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सुशांत सिंह राजपूत को आखिरी फिल्म के जरिए दी जाएगी श्रद्धांजलि|

दोस्तों आपको बता दें कि ‘दिल बेचारा’ फिल्म का ट्रेलर आखिरकार यूट्यूब पर रिलीज कर दिया गया है। जिसका फैंस को बेसब्री से इंतजार था। यूट्यूब पर इस ट्रेलर ने धूम मचाई हुई है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सुशांत सिंह राजपूत इस फिल्म में संजना सांघी के साथ नजर आएंगे।24 जुलाई को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज की जाएगी।सुशांत सिंह राजपूत की आखिरी फिल्म है ‘दिल बेचारा’|

dil bechara trailer - Exclusive Samachar

14 जून, 2020 को सुशांत सिंह राजपूत अपने मुंबई वाले घर में मृत पाए गए थे। तभी से उनके फैंस उनको परदे पर देखने के लिए पूरी तरह बेताब थे। इसी वजह से ‘दिल बेचारा’ फिल्म का ट्रेलर यूट्यूब पर रिलीज कर दिया गया है। जिसमें सुशांत एक जांबाज व्यक्ति के रोल में नजर आ रहे हैं। जो जिंदगी में अपने हर क्षण को खुशी से जीना चाहते हैं। ‘दिल बेचारा’ फिल्म 24 जुलाई, 2020 को ओटीटी प्लेटफार्म हॉटस्टार डिज़्नी पर रिलीज होगी। सुशांत सिंह राजपूत को श्रद्धांजलि देने के लिए यह फिल्म सबके लिए उपलब्ध होगी भले ही सब्सक्रिप्शन हो या ना हो। यह फिल्म “द फॉल्ट इन आउर स्टार्स” उपन्यास पर आधारित है जो के “जॉन ग्रीन” द्वारा लिखित है। यह फिल्म दो कैंसर पेशेंट्स की जिंदगी पर आधारित है। फैंस में इस फिल्म के लिए उत्साह बहुत ही जबरदस्त है।

story is based on "fault in our stars" - Exclusive Samachar

अगर बात करें सुशांत सिंह राजपूत की तो दिल्ली से अपनी पढ़ाई अधूरी छोड़कर 2002 में मुंबई आ गए थे। ज़ी टीवी के शो ‘पवित्र रिश्ता’ से उन्हें खूब लोकप्रियता मिली. उसके बाद उन्होंने बड़े पर्दे पर अपना जादू बिखेरा। लोगों ने उनके अभिनय को खूब सराहा। सुशांत ने Kai Po Che, एम एस धोनी- द अनटोल्ड स्टोरी, केदारनाथ, शुद्ध देसी रोमांस, राब्ता, सोनचिड़िया आदि कई हिट फिल्में दी। उनकी आखिरी फिल्म ड्राइव को नेट फिक्स पर ही रिलीज कर दिया गया था।

गुरु के प्रति आदर-सम्मान और अपनी कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए यह विशेष पर्व गुरु पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है। भारत में, गुरु पूर्णिमा हमेशा गुरु-शिष्य परम्परा या शिक्षकों और उनके छात्रों के बीच के अनोखे संबंधों के लिए बहुत खास दिन रहा है। आइए जानते हैं कि 2020 में Guru Purnima Kab Hai और इस दिन के बारे में सब कुछ।

इस वर्ष गुरु पूर्णिमा कब है?

यह पर्व हिंदू पंचांग के अनुसार आषाढ़ मास की जून-जुलाई के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस साल यह पर्व 5 जुलाई 2020 को मनाया जा रहा है। ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार हर साल गुरु पूर्णिमा जुलाई में ही आती है। इस बार यह 16 जुलाई को है।

गुरु पूर्णिमा का हमारे हिंदू धर्म में विशेष महत्व है हिंदुओं में गुरु का स्थान सर्वश्रेष्ठ है। हमारे यहां गुरुओं को भगवान से भी ऊपर का दर्जा दिया गया है। गू का अर्थ है अंधकार और उनका अर्थ है प्रकाश।

अर्थात – वह गुरु ही है जो अज्ञानता रूपी अंधकार में प्रकाश रूपी दीपक जला दें। जो हमें सही मार्ग दिखाएं। यही कारण है कि देशभर में गुरु पूर्णिमा का उत्सव बड़ी धूम-धाम से मनाया जाता है।

माना जाता है कि इस दिन तमाम ग्रंथों की रचना करने वाले महर्षि कृष्ण द्वैपायन व्यास यानी महर्षि वेदव्यास जी का जन्म हुआ था। वे संस्कृत के महान विद्वान थे।

महाभारत जैसा महाकाव्य भी इन्हीं की देन है।

सभी 18 पुराणों के रचयिता महर्षि वेदव्यास जी को माना जाता है। वेदों को विभाजित करने का श्रेय इन्हीं को दिया गया है। इसीलिए तो इनका नाम वेदव्यास पड़ा था। इनको आदिगुरु भी कहा जाता है।

इसी कारण गुरु पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। गुरु पूर्णिमा के दिन गुरु की पूजा की जाती है। इस बार गुरु पूर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse) भी है।

guru purnima kab hai - Exclusive Samachar

गुरुओं का हमारे जीवन में महत्व

Guru Purnima Ka Mahatva: इस संसार में गुरु के बिना शिष्य के जीवन का कोई अर्थ नहीं है। आदि काल से ही,अर्थात रामायण से लेकर महाभारत तक गुरुओ का स्थान ऊंचा व महत्वपूर्ण रहा है। गुरु की महत्वता को देखते हुए संत कबीर दास जी ने अपने एक दोहे में लिखा है।

गुरु गोविंद दोऊ खड़े काके लागू पाए।
बलिहारी गुरु अपने गोविंद दिए मिलाए।।

अर्थात – गुरु का स्थान भगवान से भी कहीं जाता ऊपर होता है। गुरु पूर्णिमा का यह पर्व महर्षि वेदव्यास जी के जन्म दिवस के रुप में मनाया जाता है। महर्षि वेदव्यास जी जो कि पराशर जी के पुत्र थे। इन्होने चारों वेदों को अलग-अलग खंडों में विभाजित करके उनके नाम ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अर्थ वेद रखे थे। वेदों का इस तरह खंडों में करने के कारण से ही ये वेदव्यास जी के नाम से प्रसिद्ध हुए।

गुरु पूर्णिमा की पूजा विधि

जैसा कि ऊपर भी जिक्र हुआ है, कि हमारे हिंदू धर्म में गुरुओं का दर्जा भगवान से भी बढ़कर है। गुरुओं के द्वारा ही ईश्वर की प्राप्ति की जा सकती है। तो आइए जानते हैं ऐसे में हमे अपने गुरु की पूजा किस तरह करनी चाहिए।

