  यान द्वारा 20 जुलाई 1969 को ली गई थी। चांद का यह भाग स्मिथ के सागर के पास के क्षेत्र में है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें, कि जब से यह फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। तभी से इसके लाइक्स लगातार बढ़ते जा रहे हैं, और अब तक इस तस्वीर पर 13  हजार से ज्यादा लाइक आ चुके हैं। इसके साथ ही इस तस्वीर पर कुछ दिलचस्प कमेंट भी आ चुके हैं। एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा कि चंद्रमा पर चलते समय आप ने सबसे पहले क्या किया। वहीं दूसरे ने लिखा कि मैं कल्पना भी नहीं कर सकता कि पृथ्वी इतनी सुंदर दिखती है।

Buzz Aldrin - Exclusive Samachar

आपको बता दें कि पिछले साल Dr Buzz Aldrin ने अपनी यात्रा के क्षणों को याद करते हुए कहा था, कि वे और उनके चालक दल के सदस्य अपने कामों में इतने व्यस्त थे कि वे सभी इस बात से विचलित हो गए कि यह नजारा कितना खूबसूरत था। क्योंकि पृथ्वी पर मौजूद करोड़ों लोग इसको देख नहीं पा रहे थे। यह सब लाइव टेलीविजन पर देखा जा रहा था।

Buzz Aldrin ने लॉस एंजिल्स के बाहर रोनाल्ड रीगन लाइब्रेरी में 50वीं वर्षगांठ के दौरान यह कहा कि जब हम चाँद पर थे तो ऐसा लगा कि दुनिया एक साथ करीब आ रही थी। कभी-कभी मुझे लगता है कि हम तीनों बड़ी घटनाओ से चूक गए हैं।

विश्व जनसंख्या दिवस- हर वर्ष 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस के रूप में मनाया जाता है।

इसकी शुरुआत कब हुई

इस दिन की शुरुआत संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) की संचालित परिषद द्वारा पहली बार 1989 में हुई।  जब विश्व की आबादी का आंकड़ा 5 अरब के पास पहुंच गया। संयुक्त राष्ट्र की गवर्निंग काउंसिल के फैसले के अनुसार साल 1989 में विकास कार्यक्रम में विश्व स्तर पर समुदाय की सिफारिश के द्वारा यह तय किया गया कि हर वर्ष 11 जुलाई को ‘विश्व जनसंख्या दिवस’ के रुप में मनाया जाएगा ।

इस दिवस को मनाने का उद्देश्य 

इस दिवस का जरूरी और सबसे अहम उद्देश्य दुनिया भर में बढ़ रही आबादी को नियंत्रित करने के लिए लोगों को जागरूक करना है।इस दिन को मनाने के पीछे का उद्देश्य विश्व में हर 2 सेकेंड में बढ़ रही आबादी के मुद्दे पर लोगों को जागरुक करना है। इस दिन नेशनल इंटरनेशनल लेवल पर कई कार्यक्रम किए जाते हैं। जिसमें सोशल मीडिया, विभिन्न कार्यक्रमों व सभाओं का आयोजन किया जाता है। रैलियां निकाली जाती है, रोड शो होते हैं।इसका उद्देश्य लोगों को जागरुक करना है।

इस बार विश्व जनसंख्या दिवस 2020 की थीम 

इस साल की थीम विशेष रूप से कोविड-19 महामारी के समय में विश्व भर में लड़कियों और महिलाओं के स्वास्थ्य अधिकारों की सुरक्षा पर आधारित है। हाल ही में यूएनएफपीए के एक शोध में पाया गया, अगर लॉकडाउन छह माह तक रहता है, और स्वास्थ्य सेवाओं में कमी होती है। तो कम और मध्यम आय वाले देशों में 47 मिलियन महिलाओं को आधुनिक गर्भ निरोधक दवाएं नहीं मिल पाएगी।

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विश्व की जनसंख्या 

वर्ष 1950 में जहां विश्व की आबादी 250 करोड़ थी। आज वह वर्तमान समय में यानी 2020 में 777 करोड़ को पार कर चुकी है। जो हर सेकंड बढ़ती ही जा रही है। इस बढ़ती आबादी में सबसे पहला स्थान चीन का है। जबकि भारत विश्व में दूसरे नंबर पर है। भारत में विश्व के कुल 17.9% लोग रहते हैं। विश्व में भारत के पड़ोसी देश चाइना के अलावा अधिक आबादी में पाकिस्तान पांचवे स्थान पर व बांग्लादेश आठवें स्थान पर है।