  • सबसे पहले गुरु पूर्णिमा के दिन जल्दी उठकर स्नान करने के बाद साफ-सुथरे वस्त्र ग्रहण करें।
  • फिर अपने गुरु की प्रतिमा या चित्र को सामने रखकर पूजा अर्चना करें।
  • इस दिन हम किसी भी ऐसे इंसान की पूजा कर सकते हैं जिसे हम अपना गुरु मानते हैं। फिर चाहे
    वह हमारे गुरु हो शिक्षक, माता-पिता, भाई-बहन या दोस्त ही क्यों ना हो।
  • इस दिन हम किसी गरीब व जरूरतमंद इंसान की मदद कर सकते हैं।
  • जैसा कि आप सभी को पता है। बाहर कोरोना चल रहा है तो ऐसे में प्रयास करें कि अपने घर में रहकर ही अपने गुरु की पूजा अर्चना करें, ध्यान व सिमरन करें।

अपने गुरु के सामने जब भी जाए तो उन्हें झुककर प्रणाम करें क्योंकि

“जो झुक गया सो पा गया।

जो तन गया सो गवा गया।।”

गुरु ऐसा हो जो लोगों के नशे छुड़वाए, बुराइयां छुड़वा कर इंसानियत का पाठ पढ़ाए, किसी जरूरतमंद व गरीब की मदद करने की प्रेरणा दे। इस कलयुग में ऐसे गुरु होना गुरु का होना बहुत जरूरी है।

आपके लिए क्या है जरूरी – प्लास्टिक बैग की सुविधा या स्वच्छ पर्यावरण?

21वीं सदी तक आते-आते इंसान ने बहुत तरक्की कर ली है। आज हमारे पास सुख-सुविधा के अनेकों साधन है। परंतु सच यह है कि इन सुविधाओं के जितने लाभ हैं उतनी ही हानियां भी है। इसी श्रेणी में से एक “प्लास्टिक बैग” है। हमें लगता है कि यह किफायती है भले ही इन से होने वाले नुकसान को हम नजरंदाज कर देते हैं।

3 जुलाई 2009 को Bag Free World’ द्वारा एक अभियान शुरू किया गया जिसका उद्देश्य पूरे विश्व में लोगों को प्लास्टिक बैग के हानिकारक प्रभावों के प्रति अवगत करवाना और प्लास्टिक बैग का प्रयोग ना करने के लिए प्रेरित करना भी रहा। 11 वर्षों से यह दिन International Plastic Bag Free Day” के रूप में हर वर्ष मनाया जाता है।

Plastic bag आज वैश्विक स्तर पर एक गंभीर चिंता का रूप धारण कर चुके हैं। आज इस लेख में हम आपको प्लास्टिक बैग से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों के बारे में बताने जा रहे हैं।

क्या आप जानते हैं

  • एक प्लास्टिक बैग को औसतन 25 मिनट ही इस्तेमाल किया जाता है।
  • एक प्लास्टिक बैग को पूरी तरह नष्ट होने में 100 से 500 वर्ष तक की अवधि लग जाती है।
  • प्रत्येक मिनट पूरे विश्व में लगभग 1 मिलियन प्लास्टिक बैग का प्रयोग किया जाता है।
  • वैश्विक स्तर पर लगभग 500 बिलियन प्लास्टिक बैग का प्रयोग प्रतिदिन होता है।
  • समुद्री कूड़े में 80% प्लास्टिक बैग ही शामिल है।

अब हम बात करेंगे प्लास्टिक बैग के कुछ हानिकारक प्रभावों के बारे में

  • पृथ्वी के लिए प्लास्टिक बैग अभिशाप की तरह सिद्ध हो रहे हैं। सबसे बड़े अफसोस की बात यह है कि यह बैग मानव निर्मित है। यह बैग जलाए जाने पर जहरीली गैस छोड़ते हैं जो मनुष्य और अन्य जीवों के लिए धीमा ज़हर सिद्ध हो रही है।
  • समुद्री जीवों के लिए यह कई प्रकार के संकट खड़े कर रहे हैं। प्लास्टिक बैग की वजह से अब तक बहुत सी समुद्री प्रजातियों का विनाश हो चुका है।
  • प्लास्टिक बैग का निर्माण बहुत ही गलत ढंग से किया गया है। क्योंकि इसका प्रयोग तो सिर्फ कुछ मिनटों के लिए किया जाता है परंतु इसका प्रभाव समाज को सैकड़ों सालों तक झेलना पड़ता है।
  • यह बैग बनाने में अन्य बैगों की तुलना काफी कम लागत आती है। परंतु पर्यावरण को इसके बदले बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ती है। यदि आज पृथ्वी से प्लास्टिक बैग को खत्म करने का बीड़ा उठाया जाए तो बहुत बड़ी लागत का भुगतान करना पड़ेगा।
  • हमारी आने वाली पीढ़ियों के साथ हम अन्याय कर रहे हैं। उनके लिए ऐसा पर्यावरण बना रहे हैं जो जहरीले पदार्थों, गैसों से भरा हुआ है। नई पीढ़ी ने प्रदूषण फैलाने में भले ही योगदान ना दिया हो परंतु इसका परिणाम उन्हें अवश्य ही भुगतना पड़ेगा।

प्रत्येक समस्या का समाधान भी अवश्य होता है। इसी तरह “International Plastic Bag Free Day”मनाने के उद्देश्य को पूरी तरह सार्थक किया जा सकता है। उसके लिए हम सबको मिलकर कुछ कदम उठाने चाहिए। प्लास्टिक के बैग का प्रयोग न करते हुए घर में बने बैग या पुन: प्रयोग किए जाने वाले बैगों का इस्तेमाल  करना चाहिए यदि आप घर में बैग बनाने के इच्छुक हैं तो इंटरनेट पर बहुत सी वीडियो उपलब्ध हैं। जिनकी मदद आप ले सकते हैं। इससे आप पर्यावरण को स्वच्छ रखने के साथ-साथ अपने स्टाइल का बैग प्रयोग करेंगे जो आपके व्यक्तित्व को दर्शाएगा।

आप खरीदारी करने जाएं तो हमेशा “Paper Bag Over Plastic Bag”का ही चुनाव करें। अगर आप एक दुकानदार हैं तो ग्राहकों से आग्रह करें कि वह घर पर बने बैग या पुन: प्रयोग होने वाले बैग ही लेकर आपकी दुकान में आए। इसी प्रकार हम सब एकजुट होकर प्लास्टिक बैग को ना कहें और अपने पर्यावरण को सुरक्षित करें।

पीएम मोदी ने पिछली बार देश को 12 मई को संबोधित किया था, आज 30 जून को फिर से PM मोदी ने देश को संबोधित किया है और कोरोना से देश के लोगों को बचाने के लिए सख्त हिदायतें दी हैं। PM मोदी का एक एक लफ्ज़ बड़ा ही महत्वपूर्ण है, जो उन्होंने आज राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा है।

PM मोदी का आज शाम 4 बजे भारत का चीन के साथ सीमा विवाद को लेकर, डिजिटल sites को लेकर , कोरोना को लेकर राष्ट्र के नाम संबोधन बड़ा ही महत्वपूर्ण रहा।