भारत की वर्तमान जनसंख्या 137 करोड़ से भी अधिक है। जो लगातार बढ़ रही है।

विश्व में बढ़ती जनसंख्या के कारण 

1. शिक्षा की कमी 

अक्सर शिक्षा के अभाव के कारण लोग छोटे परिवार के महत्व को नहीं जानते। इस कारण अज्ञानतावश निरंतर संतानोत्पत्ति होती रहती है।

2. कम आयु में विवाह 

ग्रामीण तथा अशिक्षित परिवारों में आज भी बाल विवाह की प्रथा प्रचलित है। कानूनी प्रतिबंधों के बावजूद भी कम आयु में ही अनेक विवाह संपन्न हो जाते हैं। जिनके कारण कम आयु में ही दंपती संतान उत्पन्न करने लगती है।

3. सामाजिक रीति-रिवाज

 हमारे समाज में लोगो के घरो में  पुत्र का जन्म आवश्यक माना जाता है। लोगों का मानना है कि वंश का नाम पुत्र से ही चलता है। अंतः पुत्र प्राप्ति की कामना को लेकर लोग अनचाहे ही संतानें पैदा करते रहते हैं। जो जनसंख्या वृद्धि का कारण बनती है।

4. मृत्यु दर में कमी

 आधुनिक चिकित्सा, सुविधा के फल स्वरुप मृत्यु दर में कमी आई है। महामारी कुपोषण के कारण होने वाली मृत्यु दर बहुत कम हो गई है। यह सब स्वास्थ्य सुधार के कारण संभव हो पाया है। जिस से जनसंख्या वृद्धि बढ़ रही है।

5. गरीबी 

हमारे देश की जनता का रहन-सहन निम्न स्तर का है। वह इस बात से में विश्वास रखते हैं, कि जितने अधिक बच्चे होंगे में काम करके अधिक पैसा कमाएंगे।

जनसंख्या वृद्धि से होने वाले नुकसान 

1. खाद्य सामग्री की समस्या

 देश की जनसंख्या में लगातार वृद्धि होने के कारण खाद्य पदार्थों की कमी होती जा रही है और इसका अभाव होने के होने से बच्चों का शारीरिक विकास नहीं हो पाता, पोषण की कमी होती है, और खाद्य सामग्री के अभाव के कारण महंगाई बढ़ रही है।

2. शिक्षा की समस्या 

जनसंख्या वृद्धि के कारण बहुत से बच्चे विद्यालय में प्रवेश नहीं कर पाते। वे शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। इससे बच्चों का शारीरिक व मानसिक विकास नहीं हो पाता।

create awareness on over population - Exclusive Samachar

3. रोजगार की समस्या 

बढ़ती जनसंख्या के कारण रोजगार के साधन नहीं बढ़ पाते इसके कारण देश भर में बेरोजगारी तेजी से बढ़ती है। 

4. आवास की कमी

 जनसंख्या वृद्धि के कारणअधिकांश लोग गंदे व प्रकाश हीन घरों और झोपड़ियों में रहते हैं।उन्हें खाना नहीं मिलने के कारण कुपोषण का शिकार भी होना पड़ता है। बहुत से लोग सड़क के किनारों पर ही रहते हैं।

5. चिकित्सा व्यवस्था की समस्या

लगातार बढ़ती जनसंख्या के कारण अस्पतालों में अधिक भीड़ रहती है। रोगियों की देखभाल सही तरीके से नहीं हो पाती।

6. प्रदूषण 

जनसंख्या वृद्धि के कारण जल,वायु और मृदा प्रदूषण भी बढ़ रहा है।

7. संक्रामक रोग 

जनसंख्या वृद्धि के कारण संक्रामक रोग बढ़ रहे हैं। जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलते हैं।

8. कृषि भूमि का  बटवारा 

परिवार में वृद्धि होने से कृषि पर अधिक भार पड़ता है और परिवार का बंटवारा होने से भूमि को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांट दिया जाता है। जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति खराब होती है।

जनसंख्या वृद्धि को नियंत्रित करने के सुझाव

1. कानून व्यवस्था 

भारत में जनसंख्या वृद्धि को रोकने के लिए संविधान में कठोर कानूनी व्यवस्था होनी चाहिए। सरकार ने विवाह योग्य लड़की की आयु 18 वर्ष की आयु और लड़क की आयु 21 वर्ष निर्धारित की है। लेकिन इस कानून का भी कठोरता से पालन नहीं हो पा रहा है।

2. उचित शिक्षा व्यवस्था 

 जनसंख्या वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए उचित शिक्षा व्यवस्था अति जरूरी है। शिक्षा के माध्यम से ही परिवार को सीमित रखने की प्रेरणा दी जा सकती है।