PM मोदी ने कहा कि हम कोरोना से लड़ते हुए अनलॉक-2 में प्रवेश कर रहे हैं, उन्होने ने कहा कि दूसरे देशों के साथ अगर तुलना करें तो भारत संभली हुई स्थिति में हैं । समय पर लिये गये LOCKDOWN के फैंसले ने लाखों भारतीयों की जान बचाई है। लेकिन LOCKDOWN खुलने के बाद देश के अंदर व्यक्तिगत और सामाजिक व्यवहार में लापरवाही देखने को मिल रही है। PM मोदी ने कहा पहले हम मास्क, 2 गज की दूरी और 20 सेकंड तक हाथ धोने को लेकर काफी सतर्क थे, लेकिन आज जब हमें ज्यादा सतर्क होने की जरूरत है तब हम लापरवाही बरत रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा जो भी लोग नियमों का पालन नहीं कर रहे, हमें उन्हें टोकना होगा, रोकना होगा और समझाना भी होगा।

prime minister's address to the nation - exclusive samachar

लॉकडाउन के दौरान बहुत गंभीरता से नियमों का पालन किया गया था। अब सरकारों को, स्थानीय निकाय की संस्थाओं को, देश के नागरिकों को, फिर से उसी तरह की सतर्कता दिखाने की जरूरत है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, एक देश के पीएम पर 13 हजार का जुर्माना इसलिए लग गया क्योंकि वह सार्वजनिक स्थल पर मास्क पहने बिना गए थे। भारत में भी स्थानीय प्रशासन को इसी चुस्ती से काम करना चाहिए। यह करोड़ों भारतीयों की रक्षा करने का अभियान है। भारत में गांव का प्रधान हो या देश का प्रधानमंत्री, कोई भी नियमों से ऊपर नहीं है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि lockdown के दौरान देश की सर्वोच्च प्राथमिकता यही है कि ऐसी स्थिति न आये कि किसी गरीब के घर चूल्हा न जले इसके लिए केंद्र , राज्य और सिविल सोसाइटीज़ के लोगों ने पूरा प्रयास किया कि कोई भी गरीब भाई बहन भूखा न सोए।

One Nation One Ration Card

प्रधानमंत्री ने कहा कि एक देश और एक राशन कार्ड की व्यवस्था हो रही है।प्रधानमंत्री ने कहा कि इसका लाभ उन गरीब साथियों को मिलेगा जो रोजगार के लिए अपना गांव या शहर छोड़कर कहीं और जाते हैं या किसी और राज्य में जाते हैं।

प्रधानमंत्री का नमन और अभिनंदन तथा मुफ्त अनाज मिलने का श्रेय

आज अगर गरीब भाइयों को मुफ्त में अनाज मिल रहा है तो इसका श्रेय दो वर्गों को जाता है
सबसे पहले देश के मेहनती अन्नदाता किसान और दूसरे देश के ईमानदार taxpayer।
इनके समर्पण से ही आज देश का गरीब इतने संकट की घड़ी में अपने आप को बचा पा रहा है।

अब नवंबर तक मिलेगा 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन

त्योहारों की लड़ी में क्योंकि अब 5 जुलाई को गुरु पूर्णिमा है। फिर रक्षा बंधन, 15 अगस्त, नवरात्रे, दशहरा, दीपावली, ओणम ,छठ पूजा इत्यादि त्यौहार आने वाले महीनों में आएंगे। इसलिए गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत मिलने वाले राशन को नवंबर महीने के अंत तक बढ़ा दिया गया है।

भारत की चीन को चुनैती

5 मई के बाद जिस तरह भारत और चीन के रिश्ते बिगड़े हैं उसके बाद भारत की चीन के खिलाफ यह बड़ी कार्रवाई है। इसलिए अगर इसका कनेक्शन ढूंढना चाहते हैं कि ऐसा क्यों हो रहा है तो यह गलवन घाटी को लेकर भारत और चीन के बीच जो सीमा विवाद चल रहा है उसी का नतीजा है और यह भारत की तरफ से पहली डिजिटल एयर स्ट्राइक है।

China Apps का बड़ा सच

सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69ए के तहत सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने 59 ऐप को बैन करने का निर्णय लिया है। क्योंकि प्रौद्योगिकी मंत्रालय को विभिन्न स्त्रोतों से इन एप्स को लेकर कई शिकायतें मिली है। ये चाइनीस आप एंड्रॉयड और iOS दोनों यूजर्स का डेटा चुराकर, भारत के बाहर अनधिकृत तरीके से भेजते है।

China Apps से भारत को खतरा

Chinese app भारत की सुरक्षा के लिए खतरा है। चाइनीस एप्स की प्राइवेसी को लेकर अक्सर बवाल होते रहे हैं। भारत से लेकर अमेरिका तक की खुफिया एजेंसियां लोगों को समय-समय पर चाइनीस एप्स को लेकर आगाह करती रहती है। कुछ दिन पहले भारत की खुफिया एजेंसियों ने भारत सरकार को इन एप पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। अब भारत सरकार ने 59 ऐप पर बैन लगाकर चीन के खिलाफ बहुत बड़ा आर्थिक फैसला लिया है।

list of Chinese apps banned in India - Exclusive Samachar

Chinese Apps Ban List

आइए जानते हैं इन बैन हुई एप्स के बारे में

  • TikTok
  • WeSync
  • ES File Explorer
  • Viva Video – QU Video Inc
  • Meitu
  • Vigo Video
  • New Video Status
  • DU Recorder
  • Vault- Hide
  • Cache Cleaner DU App studio
  • DU Cleaner
  • DU Browser
  • Hago Play With New Friends
  • Clash of Kings
  • DU battery saver
  • Helo
  • Shareit
  • Kwai
  • UC Browser
  • Baidu map
  • Shein
  • Likee
  • Club Factory
  • Newsdog
  • Beutry Plus
  • WeChat
  • UC News
  • QQ Mail
  • Weibo
  • Xender
  • QQ Music
  • QQ Newsfeed
  • Bigo Live
  • SelfieCity
  • YouCam makeup
  • Mi Community
  • CM Browers
  • Virus Cleaner
  • APUS Browser
  • ROMWE
  • Mail Master
  • Parallel Space
  • Mi Video Call – Xiaomi
  • Cam Scanner
  • Clean Master – Cheetah Mobile
  • Wonder Camera
  • Photo Wonder
  • QQ Player
  • We Meet
  • Sweet Selfie
  • QQ Security Center
  • QQ Launcher
  • U Video
  • V fly Status Video
  • Mobile Legends
  • DU Privacy
  • Baidu Translate
  • Vmate
  • QQ International