3. सीमित परिवार 

भारत वर्ष में लगभग  10 करोड परिवार ऐसे हैं जिनकी वैवाहिक आयु निर्धारित आयु से कम है। इन्हें शिक्षित करके परिवार को सीमित रखने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

4. परिवार कल्याण संबंधी कार्यक्रमों में रुचि

परिवार को सीमित रखने के लिए सरकार द्वारा ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना चाहिए। जिनसे लोगों को प्रोत्साहन मिल सके और वे परिवार कल्याण कार्यक्रमों में रुचि ले।

5. आर्थिक सुधार

 उचित रोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर व्यक्ति के आर्थिक स्तर में सुधार लाया जा सकता है।

विकास दुबे एनकाउंटर में ढ़ेर

गैंगस्टर विकास दुबे को उज्जैन से किया था गिरफ्तार-विकास दुबे को मध्यप्रदेश के उज्जैन के महाकाल मंदिर में गिरफ्तार किया गया।विकास मन्दिर में दर्शनों के लिए आया था, पुलिस को जब इस का पता लगा तो उन्होंने कट्रोल रूम को सूचना दी और विकास को गिरफ्तार किया गया।गिरफ्तारी के पश्चात पुलिस ने काफी पूछताछ विकास के साथ की और अनेक बड़े खुलासे भी हुए।विकास दुबे ने कहा, वह पुलिसकर्मियों के शवों को जलाना चाहता था।इसके लिए उसने शवों को एक जगह रख कर तेल का प्रबंध भी कर लिया था।इसके साथ उसने पुलिस के सम्पर्क में होने की बात भी कही हैं।

विकास दुबे एनकाउंटर में ढ़ेर-बताया जा रहा है कि कानपुर टोल नाके से 25 km दूर पुलिस की कार पलट गई। इसके दौरान विकास दुबे ने हथियार छीन के भागने की कोशिस की ।बताया जा रहा है इस एनकाउंटर में पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।अधिकारी घटना स्थल का मुआयना कर रहे हैं।खबरों की माने तो सीने में गोली लग जाने के कारण विकास जख्मी हुआ था।विकास दुबे को तीन गोलियां लगी,  फिर उन्हें अस्पताल ले जाया गया और इलाज के दौरान मरा हुआ घोषित कर दिया गया।इस से जुड़े पूरे मामले को लेकर आज UP Police प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी देंगी।ASP Anil Kumar ने विकास के मारे जाने की पुष्टि की हैं।

STF के भी दो जवान हुए घायल

एनकाउंटर में STF के दो जवान भी घायल हुए है, जिनका इलाज जारी हैं।सुनने में आ रहा है कि तेज हवा और बारिश की वजह से गाड़ी पलट गई और STF जवान घायल हो गए।

आइये जानते  है आखिर कोंन था विकास दुबे

साल 2001 में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री सन्तोष शुक्ला हत्याकांड का आरोपी विकास दुबे था।
साल 2000 में कानपुर के शिवली थानाछेत्र स्थित ताराचंद इंटर कॉलेज के प्रबंधन सिद्धहेछर पांडे हत्याकांड में आरोपी भी विकास दुबे था।इसी स्थान पर सन्न 2000 में रामबाबू यादव के ख़िलाफ़ जेल में रहते हए विकास दुबे ने साज़िस रची।

साल 2004 में केबिल व्यवसायी दिनेश दुबे के हत्याकांड का आरोपी विकास दुबे था।
साल 2001 में कानपुर देहात के शिवली थाने में घुसकर इंस्पेक्टर रूम में बैठें संविदा बोर्ड के चैयरमैन, राजमंत्री संतोष शुक्ल की विकास दुबे ने गोलियों से भून के हत्या कर दी थी।

बिहार के DGP गुप्तेश्वर पांडे ने कहा – ऐसे अपराधियो का कोई धर्म,कर्म नहीं होता, इसको ताकत जनसमुदाय से मिलती हैं।अगर वो मिलना बंद हो जाए तो देश से ऐसे लोग ब खत्म हो जाएंगे।

कानपुर मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने कहा-इनको क्या लगता है महाकाल की शरण मे जाने से इनके सारे पाप धुल जाएँगे!यह हमारी सरकार है जो किसी भी अपराधी को बख्शने वाली नहीं है।

आ गया है Zoom – JioMeet से भी बेहतर Video Call App

जी हां, हाल ही में जयपुर की एक कंपनी ने 2000 लोगों की Online Video Call का app बनाया हैं।