भारत में चाइना का व्यापार

भारत में लगभग 100 करोड से ज्यादा लोग ऐसे हैं जो चाइनीस ऐप को यूज करते हैं। इस हिसाब से भारत चीन के इन मोबाइल एप्लीकेशन का सबसे बड़ा बाजार है। आप सोचिए अगर यह सारे मोबाइल ऐप दुनिया के सबसे बड़े बाजार से बाहर हो जाएं, तो इन पर कितना असर पड़ेगा। चीन पर कितना असर पड़ेगा।
भारत वैसे भी दुनिया के लिए सबसे बड़ा सोशल मीडिया का बाजार है। क्योंकि भारत में 100 करोड़ से ज्यादा लोग इंटरनेट का यूज करते हैं। भारत ने पूरी दुनिया को यह संदेश दे दिया है, कि अगर कोई देश भारत की तरफ आंख उठाकर भी देखेगा। तो उसे दुनिया के सबसे बड़े बाजार का 1% हिस्सा भी नहीं मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर चीन के रिश्ते नहीं बिगड़ते तब भी इन एप्स को भारत में ऑपरेट करने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए थी।

एक आकलन के मुताबिक चीन की सारी एप्स दुनिया भर से जो कमाई करते हैं। उसका औसतन 30-40% हिस्सा भारत से आता है। आप सब लोगों की जेब से आता है।
उदाहरण के लिए Tik Tok इस साल सितंबर तक भारत से 100 करोड रुपए कमाना चाहता था। यह सिर्फ भारत में चाइनीस एप की कमाई का एक छोटा सा उदाहरण था।
लेकिन भारत से चीनी एप की विदाई हो जाने के बाद भारत से हजारों करोड़ रुपए कमाने का यह सपना कभी पूरा नहीं हो पाएगा।
चीन के यह एप्स हवा के रास्ते भारत के लोगों के दिमाग को चीन का एक विचारक निवेश बना रहे थे। जिसे soft power कहते हैं।

इसीलिए भारत ने चीन के सॉफ्ट पावर पर एक अभूतपूर्व Digital Air Strike की है।ठीक ऐसे ही जैसे 2019 में भारत ने पाकिस्तान के बालाकोट स्ट्राइक की थी और 2016 में Pakistan Occupied Kashmir (POK) में सर्जिकल स्ट्राइक करके पाकिस्तान को करारा जवाब दिया था।
इसलिए आज भारत सरकार को इस बहुत बड़े फैसले का विश्लेषण जरूरी है,
और इस फैसले के दो आयाम है-

आर्थिक दृष्टि से इसका क्या विश्लेषण हो सकता हैं

क्योंकि चीनी कंपनियों को, चीन को, चीन की community पार्टी को, सभी को इसका नुकसान झेलना पड़ेगा और इससे आपके जीवन में भी बदलाव आएगा और आप यह समझ जाएंगे कि अब चीनी सामान के बहिष्कार का समय आ गया है।

पूरी दुनिया इस कदम को किस नजर से देखने वाली है तो भारत की तरफ से पूरी दुनिया को यह संदेश है कि सीमा पर जो विवाद चल रहा है इसमें भारत ना तो किसी से डरने वाला है, ना ही दबने वाला है और ना ही अपने कदम पीछे हटाने वाला है।

निष्कर्ष

China apps के बैन हों जाने से भारत को कोई हानि नहीं हुई हैं। ऐसा करने से भारत ने china को सीधी चुनोती दी हैं।

Tiktok पर India के 30% Users videos publish करते थे। लेकिन आज भारत ने china के इस व्यापार पर रोक लगा कर बहुत बड़ा फैसला किया हैं। इस से हमारे देश का विकास होगा..लोगो को पता लगेगा India भी china से कम नहीं है। India के पास भी वो ही सब apps है जो china के पास।

इस बात को आज सब स्वीकार भी करेंगे।
हर जगह “Made in india” होगा।

happy father's day - Exclusive Samachar

Father’s Day 21 जून 2020

मां और बाप दोनो जिंदगी के अनमोल तोहफे हैं। मां बाप हर बच्चे के पहले गुरु होते हैं। बच्चा जैसे ही गर्भ में आता है तो माँ बाप को उसकी बहुत परवाह होती है, मां बाप सपने संजोते हैं, और जैसे ही बच्चा पैदा होता है तो फिर तो माँ की ममता और बाप का प्यार पूरी तरह से अपने बच्चे के लिए छा जाता है।मां को भगवान का दर्जा दिया गया है हमारे धर्मों में। मां हमें जन्म देती है ओर पिता पालनहार होता है। जिस तरह दुनिया मां के सम्मान में mother’s day मनाती है , उसी तरह पिता के सम्मान में father’s Day मनाया जाता है।हर वर्ष जून महीने के तीसरे रविवार को Father’s Day मनाया जाता है।

कैसा होना चाहिए एक पिता को अपने बच्चों के लिए

How a father should be? - Exclusive Samachar

मां और बाप दोनो का प्यार और उनकी सही सलाह बच्चे के लिए सबसे बड़ा सहयोग होती है, क्योंकि हम बात कर रहे हैं father’s day पर तो एक पिता को अपने बच्चों के साथ एक दोस्त की तरह रहना चाहिए ,ताकिआपके बच्चे आपके साथ हर छोटी छोटी बात करें।क्योंकि शुरू से ही अगर आपके बच्चे आपके साथ हर छोटी से छोटी और बड़ी से बड़ी बात शेयर करेंगे तो आपको उनके बारे में सब पता होगा, उनके friend circle का ज्ञान होगा। अगर आपको लगता है कि आपका बच्चा गलत संगत में पड़ रहा है , तो आप उसे समझाकर अच्छे नेक रास्ते पर लेकर जाएंगे।क्योंकि वो बच्चा आपका खून है और मां बाप कभी भी अपने बच्चे को गलत रास्ते पर नही लेकर जाएंगे।आपका बच्चा कभी भी अकेलापन महसूस नही करेगा।

चाहे बेटा है या बेटी आप उसे अच्छे नेक संस्कार दे ताकि वो हर अच्छे नेक क्षेत्र में आपका नाम रोशन कर दे

इसके लिए fathers को एक छोटा सा काम करना होगा।आप राक्षश पिता मत बनिये बल्कि बहुत cool और एक best friend की तरह अपने बेटे और बेटी के साथ रहिए।हां, अगर आपका बच्चा कोई गलती करता है तो उसे प्यार से समझाइए की नही बेटा, ये सही है और ये गलत ।

Father’s Day Kaise Manaye Jata Hai?

अपने पिता के लिए जो प्यार एक बेटा या बेटी का होता है वो वाकई बयान नही किया जा सकता।
आप अपनी तरफ से अपने father को बहुत सारे गिफ्ट दे सकते हैं। अपने पिता का हमेशा सम्मान कीजिये।Fathers Day को Cake काटकर,  अच्छे-2 Gifts देकर , Greetings देकर मनाया जाए तो कहना ही क्या है और इसके साथ ही ये प्रण किया जाए कि पिता का सम्मान हमेशा करेंगे तो फिर कहना ही क्या।

कोरोना काल में कैसे मनाये Father’s Day

इस कोरोना काल में बाहर न निकलना ही अच्छा है ।इसलिए बेहद जरूरी है कि आप घर पर रहकर ही 21 जून के दिन Celebrate करें।घर पर Cake बना सकते हैं जैसे मिल्क केक काफी अच्छा Option है।इसके अलावा अपना समय अपने  पिता के साथ बिताएं, अगर कभी कुछ गलत बोला गया हो तो उसके लिए अपने पिता से माफी मांगे।हर ऐसा नेक कार्य करें जिससे आपके पिता को बेहद खुशी हो और आप पर गर्व हो ।

कब हुई रक्तदाता दिवस मनाने की शुरुआत

आइए blood donation ke fayde को जानने से पहले विश्व रक्तदाता दिवस पर कुछ रोचक तथ्यों के माध्यम से जाने। इस दिवस को मनाने की शुरुआत सबसे पहले वर्ष 2004 में की गई। वर्ष 1997 में World Health Organisation (WHO) ने  100 फ़ीसदी स्वैच्छिक रक्तदान की शुरुआत की। उनका लक्ष्य ये था की विश्व के 124 देश अपने यहाँ स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा दे। उनका उद्देश्य था की ख़ून की जरूरत पड़ने पर किसी को भी पैसे देने की जरूरत ना पड़े लेकिन इस पर लगभग 49 देशों ने ही अमल किया। कई देशों में 80 प्रतिशत रक्त दाता पैसे नहीं लेते। लेकिन कई देश ऐसे भी हैं जहाँ रक्तदाता पैसे लेते हैं इसमें भारत भी शामिल है, और वहीं कुछ देश ऐसे भी है जहां रक्तदाता निशुल्क रक्तदान करते हैं।

आखिर 14 जून को ही रक्तदान दिवस क्यों मनाया जाता है?

कार्ल लैंडस्टाइनर एक महान वैज्ञानिक थे। जिनका जन्म 14 जून 1868 में हुआ था। उन्होंने मानव रक्त में उपस्थित  एग्लूटिनिन की मौजूदगी के आधार पर  रक्तकणों का अलग अलग समूहों A,B,O में वर्गीकरण कर  चिकित्सा विज्ञानं में अपना अहम योगदान दिया। जिसके बाद से ही ब्लड ग्रुप का पता लगाना आसान हुआ। वर्ष 1930 में इनको नोबल पुरष्कार से भी  सम्मानित किया गया। इस कारण हर वर्ष  रक्तदान को बढ़ावा देने व रक्तदाताओं का धन्यवाद करने के लिए  14 जून को सारी दुनिया में  वर्ल्ड डोनर डे मनाया जाता है।

रक्तदान करना क्यों जरूरी है?

रक्तदान करना आज कई कारणों से जरूरी होता जा रहा है, क्योंकि रक्तदान से खून का थक्का नहीं जमता इससे खून कुछ मात्रा में पतला हो जाता और दिल की बीमारियां होने का खतरा नहीं रहता।इस से दूसरों को जीवनदान दिया जा सकता है। अब तक किसी ऐसी मशीन का पता नहीं लगा है जो कृत्रिम खून तैयार कर सके। किसी रक्तदाता के द्वारा रक्तदान करने पर ही खून की कमी को पूरा किया जा सकता है। हर साल करोड़ों लोगों को रक्त की जरूरत होती है पर कुछ नसीबवालों को ही रक्त मिल पाता है। सिकल सेल के मरीज को कई बार ब्लड डोनेशन की जरूरत पड़ती है। अकेले एक कार एक्सीडेंट में ही 100 यूनिट रक्त की जरूरत पड़ सकती है।एक बार ब्लड डोनेशन करने से या 3 जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। 

रक्तदान को लेकर भ्रातियाँ

‘रक्तदान करेंगे तो कमजोर हो जाएंगे’ लेकिन ऐसा नहीं है एक या 2 दिन में पूरी तरह से पिछली हालत में पहुंचा जा सकता है।

‘रक्तदान करने के बाद सामान्य तरीके से काम नहीं कर पाएंगे’ बिल्कुल कर सकते हैं सिर्फ 12 घंटे तक  heavy exercise ना करें 

‘काफी वक्त निकाल लिया जाएगा’ सिर्फ (1 unit)350ml रक्त ही लिया जाता हैं। एक औसत व्यक्ति के शरीर में 5 से 6 लीटर (10 unit) खून होता है। रक्तदान करना बहुत ही आसान है।इस से डरने की जरुरत नहीं है।

‘ब्लड प्रेशर ज्यादा रहता है इसलिए ब्लड डोनेट(Blood Donate) नहीं कर सकते’ अगर रक्तदान के समय रक्तचाप 180 सिस्टॉलिक और 100 डायस्टॉलिक है, तो आप ब्लड डोनेट कर सकते हैं।

रक्तदान कैसे किया जाता है

सबसे पहले आप का रजिस्ट्रेशन होता है। आपका नाम, उम्र, पता आदी जानकारी ली जाती है।

Medical History ली जाती है।

आपका mini-physical चेकअप किया जाता है। जिसमें आपका ब्लड प्रेशर,  pulse rate,weight, temperature,  ब्लड ग्रुप और Hemoglobin लेवल की जांच की जाती है।

कुछ सावधानियां बरतें

1.जहां से ब्लड डोनेट किया है, सुई लगने की जगह को 10 से 15 मिनट तक दबाकर रखें।

2.अगले 4 घंटे खूब सारा तरल पदार्थ लेना चाहिए, जैसे-पानी ,नींबू पानी, जूस, दूध छाछ आदि।Heavy एक्सरसाइज 1 दिन तक नहीं करनी सिगरेट 30 मिनट तक नहीं पीनी चाहिए।

3.30 मिनट तक गाड़ी ना चलाएं।खाना रोज जितनी मात्रा में ही लेना चाहिए। शराब 6 घंटे तक नहीं पीनी चाहिए।

4.खून देने के बाद अगर चक्कर आए तो लेट जाएं और अपने पैरों को ऊपर उठा ले और खूब पानी पिएं।

blood donation ke fayde - Exclusive Samachar

 रक्तदान कौन कर सकते हैं?

1.कोई भी स्वस्थ व्यक्ति जिसकी उम्र 18 साल से 65 साल के बीच की हो वह रक्तदान कर सकता है।

2. जिसका वजन 45kg से अधिक हो वो रक्तदान कर सकता है।

3.जिसने पिछले 3 महीने से रक्तदान नहीं किया वह रक्तदान कर सकता है।

4. जिसे पीलिया, मलेरिया मधुमेह, एड्स, एचआईवी हेपेटाइटिस बी या सी जैसी बीमारियां ना हो वह रक्तदान कर सकते हैं। 

5.रक्तदाता ने शराब या कोई नशीली दवा नाली हो।

6. रक्तदाता की पल्स रेट 50 से 100/min के बीच हो। 

7.शरीर का तापमान 99.5°F से कम हो।

8. खून में हीमोग्लोबिन की मात्रा 12.5 gm/dl से ज्यादा होना  चाहिए।

9. पुरुष 90 दिन और महिलाएं 120 दिन बाद दोबारा ब्लड डोनेट कर सकते हैं।

कौन नहीं कर सकता रक्तदान

1.बच्चों को स्तनपान करने वाली महिला।

2. महावारी के दौर से गुजर रही महिला।

3. पिछले ब्लड डोनेशन के समय काफी चक्कर या थकावट महसूस की हो।

4. अगर आपको कोई drug addiction हो तो आप ब्लड डोनेट नहीं कर सकते

रक्तदान के फायदे

blood donation ke fayde: वैसे तो हम में से अक्सर कई लोग ब्लड डोनेट करते हैं ऐसा करके लोगों की जान बचाई जा सकती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ब्लड डोनेट करना हमारे लिए कितना फायदेमंद है।आइए जानते हैं रक्तदान के फायदे:-