इससे पहले बाजार में Zoom Calling Zoom App मौजूद था और Reliance Jio की तरफ से Video Calling App JioMeet Launch की गई।अब जयपुर की कंपनी ने Video Call App VideoMeet बनाकर Zoom App & Jio Meet App को टक्कर दी हैं।

जयपुर की इस कंपनी का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत का आह्वान किया, इसी बात की गहराई को देखते हुए यह app लांच की गई हैं।इस app के जरिये राजनीतिक रैली भी की जा सकती हैं।

Zoom & Jiomeet से बेहतर Videomeet  कैसे -अगर हम zoom app की बात करें तो Zoom app फ्री वर्जन में 100 लोग 1 साथ मीटिंग कर सकते है और zoom app paid वर्जन में 1000 लोग zoom online meeting कर सकते हैं।दूसरी ओर Jiomeet Free वर्जन पर 100 लोग online मीटिंग कर सकते हैं और इसके paid वर्जन के बारे में अभी कोई घोषणा नहीं की गई हैं।लेकिन Video meet में लोगो के ऑनलाइन भाग लेने को लेकर कोई लिमिट नहीं हैं।

Video Call Video Meet से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें

जयपुर की सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी डेटा इंजेनियस ग्लोबल ने Video Call App VideoMeet बनाया हैं। इस कंपनी का दावा है कि इस app के जरिये 1 साथ 2000 लोग online बैठक कर सकते हैं। इस app के ज़रिए एक सत्र में लोगो के Online भाग लेने को लेकर कोई सीमा नहीं हैं।यह बाकी सभी video apps से बेहतर हैं। Company के संस्थापक अजय दत्त का कहना है कि इस app में लोगों के online भाग लेने की कोई सीमा नहीं हैं, क्योंकि यह “बैंडविड्थ” और “होस्टिंग” की उपलब्ध सुविधा पर निर्भर करेगा।

हरियाणा के इस गांव में ऐसा क्या खास है? जो पीएम मोदी इसकी तारीफ करते नहीं थकते!

गांव का असली सच

speciality of this village in Haryana - Exclusive Samachar

 जिनके हौसले बुलंद होते हैं, सफलता उनके कदम चूमती है।ऐसा ही कर दिखाया है, पलवल जिले के भिडूकी गांव की ग्राम पंचायत ने। पलवल जिले की सबसे बड़ी पंचायतो में शामिल गाँव भिडूकी आजकल प्रदेश भर में अपनी पहचान बना रहा है।

जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए पलवल जिले के गांव भिडूकी की पंचायत की तारीफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने मन की बात कार्यक्रम में की।इसको ट्विटर पर भी शेयर किया गया। यह गांव आज के समय में  सुविधाओं के मामले में आज शहरो को भी पीछे छोड़ रहा है। इस गांव में 2.5 एकड़ जगह में श्री सिद्ध बाबा खेल परिसर, open Jim, वीर अभिमन्यु डिजीटल लाइब्रेरी, बच्चों के लिए मनोरंजन पार्क,  CCTV camera  से युक्त चौपाल इस गांव के विकास की गाथा को ब्यान करती है। 

गांव की पंचायत ने उठाये बड़े कदम

ग्राम पंचायत भिडुकी ने जोहड़ के ओवरफ्लो पानी से खेतों की सिंचाई करने की योजना तैयार की है। योजना के अनुसार करीब 2 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन डालकर जोहड़ के पानी को नालो तक पहुंचाया जाएगा और ओवरफ्लो होने वाले जोहड़ के पानी को खेतों में सिंचाई के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।

पंचायत की इस पहल की तारीफ ग्रामीण तो कर ही रहे हैं। साथ ही साथ पूरे देश में भी इसकी चर्चा हो रही है।

The village panchayat took big steps - Exclusive Samachar

Water Harvesting System  लगाकर जल संरक्षण की दिशा में उल्लेखनीय पहल कर चुकी पलवल के गांव की पंचायत ने जोहड़ के ओवरफ्लो होने वाले पानी से सिंचाई के लिए इस्तेमाल करने की योजना की है। जोहड़ के पानी को अब सिवर लाइन के जरिए खेतों तक पहुंचाया जाएगा। इसके लिए जोहड़ का वाटर लेवल तय किया जाएगा। तथा उसके ऊपर पहुंचने वाला पानी करीब 2 किलोमीटर लंबी लाइन में प्रवेश करेगा। वहां से पानी साफ होकर खेतों तक पहुंचेगा। इस से जुहड़ का पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों पर नहीं आएगा। वहीं सिंचाई के लिए भी अतिरिक्त व्यवस्था हो जाएगी।