मोटापे से बचाव: नियमित ब्लड डोनेट करने से कैलरी और फैट तेजी से burn  होता है, जो मोटापे से बचाता है। 

Iron Level: नियमित तौर पर ब्लड डोनेट करने से आयरन लेवल बैलेंस रहता है जिस से hemochromatosis बीमारी से बचाव होता है।

कैंसर से बचाव: खून में ब्लड का लेवल maintain रहने और नए tissue बनने से कैंसर से बचाव होता है।

हेल्दी हार्ट और लीवर: शरीर में ज्यादा आयरन जमा होने से हर्ट और लीवर डैमेज होने का खतरा बना रहता है लेकिन नियमित ब्लड डोनेट करने से इससे बचा जा सकता है।

बेहतर ब्लड सरकुलेशन:नियमित ब्लड डोनेशन से रक्त का    circulation  अच्छा रहता है इससे शरीर में ऑक्सीजन की सप्लाई अच्छे से होती है।

हार्ट अटैक से बचाव: ब्लड सरकुलेशन अच्छा होने से  arteries में  blockage or clotting की समस्या नहीं होती इसे heart attack होने का खतरा नहीं रहता।

New Blood Cell:Blood डोनेट करने से हुई कमी को दूर करने के लिए तुरंत  नए ब्लड सेल बनने लगते हैं जिससे स्वास्थ्य अच्छा रहता हैं।

Cholesterol or B.P. control:नियमित तौर पर blood donate करने से cholesterol level भी कम रहता है, और बीपी भी कम रहता है।

Health checkup: ब्लड डोनेशन के दौरान ब्लड की जांच भी होती है जिससे बीमारियों के बारे में पता चल जाता हैं।

Healthy Brain:Research में पाया गया कि नियमित ब्लड डोनेट करने से इंसान को खुशी मिलती है जिस से  Brian healthy होता हैं ।

आइये आज हम जानते है विश्व पर्यावरण दिवस से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी। वैसे तो आप सब जानते ही होंगे, कि सम्पूर्ण विश्व में ५ जून का दिन विश्व पर्यावरण दिवस के रूप में मनाया जाता हैं। लेकिन आज हम इस विषय से जुड़ी हर रोचक जानकारी आपके सामने प्रस्तुत करने जा रहे हैं।
जो शायद आपने आज तक ना सुनी हो।

पर्यावरण दिवस की शुरुआत

पर्यावरण प्रदूषण की गम्भीर समस्या पर सन 1972 में संयुक्त राष्ट्र संघ (UN) ने स्वीडन में संपूर्ण विश्व के देशों का पहला पर्यावरण सम्मेलन आयोजित किया गया। जिसमें ११९ देशों द्वारा भाग लिया गया।

इसी सम्मेलन में पर्यावरण की सुरक्षा और संरक्षण हेतु नागरिकों को अवगत कराने का निर्णय लिया गया और संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) की स्थापना की गई।
उस समय संयुक्त राष्ट्र 5  से 16 जून तक मानव संयुक्त राष्ट्रीय कार्यक्रम (UNE) और आम सभा के द्वारा पर्यावरण दिवस की स्थापना की गई।

इसी दिन से प्रतिवर्ष 5 जून का दिन विश्व भर में पर्यावरण दिवस के रूप में मनाया जाने लगा।
पर्यावरण के प्रति जागरूकता और राजनीतिक चेतना जागृत करने के लिए यह दिवस मनाया जाता हैं ।

पर्यावरण दिवस बनाना क्यों हुआ अत्यंत जरूरी

अक्सर माना जाता है कि पर्यावरण और हमारे जीवन का अटूट सम्बंध हैं, लेकिन फिर भी हमारे लिए अलग से पर्यावरण की सुरक्षा और विकास का संकल्प लेना अति आवश्यक हैं।
यह हमारे लिए अत्यंत शर्मनाक बात हैं।

 क्योकि हम ख़ुद को अपनी रोजमर्रा की ज़िंदगी मे कुछ इस तरह से व्यस्त कर लेते है कि कुदरत के उपहार इस सुंदर प्रकृति जिसमें अलग अलग वनस्पति है, आसमान है, के बारे में सोच ही नही पाते, नतीजा यह होता है कि इससे पर्यावरण को अत्यंत क्षति पहुँचती है। और ये हमारे लिए ही घातक हो जाता है।

इस सम्बंध में इंदिरा गांधी जी के विचार

तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जी ने पर्यावरण की बिगड़ती हालत को लेकर अपनी चिंताओं को जाहिर किया था।
अंतरास्ट्रीय स्तर पर पर्यावरण की सुरक्षा के लिए भारत का ही पहला क़दम माना जाता हैं, जो कि हमारे लिए अत्यंत गौरव की बात हैं।

विश्व भर में यह दिन कैसे मनाया जाता है

पर्यावरण दिवस का संचालन संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम के द्वारा किया जाता हैं।

यह सम्मेलन प्रत्येक वर्ष अलग-अलग शहरों द्वारा अलग-अलग theme  के साथ किया जाता हैं।

पर्यावरण दिवस पर 2016 की theme “जीवन के लिए वन्यजीवन में ग़ैरकानूनी व्यापार के खिलाफ संघर्ष” के अनुसार सभी देशों के लोगो को साथ मिलकर जलवायु परिवर्तन के साथ मुकाबला औऱ जंगलो को सुधारने के लिए समझौता था।

पर्यावरण दिवस का विश्व भर में जश्न

प्रतिवर्ष पर्यावरण दिवस पूरे विश्व में धूमधाम से मनाया जाता हैं, इस दिन भिन्न-भिन्न प्रकार की गतिविधियां लोगों द्वारा देखने को मिलती हैं।
जैसे कि –

पर्यावरण संरक्षण के लिए विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन करना जिसमें
वृक्षारोपण करना,कला व चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन करना इत्यादि के साथ
 साथ प्रश्नोतरी प्रतियोगिता, वाद-विवाद, निबन्ध लेखन, भाषण जैसी अनेकों क्रियाएँ इस दिन की जाती हैं।

विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में 2009 में चेन्नई और बैंगलोर में पर्यावरण के अनुकूल बुनियादी ढ़ांचे और ग्लोबल वार्मिंग पर अंकुश लगाकर, सभी के लिए ई-कचरा के प्रबंधन के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम, वन्य जीव संरक्षण, वर्षा के पानी का संरक्षण, ऊर्जा स्त्रोतों का पुनः उपयोग और अन्य प्रतियोगिताओं के माध्यम से मेले का निर्माण किया गया था।

पर्यावरण दिवस बनाने का लक्ष्य

विश्व पर्यावरण दिवस की स्थापना वास्तव में हमारे ग्रह को सुंदर बनाने के लिए अनेकों योजनाओं और उद्देश्यों के साथ हुई थी।

क्योकि पर्यावरण की तरफ ध्यान केंद्रित करना , पर्यावरण को स्वच्छ रखना, पर्यावरण को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए पर्यावरण के लिए एक विशेष कार्यक्रम की स्थापना करना अत्यंत आवश्यक था।

यह दिवस हमें स्वस्थ जीवन के लिए स्वस्थ पर्यावरण के महत्व को समझाता हैं।
साथ ही सम्पूर्ण विश्व में पर्यावरण के अनुकूल विकास के लिए लोगों को प्रेरित करने में मदद करता हैं।

इस दिन का सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्य मनुष्यों को पर्यावरण के प्रति सचेत करने का हैं ।
यह दिन लोगों को सिखाता है कि सभी राष्ट्रों के लोगों के सुरक्षित औऱ समृद्धशाली भविष्य की उपलब्धता के लिए पर्यावरण का संरक्षण करना अंत्यंत आवश्यक हैं।

कैसे मनाया जाना चाहिए पर्यावरण दिवस

नाम से ही विदित है कि हमारे चारों और का वातावरण।

प्रकृति ने हमें बिल्कुल फ्री में ये पर्यावरण ,ये पेड़ पौधे, ऑक्सीजन दी है। कितने ही साल हम फ्री में ऑक्सीजन लेते है 

हमारा भी फ़र्ज़ है कि हम अपने आस पास के वातावरण को स्वच्छ रखें और ज्यादा से ज्यादा पेड़ पौधे लगाएं।

रोचक बात

गर सभी ये प्रण कर लें कि हम हर साल अपने इस महत्वपूर्ण दिन जो हमें सबसे प्यारे हैं, उन दिनों में पेड़ लगाएंगे और उनकी सम्भाल करेंगे।

तो मुझे लगता है धरती स्वर्ग जन्नत बन जाएगी। एक अलग ही आभा होगी धरती की और एक अलग ही खुशबू होगी आसमान में।

निष्कर्ष

हमारे पर्यावरण की स्तिथि दिन प्रतिदिन प्रदूषण की वजह से खराब होती जा रही हैं।

आज शहरों में शुद्ध वायु बिल्कुल भी नहीं मिल पाती हैं, काफ़ी लोग प्रतिवर्ष पर्यावरण प्रदूषित होने की वजह से अपनी जान तक गवा बठते है।

हमारे देश के हर नागरिक का यह कर्तव्य बनता है कि वह पर्यावरण की अच्छे से सुरक्षा करें।
अपने आस पास हरियाली औऱ वातावरण को स्वच्छ बनाएं रखें।

Chocolate Cake Kaise Banate Hain

अगर आपके घर में किसी का birthday है, anniversary है और कोरोना वायरस के डर से आप बाहर से केक नहीं लाना चाहते है ,तो आप घर पर भी बहुत ही कम समय और आसानी से कोई भी केक बना सकते है । Chocolate Cake सभी को बहुत पसंद होता है,  क्यों न घर पर ही इसे बनाया जाए। आप केक बिना अंडे का ही बनाए , क्योकि बिना अंडे वाला केक, अंडे से बने केक के मुकाबले ज्यादा स्वादिष्ट होता हैं ।

अंडे का प्रयोग मात्र एक Bind करने के लिए किया जाता है इसकी जगह हम Condensed Milk या अन्य किसी  Binding का भी उपयोग कर सकते है ।

तो आइए हम शुरुवात करते है बिना अंडे का स्वादिष्ट, मजेदार Chocolate Cake बनाने की

Eggless Chocolate Cake Recipe बनाने के लिए आवश्यक सामग्री

  • मैदा – 200g
  • मक्खन या घी – 80g
  • कन्डेंस्ड मिल्क – 200 g
  • दूध – 1कप
  • काजू- 50g (बारीक कटे हुए)
  • किशमिश- 40-50 साफ
  • चीनी – 100g
  • बेकिंग पाउडर- 1 छोटी चम्मच
  • बैंकिंग सोडा- 3/4 छोटी चम्मच

घर पर Condensed Milk बनाने की विधि

Condensed Milk Banane Ki Vidhi: गाय के 1 kg दूध को अच्छे से गर्म करें ,अब इसमें आप 200 gm चीनी और 1 चुटकी भर सोडा डाल कर गर्म कीजिए ओर इसे चम्मच की सहायता से चलाते रहे ,जब यह दूध एक तिहाई रह जाए, तब गैस बंद कर दीजिए ,आपका Condensed Milk बनकर तैयार है।

चॉकलेट केक बनाने की विधि | Chocolate Cake Banane Ki Vidhi

Chocolate Cake Kaise Banate Hain: इस तरह बनाए केक का बैटर

  • केक बनाने के लिए सबसे पहले आपको बैटर तैयार करना है , इसके लिए आप एक बाउल में मैदा डालिए और अब उसमे बैंकिंग पाउडर और खाना सोडा मिलाकर इसे अच्छे से छान कर रख दीजिए और दूसरी तरफ मक्खन को पिघला लीजिए ओर चीनी को Mixi की सहायता से पीस कर बारीक पाउडर बना लीजिए।
  • अब एक कटोरी में मक्ख,चीनी और Condensed Milk को मिलाकर इस मिश्रण को अच्छे से फेंट लीजिए ,जब यह मिश्रण फ्लफी हो जाए तो इसमें हल्का दूध मिला लीजिए।
  • अब आप इसे पहलेबनाये हुए मैदा ओर बेकिंग पाउडर के मिश्रण में थोड़ा-थोड़ा कर के अच्छी प्रकार से मिलाइए ,ध्यान रखे कि इसमें किसी प्रकार की कोई भी गांठ न बचें।अब हम अपने तैयार किए गए मिश्रण में थोड़ी थोड़ी मात्रा में दूध मिलाएंगे ओर मिश्रण को पतला कर लेंगे अब फिर से हम इसको अच्छी प्रकार से फटेंगे ओर इसके पश्चात इसमे अच्छे से बारीक कटे हुए काजू,किशमिश डाल लीजिए।

Cake को bake करने के लिए कंटेनर में कैसे डाले

  • अब आप केक के बैटर को कंटेनर में डालने से पहले container को चिकना कर ले, चिकना करने के लिए आप घी या मखन का इस्तेमाल करें और इसके पश्चात इसके चारों ओर हल्की-हल्की मैदा फैला लीजिए, ताकि केक निकलते समय हमें किसी प्रकार की परेशानी न हो हमारा केक अच्छे से बाहर निकल जाए।
  • अब आप केक के बैटर को इस कंटेनर में भर दीजिए। ध्यान रखे आप बैटर भरने के बाद कंटेनर को अचे से हिला लीजिए ताकि वो हर तरफ से सेट हो जाए