भिडूकी गाँव के सरपंच 

भिडूकी गांव के सरपंच सत्य देव गौतम ने फरीदाबाद में रहकर B.Tech और MBA  किया है। लाखों रुपए की नौकरी को छोड़ कर गांव के सरपंच बने और गांव की तस्वीर बदलने में लगे हुए हैं।
सत्यदेव गौतम ने बताया कि भिडुकी में वैसे तो सिंचाई के लिए नहर के पानी की व्यवस्था है। लेकिन इसके बावजूद पंचायत जल संरक्षण की दिशा में अनुकरणीय पहल करती रहती है।

जो जोहड़ के ओवरफ्लो पानी तथा घरों से निकलने वाले पानी के संरक्षण की योजना के तहत सिविल लाइन डाली जा रही है। जोहड़ से सिंचाई वाले नाले तक करीब 2 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन में जल शोधन की योजना तैयार की गई है। सीवर लाइन में करीब हर 300 फुट की दूरी पर 15 मैनहोल बनाए गए हैं। जिनमें से पानी साफ होकर आगे जाएगा।अगर किसी किसान को अपने खेतों में सिंचाई करनी होगी तो वह मैनहोल में पाइप डाल कर खेत तक अपना पानी ले जा सकता है। अन्यथा सारा पानी सिंचाई के लिए नाले में इकट्ठा हो जाएगा। 

Sarpanch of bhiduki village - Exclusive Samachar

सत्यदेव का कहना है कि दिन प्रतिदिन  जल का स्तर नीचे जा रहा है। तो ऐसे में हमें  जल संरक्षण को बढ़ावा देने की जरूरत है। उनका कहना है कि हमारे गाँव में 4 जोहड़ हैं और एक लेवल के बाद उनके ओवरफ्लो पानी को सीवर लाइन के माध्यम से सिंचाई के लिए इस्तेमाल में ला सकते हैं। ऐसा करने से जल स्तर भी ऊंचा होगा।और जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।

इसके साथ-साथ गांव में 3 जगहों पर – सरकारी स्कूल – स्वास्थ्य केंद्र – बस्ती (छोटी कॉलोनी) वहाँ पानी को निकालने की समस्या थी। इसलिए वहां पर ग्राम पंचायत द्वारा Rain Water Harvesting System  लगाया गया है। जिसमें सारी कॉलोनी का पानी, स्कूल का व स्वास्थ्य केंद्र का पानी अलग-अलग  जो multiple manhole system है।  जिसमें तीन Manhole बनाए गए हैं। 1.  Heavy impurities  को रोकने के लिए। 2. Filtration Tank है। जिसमे कंकरीट  (stone) डाले गए हैं, जो पानी साफ करते हैं3. 10 इंच का बोर जो 100 से 120 फुट गहरा है। तो पानी आता है। साफ होने के बाद जमीन में चला जाता है। जिसके दो फायदे हैं। 1 जल स्तर बढ़ रहा है। 2.जो अनुभव किया गया।वो  TDS Value है यानी पानी का खारापन इसमे सुधार हुआ है।

jinke hosle buland hote hai safalta unke kadam chumti hai

गाँव के लोगों ने कहा

हमारे गाँव की ग्राम पंचायत ने जो   जल संरक्षण को बढ़ावा देने की पहल की है, वो क़ाबिले तारिफ हैं।  इस से जल स्तर तो बढ़ेगा ही साथ ही  खेती करने में भी मदद मिलेगी। आज हमारे लिए यह गौरव की बात है कि प्रदेश भर में व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी तक हमारे गाँव के चर्चे हो रहे हैं।नंबरदार वीरेंद्र का कहना है – उन्होंने कहा कि हमारे गाँव भिडूकी की ग्राम पंचायत से अन्य ग्राम पंचायतों को भी प्रेरणा लेनी चाहिए। हमारे गाँव में digital library होने से गाँव के बच्चों की समस्याएं भी दूर हो गई है। बच्चों को अपने सपने साकार में यह लाइब्रेरी बहुत सहायक होगी।

स्थानीय निवासी

ग्राम पंचायत के सदस्यों व गांव के सहयोग से गांव में काफी कार्य किए गए हैं। लेकिन अभी कुछ कार्य करना बाकी है।  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की नजर अब हमारी गाँव पर आई है, तो जिम्मेदारी और भी ज्यादा बढ़ गई है। आने वाले समय में इस गांव में वह हर सुविधा होगी जो  NCR के बड़े शहरों में हैं।