Cake को इस तरह करिए bake

इसके लिए आप कुकर या ओवन किसी को भी उपयोग कर सकते है ।

ओवन में Cake कैसे करें bake

  • Egg-less chocolate cake बनाने के लिए आपओवन को आप 180 डिग्री सेंटीग्रेड पर preheat कीजिए ,इसके बाद आप कंटेनर को अच्छे से सेट कर के ओवन में रखिए और 25 Minutes तक केक को इसी तापमान पर बनने के लिए छोड़ दीजिए।
  • इसके पश्चात 25 Minutes बाद केक को ओवन से बाहर निकाल के चेक कीजिए कि वह बन गया है या नहीं

Tip: इसे चेक करने के लिए,आप केक में चाकू की नोक डाल कर देखें अगर चाकू पर केक चिपक रहा है मतलब हमारा केक अभी अच्छे से नही पका है ,हमें अभी और 10 Minutes केक को बेक करने की जरूरत है ओर अगर हमारा केक चाकू पर नहीं चिपक रहा मतलब हमारा केक पूरी तरह से तैयार है।

  • अब आप ओवन को बंद कर दीजिए और केक को ठंडा कर के उसे चाकू की सहायता से कंटेनर से बाहर निकल लीजिए,आपका एग्ग्लेस स्पंजी टेस्टी चॉकलेट केक बनकर तैयार है, आप आप चॉकलेट क्रीम से इस पर ड्रेसिंग कर सकते है।

Cooker में cake को कैसे करें bake

  • कुकर में केक बनाने के लिए हमे सबसे पहले कुकर के अंदर 1 कटोरी नमक फैलाना है जिससे की हमारे केक के container का तला कुकर के तले से touch ना हो ।
  • इसके बाद आप कुकर को 2-3 Minutes के लिए तेज आँच पर रखे। 2 मिनट में हमारा कुकर अच्छे से गर्म हो जाएगा ।अब जैसे हमने ओवन कमें केक बनाते समय किया था ।वैसे ही container में घी और चारों ओर मैदा डालिये जिससे कि हमे केक निकलते समय कोई भी परेशानी ना आए ।
  • अब कंटेनर में केक के मिश्रण को फैला लीजिए और गर्म किए हुए कुकर में रख दीजिए और कुकर का ढक्कन बन्द कर दीजिए।लेकिन याद रखे हमे ढक्कन को उसकी सीटी को हटा के ढकना है।अब केक को 40-50 minutes तक पकने दे ।

आपका केक पूरी तरह बन गया है या नहीं, इसके लिए ऊपर बताएं गए टिप का इस्तेमाल करें, जब केक पूरी तरह से तैयार हो जाए तो इसमें  सजावट के लिए आप मेवो का इस्तेमाल भी कर सकते है।

इस रेसिपी को इस्तेमाल पर घर पर ही आसान तरीके से Chocolate Cake banaye और अपने विचार हमें comment बॉक्स में जरूर शेयर करें ।

Writing Credits: Sonakshi

दिल्ली का खान मार्किट (Khan Market in Delhi) बना दुनिया का 20 वां सबसे महंगा मार्किट और भारत का सबसे महंगा बाजार।

देश की राजधानी दिल्ली में एक ऐसी सड़क का बाजार जो देश की सबसे महँगी मार्किट है, और पूरी दुनियां में 20 वें नंबर पर सबसे महंगी है और ये मार्किट है ” दिल्लीकीखानमार्किट“।

1951 में ये मार्किट स्वतंत्रता सेनानी खान अब्दुल जब्बार खान के सम्मान में स्थापित की गई, और इसका नाम खान मार्किट पड़ा। 2019 में एक रियल एस्टेट फर्म द्वारा इस मार्किट को पूरी दुनिया की 20 वीं सबसे महंगी मार्किट घोषित कर दिया गया है।

खान मार्किट में दुकान लेने का सालाना औसत किराया 243 डॉलर (17,445) रुपये प्रति वर्ग फुटहै।

तो आइए जानते है देश की सबसे महंगी खान मार्किट की लोकेशन!!!

खान मार्किट रविन्द्र नगर, नई दिल्ली क्षेत्र में है, दक्षिणी दिल्ली में स्थापित ये मार्किट दिल्ली के कनॉट पैलेस को पीछे छोड़ गया है।

क्यों कि विश्व के सबसे महंगे मार्किट की सूचीमें शामिल होना और उस सूची में भी 20 वेंस्थान पर आना, यह अपने आपही सभी काध्यान अपनी और आकर्षित कर रही है।

Things to do in Khan Market in New Delhi

दिल्ली के पॉश इलाके में ये खान मार्किट जहां पर mostly सभी ब्रांडेड शोरूम, मॉल, खाने की दुकान और बहुत सारे खरीदारी केंद्र हैं।

खान मार्किट न केवल महंगा है, बल्कि यहां पर आश्चर्यजनक चीजें भी देखने को हैं, यहां पर जो भी हम देखते हैं उनमें से काफी चीज़ें हमें घर ले जाने की इच्छा होती है | इस मार्किट को न केवल दिल्ली के प्रभावशाली लोगों द्वारा पसंद किया जाता है, बल्कि पर्यटकों चाहे वो अपने देश के हो या विदेश से आये हों सभी को ये बाजार अपनी और आकर्षित करता है ।

“खान मार्किट” में ऐसा क्या है जो इसे सबसे अलग और आकर्षक बनाता है।

  • Fashion Boutiques
  • Amazing Tailors Shops
  • Mind Blowing stationary Items
  • Caffe

जिन लोगों को stationary का समान पसन्द हैं उनके लिए जगह – जगह हस्तनिर्मित कागज, कागज के गहने और अन्य उत्सव की तैयारी हेतु सजावट का समान उपलब्ध है।

इसके अलावा top malls हैं, दिनचर्या का सामान, Lifestyle Store खान मार्किट में सब उपलब्ध है।

खान बाजार भारत का सबसे महंगा बाजार क्यों है?

एक रिपोर्ट में ये सामने आया है कि इंडिया में अच्छे मॉल और ब्रांडेड मार्केट न होने की वजह से किसी विशेष जगह का डिमांड तेजी से बढ़ रहा है और भारत में ऐसे नाम मात्र ही जगह है जहां विश्व के नामी ब्रांडेड शोरूम हो लेकिन पिछले कुछ सालों से खान मार्केट इस तर्ज पर थोड़ा तेजी से बढ़ा है।यही कारण है कि खान मार्किट अब Indians और बाहर से आने वाले tourists का मन मोहने लग गया है |

दिल्ली के खान मार्किट में जाएं तो इसके बिना वापिस नही आएं

खान बाजार में जाएं और खान चाचा के टिक्के ना खाएं तो यात्रा और घूमना अधूरा ही रहेगा, इसलिए ध्यान रखिये जब भी दिल्ली के खान मार्किट में जाएं तो खान चाचा के टिक्के जरूर खाएं । दिल्ली निवासी इन टिक्कों के लिये तरसते देखें गए हैं |